महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने महायुति गठबंधन पर कड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि नगर निकाय चुनावों में वोट हासिल करने के लिए उम्मीदवारों को भारी रकम देकर हटाने की कोशिश की जा रही है।
मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने महायुति गठबंधन पर तीखा हमला किया। ठाकरे ने आरोप लगाया कि महायुति के नेता विकास कार्य करने का दावा तो करते हैं, लेकिन असल में वे नगर निकाय चुनावों में वोट हासिल करने के लिए पैसों की पेशकश कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों में कई तरह की अनियमितताएं हो रही हैं, लेकिन पुलिस और चुनाव तंत्र इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं।
उम्मीदवारों को चुनाव से हटाने के लिए पैसे की पेशकश
सोलापुर में विद्यार्थी सेना के एक नेता की हत्या का जिक्र करते हुए ठाकरे ने कहा कि कुछ उम्मीदवारों को चुनाव से रोकने के लिए “एबी फॉर्म निगलने” जैसी अजीबोगरीब घटनाएं भी सामने आई हैं। उन्होंने मंच से अपने पार्टी के उम्मीदवारों का उदाहरण दिया। ठाकरे ने बताया कि कल्याण-डोंबिवली के उम्मीदवारों शैलेश, मनीषा और पूजा धत्रक को 15 करोड़ रुपये की पेशकश की गई, जबकि उम्मीदवार सुशील अवते ने 1 करोड़ रुपये की रिश्वत ठुकरा दी। इसके अलावा, राजश्री नाइक को 5 करोड़ रुपये की पेशकश हुई, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया।
ठाकरे ने कहा, “इन सभी उम्मीदवारों ने प्रस्ताव ठुकराकर मैदान में बने रहकर महाराष्ट्र के स्वाभिमानी खून को साबित किया।” उनका यह भी कहना था कि यह सिर्फ व्यक्तिगत स्तर की कोशिश नहीं है, बल्कि महायुति द्वारा चुनाव को “बाजार” बनाने की कोशिश की जा रही है।

वोट खरीदने का आरोप
राज ठाकरे ने दावा किया कि महायुति गठबंधन प्रति घर 5,000 रुपये बांटकर वोट खरीदने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनता को यह समझना चाहिए कि विकास कार्यों का दावा करने के साथ-साथ यह चुनावी भ्रष्टाचार और पैसे बांटकर वोट लेने की गतिविधियां भी सामने आ रही हैं। ठाकरे ने जोर देकर कहा कि चुनाव से संबंधित अनियमितताओं पर पुलिस और चुनाव तंत्र पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं। उनका कहना था कि इन मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना और जनता को सचेत करना जरूरी है।
महाराष्ट्र में कुल 29 नगर निकायों के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा और मतगणना अगले दिन 16 जनवरी को होगी। इस दौरान मनसे का जोर है कि मतदाता चुनावी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से सतर्क रहें। राज ठाकरे की इस टिप्पणी को राजनीतिक विश्लेषकों ने चुनाव में बढ़ते दबाव और भ्रष्टाचार के खिलाफ चेतावनी के रूप में देखा है। उन्होंने कहा कि यह संकेत देता है कि छोटे और मध्यम राजनीतिक दल भी बड़े गठबंधनों के चुनावी रणनीतियों पर नजर रख रहे हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।












