बोलीविया ने अमेरिका के साथ ड्रग तस्करी रोकने के लिए 20 मिलियन डॉलर की सहयोग डील की है। इसके तहत सुरक्षा बलों को ट्रेनिंग और उपकरण मिलेंगे। दोनों देशों के रिश्तों में 18 साल बाद सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
वॉशिंगटन: दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया ने अमेरिका के साथ एक नया सुरक्षा और सहयोग समझौता किया है, जिसका उद्देश्य ड्रग तस्करी और संगठित अपराध से लड़ाई को मजबूत करना है। इस समझौते के तहत अमेरिका की ओर से 20 मिलियन डॉलर (लगभग 15 मिलियन पाउंड) तक की सहायता दी जाएगी, जिसका उपयोग बोलीविया की सुरक्षा एजेंसियों को प्रशिक्षित करने और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने में किया जाएगा। यह समझौता दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण रहे संबंधों में नरमी (diplomatic thaw) का संकेत माना जा रहा है।
18 साल बाद रिश्तों में सुधार: DEA विवाद से नई साझेदारी तक
यह समझौता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लगभग 18 साल पहले तत्कालीन राष्ट्रपति इवो मोरालेस ने देश से अमेरिकी ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) को निष्कासित कर दिया था।
उस समय बोलीविया और अमेरिका के रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए थे। लेकिन अब नए राजनीतिक नेतृत्व के तहत दोनों देश फिर से सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
नया नेतृत्व और सुरक्षा नीति में बदलाव
नए मध्यमार्गी राष्ट्रपति Rodrigo Paz के नेतृत्व में बोलीविया ने अपनी सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव किया है। देश अब अमेरिकी नेतृत्व वाले सुरक्षा गठबंधन “Shield of the Americas” का हिस्सा बन गया है। इस पहल का उद्देश्य पश्चिमी गोलार्ध में ड्रग तस्करी, संगठित अपराध और “नार्को-टेररिज्म” के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई करना है।
अमेरिकी सहायता पैकेज: प्रशिक्षण, उपकरण और खुफिया सहयोग
अमेरिकी दूतावास ने पुष्टि की है कि इस समझौते के तहत अमेरिका बोलीविया को प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। इस सहयोग का मुख्य लक्ष्य बोलीविया की उन संस्थाओं को मजबूत करना है जो सार्वजनिक सुरक्षा, आपराधिक जांच और संगठित अपराध से निपटने का काम करती हैं। बोलीविया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह समझौता देश की सुरक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने और अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क के खिलाफ क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कोका उत्पादन और ड्रग नेटवर्क की चुनौती
बोलीविया दुनिया के सबसे बड़े कोका उत्पादक देशों में से एक है। कोका पत्तियों से कोकीन तैयार की जाती है, जिसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग बाजार में अवैध रूप से सप्लाई किया जाता है। इसी कारण यह देश लंबे समय से ड्रग तस्करी नेटवर्क के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। नई डील का उद्देश्य इन अवैध नेटवर्क को कमजोर करना और सीमा पार तस्करी पर रोक लगाना है।
“Shield of the Americas” गठबंधन का विस्तार
बोलीविया ने इस साल फ्लोरिडा में आयोजित पहले “Shield of the Americas” सम्मेलन में हिस्सा लिया था, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस गठबंधन के सदस्य देशों ने हाल के महीनों में बोलीविया सरकार का समर्थन किया है, खासकर तब जब देश में विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक अस्थिरता का दौर चल रहा था। गठबंधन का मुख्य फोकस “नार्को-टेररिज्म” यानी ड्रग माफिया और आतंकवाद के मिश्रित खतरों से निपटना है।
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राजनीतिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय समर्थन
हाल ही में बोलीविया में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सड़क अवरोधों की घटनाएं देखने को मिली हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। 12 अन्य क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि वे बोलीविया सरकार के साथ खड़े हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करने वाली गतिविधियों की निंदा करते हैं।
ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त रणनीति
नए समझौते के बाद बोलीविया सरकार ने अपने सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने की योजना बनाई है। हाल ही में देश ने अपने “ड्रग ज़ार” एर्नेस्टो जस्टिनियानो को रक्षा मंत्री नियुक्त किया है, जो इस अभियान को और मजबूती देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ड्रग नेटवर्क पर नियंत्रण के लिए एक केंद्रीकृत रणनीति की शुरुआत है।
अमेरिका की वैश्विक ड्रग नीति और सैन्य कार्रवाई
अमेरिका ने हाल के वर्षों में ड्रग तस्करी रोकने के लिए अपनी रणनीति को और आक्रामक बनाया है। इसके तहत संदिग्ध जहाजों पर सैन्य कार्रवाई भी की गई है, खासकर कैरिबियन और प्रशांत महासागर में। रिपोर्टों के अनुसार, सितंबर के बाद से इन अभियानों में 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने इन कार्रवाइयों पर अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का सवाल भी उठाया है।
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग का नया अध्याय
Rodrigo Paz की सरकार के तहत यह समझौता लैटिन अमेरिका और अमेरिका के बीच सुरक्षा सहयोग में एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। यह साझेदारी न केवल ड्रग तस्करी से लड़ने पर केंद्रित है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता, राजनीतिक समर्थन और संगठित अपराध नेटवर्क को कमजोर करने की रणनीति का भी हिस्सा है।








