पुतिन की भारत यात्रा पर विवाद, राहुल गांधी बोले सरकार विपक्ष को मिलने से कर रही है वंचित

राहुल गांधी ने केंद्र पर विपक्षी नेताओं को पुतिन से मिलने रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र और कूटनीतिक पारदर्शिता के खिलाफ है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पुतिन की भारत यात्रा से पहले विपक्षी नेताओं को विदेशियों से मिलने से रोका जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और कूटनीतिक पारदर्शिता के खिलाफ बताया और सभी आवाज़ों को महत्व देने की अपील की।

New Delhi: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह विपक्षी नेताओं को विदेशी गणमान्य व्यक्तियों से मिलने से रोक रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक दृष्टिकोण और कूटनीतिक पारदर्शिता के खिलाफ बताया। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष भी देश का प्रतिनिधित्व करता है और इसे ऐसे अवसरों से वंचित करना ठीक नहीं है।

राहुल गांधी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्रियों अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में विपक्ष के नेताओं को विदेशी गणमान्य व्यक्तियों से मिलने की अनुमति होती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने इस परंपरा को बदल दिया है और विपक्ष के दृष्टिकोण को दबाने का प्रयास कर रही है।

विपक्ष का प्रतिनिधित्व

राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक भूमिका नहीं निभा रहा, बल्कि देश के हित में अलग दृष्टिकोण भी प्रस्तुत करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में सभी आवाज़ों को महत्व दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि विपक्ष को मिलने वाली सीमाओं से सरकार की असुरक्षा झलकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को अलग दृष्टिकोण रखने का अधिकार है और यह किसी भी कूटनीतिक वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राहुल गांधी का यह बयान भारत की कूटनीतिक पारदर्शिता और द्विपक्षीय संबंधों पर सवाल उठाता है।

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पुतिन की भारत यात्रा का एजेंडा

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा के लिए रूस से रवाना हो चुके हैं। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, आर्थिक सहयोग, विज्ञान और तकनीक, सांस्कृतिक और मानवीय क्षेत्रों में बातचीत करना है। यात्रा के दौरान भारत और रूस कई अहम समझौते और दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करेंगे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, 10 अंतर-सरकारी दस्तावेज़ और 15 से अधिक समझौते व ज्ञापन दोनों देशों की वाणिज्यिक और गैर-वाणिज्यिक संस्थाओं के बीच साइन किए जाएंगे। पुतिन इस दौरान 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में चर्चा करेंगे।

सुरक्षा को लेकर औपचारिक तैयारियां

पुतिन की भारत यात्रा को लेकर दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान तक हर गतिविधि पर निगरानी रखने के लिए कई सुरक्षा एजेंसियां एक साथ काम कर रही हैं। दिल्ली पुलिस ने बताया कि 5,000 से अधिक पुलिसकर्मी और उन्नत निगरानी प्रणाली तैनात की गई है।

सुरक्षा के लिए ड्रोन रोधी उपाय, उच्च गुणवत्ता वाले CCTV नेटवर्क और त्वरित प्रतिक्रिया दल सक्रिय हैं। इसके अलावा, वीवीआईपी आवाजाही वाले मार्गों पर विशेष सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। यह व्यवस्था पुतिन की यात्रा के दौरान किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए बनाई गई है।

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