बंगाल में SIR पर ममता बनर्जी गरम, पीएम मोदी ने सांसदों को संयम बरतने के दिए निर्देश

पश्चिम बंगाल में SIR मुद्दे को लेकर ममता बनर्जी का रुख सख्त होता जा रहा है। इस बीच पीएम मोदी ने पार्टी सांसदों को बयानबाजी में संयम बरतने के निर्देश दिए हैं।

पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी इस मुद्दे पर बेहद आक्रामक हैं और लगातार बीजेपी और केंद्र सरकार को निशाने पर ले रही हैं।

PM Modi Bengal MP Meet: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR – Special Intensive Revision) को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी इस मुद्दे को लेकर बेहद आक्रामक दिखाई दे रही हैं। उन्होंने लगातार बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह प्रक्रिया मतदाताओं को परेशान करने और राज्य पर राजनीतिक कब्जा करने की चाल है।

इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के बीजेपी सांसदों को शीतकालीन सत्र के दौरान निर्देश दिया कि वे इस मुद्दे पर संयमित और संतुलित बयान दें। उन्हें विशेष रूप से किसी तरह के बड़े या आंकड़ों वाले दावे करने से बचने की सलाह दी गई। इसका मकसद बंगाल में राजनीतिक घमासान को और बढ़ने से रोकना बताया जा रहा है।

पीएम मोदी ने सांसदों को दी बड़बोलेपन से बचने की सलाह

सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने संसद परिसर में अपने कार्यालय में पश्चिम बंगाल के सांसदों के साथ लगभग 45 मिनट तक बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि SIR अभियान केवल एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योग्य मतदाता की सूची में शामिल हों और अयोग्य मतदाताओं के नाम हट जाएं।

पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत आंकड़ा या भविष्यवाणी देने से बचें, जैसे कि कितने मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया को राजनीतिक मुद्दा बनाने की आवश्यकता नहीं है। एक सांसद ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा, हमें इस विषय पर आंकड़ों या अनुमानों के आधार पर बयान नहीं देना चाहिए। इसे केवल प्रशासनिक रूप में रखें।

विशेष रूप से यह निर्देश इसलिए दिया गया कि बंगाल में बिहार जैसी स्थिति उत्पन्न न हो, जहां मतदाता सूची और NRC को लेकर विवाद व्यापक रूप से फैला था।

बंगाल में SIR पर ममता बनर्जी गरम, पीएम मोदी ने सांसदों को संयम बरतने के दिए निर्देश

बंगाल में SIR को लेकर राजनीतिक तनाव

ममता बनर्जी ने SIR अभियान पर लगातार तीखे तेवर अपनाए हैं। उन्होंने इसे बीजेपी की चाल करार देते हुए कहा कि इस प्रक्रिया के पीछे राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने और असली मतदाताओं को सूची से बाहर करने की साजिश है। इस बीच, केंद्रीय राज्य मंत्री और बनगांव के सांसद शांतनु ठाकुर के बयान ने सियासी हवा और गर्म कर दी थी। उन्होंने कहा कि SIR के बाद यदि कोई अयोग्य पाया गया तो सीधे गिरफ्तारी और डिटेंशन में भेजा जाएगा। 

ममता बनर्जी ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट किया कि उनकी सरकार राज्य में किसी प्रकार का डिटेंशन कैंप नहीं बनाएगी। इस बयानबाजी ने राज्य में SIR को वोटर परेशन और राजनीतिक हथियार के रूप में बदल दिया है। आगामी विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा बीजेपी और TMC के बीच मुख्य टकराव बिंदु बन सकता है।

पीएम मोदी का संदेश और रणनीति

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री और पूर्व पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और राज्य सरकार के गलत कार्यों के खिलाफ लड़ाई जारी रखी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी को बंगाल में जीत हासिल करनी है। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी की सलाह का उद्देश्य TMC को SIR को लेकर मुद्दा बनाने से रोकना और बीजेपी सांसदों को संयमित और तथ्य-आधारित संदेश देने के लिए प्रेरित करना था। यह रणनीति राज्य में राजनीतिक संतुलन बनाए रखने और चुनाव से पहले स्थिति को नियंत्रित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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