ब्रिटेन में एक्स बॉयफ्रेंड की खौफनाक हरकत: महिला के नाम से फेक डेटिंग प्रोफाइल बनाकर 18 लोगों को घर भेजा

ब्रिटेन में एक व्यक्ति ने एक्स गर्लफ्रेंड के नाम से फेक टिंडर प्रोफाइल बनाकर 18 लोगों को उसके घर भेज दिया है। कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया, जून में सजा होगीहै।

ब्रिटेन में एक व्यक्ति ने अपनी एक्स गर्लफ्रेंड के नाम से फेक डेटिंग प्रोफाइल बनाकर कई लोगों को उसके घर भेज दिया। इस घटना से महिला और उसके बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया है।

लंदन: ब्रिटेन से साइबर उत्पीड़न और बदले की भावना से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक 36 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड को परेशान करने और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए डेटिंग ऐप पर उसके नाम से फर्जी प्रोफाइल बना दी। आरोपी ने न केवल महिला की निजी जानकारी का दुरुपयोग किया, बल्कि कई अजनबियों को उसके घर तक भेज दिया, जिससे महिला और उसके परिवार की सुरक्षा खतरे में पड़ गई।

इस मामले ने ऑनलाइन सुरक्षा, साइबर स्टॉकिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है और अब उसे जून में सजा सुनाई जाएगी।

ब्रेकअप के बाद शुरू हुई साजिश

पुलिस जांच के अनुसार आरोपी असद हुसैन ने जुलाई 2024 में महिला से ब्रेकअप होने के तुरंत बाद यह साजिश रची। बताया गया कि आरोपी ने लोकप्रिय डेटिंग ऐप टिंडर पर महिला के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करते हुए कई फर्जी अकाउंट बनाए।

इन अकाउंट्स के जरिए वह खुद को महिला बताकर अलग-अलग पुरुषों से बातचीत करता था। बातचीत के दौरान पुरुषों को महिला के घर आने के लिए उकसाया जाता था। कई मामलों में आरोपी ने ऐसे संदेश भेजे, जिनसे लोगों को यह विश्वास हो गया कि महिला उनसे मिलने के लिए तैयार है।

धीरे-धीरे यह स्थिति बेहद खतरनाक बन गई और कई अनजान लोग महिला के घर पहुंचने लगे।

18 लोग पहुंचे महिला के घर

पुलिस के मुताबिक, कम से कम 18 लोग अलग-अलग समय पर महिला के घर पहुंचे। इन घटनाओं ने महिला और उसके परिवार को भय और असुरक्षा के माहौल में जीने पर मजबूर कर दिया।

अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, एक रात में ही चार अलग-अलग लोग महिला के घर पहुंच गए थे। इनमें से कुछ लोगों ने दरवाजा खटखटाया, जबकि कुछ ने जबरन अंदर घुसने की कोशिश भी की।

एक घटना में एक व्यक्ति ने घर का दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। वहीं दूसरी घटना और भी ज्यादा गंभीर थी, जब महिला की गैरमौजूदगी में एक व्यक्ति घर के अंदर घुस गया। उस समय घर में महिला की नाबालिग बेटी अकेली मौजूद थी।

इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह दहशत में आ गया।

पुलिस ने बताया सुनियोजित हमला

जांच अधिकारियों ने अदालत को बताया कि आरोपी का मकसद केवल महिला को परेशान करना नहीं था, बल्कि उसे और उसके बच्चों को अधिकतम मानसिक और भावनात्मक नुकसान पहुंचाना था।

पुलिस का कहना है कि यह मामला साधारण ऑनलाइन धोखाधड़ी से कहीं अधिक गंभीर है, क्योंकि इसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी और सुरक्षा को निशाना बनाया गया।

अधिकारियों ने इसे “साइबर स्टॉकिंग” और “टेक्नोलॉजी आधारित उत्पीड़न” का खतरनाक उदाहरण बताया है।

अदालत ने आरोपी को ठहराया दोषी

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने डिजिटल सबूत, चैट रिकॉर्ड और फर्जी अकाउंट से जुड़ी जानकारी अदालत में पेश की। जांच में यह साबित हुआ कि सभी फर्जी प्रोफाइल आरोपी द्वारा संचालित किए जा रहे थे।

अदालत ने उपलब्ध सबूतों के आधार पर असद हुसैन को दोषी करार दिया। फिलहाल आरोपी की सजा पर अंतिम फैसला जून में सुनाया जाएगा।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में आरोपी को कड़ी सजा मिल सकती है, क्योंकि उसकी हरकतों से न केवल महिला की निजता का उल्लंघन हुआ, बल्कि उसके परिवार की सुरक्षा भी खतरे में पड़ी।

साइबर स्टॉकिंग के बढ़ते मामले

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में साइबर स्टॉकिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स का गलत इस्तेमाल कर कई लोग अपने पूर्व साथी या परिचितों को निशाना बना रहे हैं।

ऐसे मामलों में अक्सर फर्जी प्रोफाइल बनाना, निजी तस्वीरें साझा करना, धमकी देना या किसी की निजी जानकारी सार्वजनिक करना शामिल होता है।

महिलाएं विशेष रूप से इस तरह के अपराधों का ज्यादा शिकार बनती हैं। कई मामलों में पीड़ित मानसिक तनाव, डर और सामाजिक दबाव का सामना करते हैं।

ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

इस घटना के बाद ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को फर्जी अकाउंट्स की पहचान और रोकथाम के लिए अधिक सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

साथ ही लोगों को भी अपनी निजी जानकारी साझा करते समय सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, फर्जी प्रोफाइल या ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत पुलिस और संबंधित प्लेटफॉर्म को शिकायत करनी चाहिए।

पीड़ितों के लिए जरूरी संदेश

कानूनी विशेषज्ञों और साइबर सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन उत्पीड़न को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति लगातार पीछा कर रहा हो, धमकी दे रहा हो या फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर परेशान कर रहा हो, तो तुरंत कानूनी मदद लेनी चाहिए।

ब्रिटेन का यह मामला दिखाता है कि डिजिटल दुनिया में की गई हरकतें वास्तविक जीवन में कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर सुरक्षा और डिजिटल जिम्मेदारी पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गई है।

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