बिहार में चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदल गया है। राजधानी पटना समेत राज्य के कई जिलों में बादल छाए हुए हैं और कुछ इलाकों में बूंदाबांदी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने गुरुवार 29 अक्टूबर को प्रदेश के 26 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इनमें छह जिलों में भारी बारिश की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट और 20 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन तेज हवा, आकाशीय बिजली और जलजमाव की आशंका ने प्रशासन के साथ आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार चक्रवाती तूफान अर्णब का प्रभाव 29 और 30 अक्टूबर को बिहार के कई हिस्सों में अधिक देखने को मिल सकता है। पटना में सुबह से ही मौसम बदला हुआ नजर आया। आसमान में बादल छाए रहने के साथ कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। आने वाले घंटों में कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। इसके साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
राज्य के छह जिलों भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और बक्सर में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। लगातार बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी जमा होने और सड़कों पर जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है। तेज हवा के साथ बारिश होने से आवागमन प्रभावित होने की आशंका भी है। इन इलाकों के लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पटना समेत 20 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, पटना, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, नवादा और गया शामिल हैं। इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवा और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम का असर अलग-अलग इलाकों में अलग हो सकता है, इसलिए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर ध्यान देने की जरूरत है।
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में विकसित हुए चक्रवाती तूफान अर्णब ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया था। इसके बाद तूफान कमजोर हुआ है, लेकिन इससे जुड़ी मौसमी परिस्थितियों के कारण बिहार समेत पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बिहार में 31 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। हालांकि, बारिश की मात्रा और तीव्रता जिले के अनुसार अलग-अलग रहने का अनुमान है।
लगातार बारिश से शहरी क्षेत्रों में यातायात प्रभावित होने और निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या पैदा होने की आशंका है। ग्रामीण इलाकों में भी कच्चे रास्तों और खेतों में पानी जमा होने से परेशानी हो सकती है। तेज हवा और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदानों में रहने, पेड़ों के नीचे खड़े होने तथा बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना अधिक जरूरी है।
बदलते मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी धान की फसल और केले, पपीते समेत अन्य फसलों पर तेज हवा और भारी बारिश का असर पड़ सकता है। जिन इलाकों में अधिक बारिश होगी, वहां खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और कृषि कार्य करते समय मौसम खराब होने के संकेत मिलने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
बारिश के कारण बिहार के कई जिलों में तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। इससे गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है। हालांकि, अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवा की संभावना को देखते हुए लोगों को अपनी दिनचर्या में सावधानी बरतनी चाहिए। मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि खराब मौसम के दौरान किसी तरह की परेशानी और नुकसान से बचा जा सके।









