कनाडा में फर्जी सड़क हादसों, वाहन घोटालों, बीमा धोखाधड़ी और चोरी से जुड़े कथित क्रिमिनल टूरिज्म नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों ने 46 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है, जबकि 164 संदिग्धों की तलाश जारी है।
चंडीगढ़: कनाडा में आर्थिक अपराधों से जुड़े एक बड़े संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों, वाहन फाइनेंसिंग घोटालों, बीमा फ्रॉड और चोरी जैसी गतिविधियों के जरिए करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। मामले की जांच कई वर्षों से चल रही है और अब तक बड़ी संख्या में आरोप दर्ज किए जा चुके हैं।
प्रोजेक्ट जेटसेटर के तहत हुआ बड़ा खुलासा
कनाडा की डरहम रीजनल पुलिस सर्विस (DRPS) द्वारा चलाए गए ‘प्रोजेक्ट जेटसेटर’ के तहत एक कथित क्रिमिनल टूरिज्म नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न आर्थिक अपराधों को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने अब तक 46 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है, जबकि 164 संदिग्ध अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि यह कोई सामान्य धोखाधड़ी का मामला नहीं है, बल्कि संगठित अपराध से जुड़ा एक व्यापक नेटवर्क है, जो कई वर्षों से सक्रिय था। जांच के दौरान 200 से अधिक घटनाओं को इस नेटवर्क से जोड़ा गया है।
फर्जी दस्तावेजों और बीमा दावों के जरिए ठगी
जांच में सामने आया है कि आरोपित वाहन खरीद और फाइनेंसिंग से जुड़े फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर वित्तीय धोखाधड़ी करते थे। इसके अलावा बीमा कंपनियों से मुआवजा प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर नकली सड़क दुर्घटनाओं की साजिश भी रची जाती थी।
पुलिस के अनुसार, गिरोह महंगे वाहनों की चोरी कर उन्हें अन्य स्थानों पर पहुंचाने में भी शामिल था। इसके साथ ही ज्वेलरी स्टोर्स और रिटेल दुकानों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को भी अंजाम दिया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि अपराधों को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया जाता था, जिससे नेटवर्क तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना रहा।
करोड़ों का नुकसान, हजारों आरोप दर्ज
अधिकारियों के मुताबिक केवल ओंटारियो के डरहम क्षेत्र में ही इन गतिविधियों के कारण 26.1 लाख कनाडाई डॉलर से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है। वर्ष 2019 से जारी जांच में अब तक 1,440 से अधिक आरोप दर्ज किए जा चुके हैं।
पुलिस ने बताया कि इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगभग 5,000 घंटे की जांच की गई। कई अलग-अलग मामलों को जोड़कर पूरे नेटवर्क की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया, जिसके बाद यह बड़ा खुलासा संभव हो पाया।
पंजाब मूल के दो युवक गिरफ्तार
जांच के दौरान पंजाब मूल के दो युवकों को भी गिरफ्तार किया गया है। इनमें 23 वर्षीय अरशजोत सिंह ढिल्लों और 23 वर्षीय अरमान शर्मा शामिल हैं। पुलिस दस्तावेजों के अनुसार दोनों पर संगठित आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि अधिकारियों ने फिलहाल प्रत्येक आरोपित की व्यक्तिगत भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। उनका कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
बढ़ती चुनौती बन रहा है ‘क्रिमिनल टूरिज्म’
कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि ‘क्रिमिनल टूरिज्म’ संगठित अपराध का एक नया और तेजी से फैलता स्वरूप बनकर उभरा है। इसमें अपराधी सीमाओं के पार जाकर आर्थिक अपराधों को अंजाम देते हैं और बाद में अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि ऐसे नेटवर्क से निपटने के लिए विभिन्न देशों की पुलिस और खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सूचना साझा करने की व्यवस्था जरूरी है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में इस नेटवर्क से जुड़े और मामलों का खुलासा हो सकता है तथा कई अन्य संदिग्धों तक जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपितों की तलाश में जुटी है और मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच जारी है।










