वानापर्थी के जिला कलेक्टर आदर्श सुरभि ने मानसून के दौरान नकली बीजों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को छापेमारी, केस दर्ज करने और किसानों को फसल विविधीकरण व उन्नत धान किस्मों के लिए जागरूक करने को कहा।
वारंगल: तेलंगाना के वानापर्थी जिले में मानसून के आगमन के साथ ही कृषि गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच जिला प्रशासन ने नकली बीजों (fake seeds) की बिक्री पर सख्त निगरानी और कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे किसानों को ठगी और नुकसान से बचाने के लिए पूरे जिले में विशेष सतर्कता बरतें।
जिला कलेक्टर ने दिए औचक निरीक्षण के आदेश
जिला कलेक्टर आदर्श सुरभि ने कृषि विभाग के तहत आयोजित एक टास्क फोर्स बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में बीज और उर्वरक वितरण पर कड़ी नजर रखी जाए।
उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स टीमें पूरे जिले में औचक निरीक्षण (surprise inspections) करें और यदि कहीं भी नकली बीजों की बिक्री पाई जाती है तो तुरंत मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
किसानों को नकली बीजों से बचाने के लिए जागरूकता अभियान
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि वे नकली बीजों और अनधिकृत विक्रेताओं से सतर्क रहें।
उन्होंने कहा कि किसान अक्सर भरोसे में आकर गलत बीज खरीद लेते हैं, जिससे उन्हें फसल में भारी नुकसान होता है। इसलिए सही जानकारी और समय पर चेतावनी बेहद जरूरी है।
फसल विविधीकरण पर जोर, धान की उन्नत किस्मों की सलाह
बैठक के दौरान कलेक्टर ने फसल विविधीकरण (crop diversification) को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसान धान की खेती जारी रखते हैं, तो उन्हें केवल उच्च गुणवत्ता वाली (fine varieties) किस्मों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे मोटे धान की किस्मों की खेती को हतोत्साहित करें, क्योंकि बाजार में इनकी मांग कम है।
DAN 75 किस्म पर विशेष चेतावनी
कलेक्टर ने बताया कि जिले के कुछ मंडलों में किसान DAN 75 किस्म की धान की खेती कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को इस किस्म के बारे में पहले से जागरूक किया जाए, क्योंकि बाजार में इसकी मांग नहीं है और इसे खरीदने वाला कोई नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि किसान समय रहते सही जानकारी प्राप्त कर लेंगे तो उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकता है।
यूरिया के दुरुपयोग पर निगरानी के निर्देश
बैठक में उर्वरक उपयोग, विशेषकर यूरिया की खपत पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यूरिया के अनधिकृत उपयोग और अवैध भंडारण पर कड़ी नजर रखी जाए।
उन्होंने कहा कि पिछले सीजन में जिन किसानों या व्यापारियों ने असामान्य मात्रा में यूरिया खरीदी थी, उनकी जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि उसका उपयोग कृषि कार्य में हुआ या नहीं।
टास्क फोर्स को मजबूत निगरानी की जिम्मेदारी
कलेक्टर ने टास्क फोर्स टीमों को निर्देश दिया कि वे कृषि इनपुट्स (बीज, खाद, कीटनाशक) की आपूर्ति श्रृंखला पर लगातार निगरानी रखें।
उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य: पारदर्शी और सुरक्षित कृषि व्यवस्था
जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों को सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद कृषि संसाधन उपलब्ध कराना है। नकली बीजों और उर्वरकों की बिक्री पर रोक लगाकर कृषि क्षेत्र में विश्वास बढ़ाना इस पहल का प्रमुख लक्ष्य है।
अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाएं, तो फसल नुकसान और आर्थिक हानि को काफी हद तक रोका जा सकता है।
बैठक में मौजूद अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर (स्थानीय निकाय) खेमा नायक, जिला राजस्व अधिकारी सूर्यप्रकाश, कृषि अधिकारी अंजनयुलु, आरडीओ सुब्रह्मण्यम, मंडल कृषि अधिकारी, तहसीलदार और पुलिस उपनिरीक्षक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।











