चंडीगढ़ बॉर्डर पर 1 सितंबर से जारी किसानों का धरना 7 सितंबर को सरकार के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने धरनास्थल पहुंचकर संयुक्त किसान मोर्चा को आश्वासन सौंपा।
चंडीगढ़: चंडीगढ़ बॉर्डर पर 1 सितंबर से जारी किसानों का धरना सोमवार को समाप्त हो गया। संयुक्त किसान मोर्चा के किसानों ने भगवंत मान सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद मोर्चा खत्म करने का फैसला लिया। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां करीब 3 बजे धरनास्थल पहुंचे और किसानों को सरकार का लिखित आश्वासन सौंपा।
1 सितंबर से चंडीगढ़ बॉर्डर पर जारी था धरना
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 1 सितंबर से चंडीगढ़ बॉर्डर पर पक्का मोर्चा लगाया था। किसानों की बड़ी संख्या में मौजूदगी के कारण बॉर्डर पर लगातार गतिविधियां बनी हुई थीं। किसान अपनी मांगों को लेकर सरकार से स्पष्ट आश्वासन और समाधान की मांग कर रहे थे।
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संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से पहले 7 सितंबर तक धरना जारी रखने की घोषणा की गई थी। इस दौरान किसान संगठनों और राज्य सरकार के बीच बातचीत को लेकर कोशिशें चलती रहीं। किसानों का कहना था कि केवल मौखिक भरोसे के बजाय उन्हें लिखित आश्वासन चाहिए, ताकि सरकार के फैसलों और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां पहुंचे धरनास्थल
सोमवार को घटनाक्रम में उस समय तेजी आई, जब पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां करीब 3 बजे संयुक्त किसान मोर्चा के धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों के नेताओं से मुलाकात की और सरकार की ओर से लिखित आश्वासन सौंपा।
मंत्री की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसान संगठनों ने धरना समाप्त करने का फैसला लिया। इसके साथ ही लंबे समय से चंडीगढ़ बॉर्डर पर चल रहा पक्का मोर्चा खत्म हो गया। सरकार की ओर से लिखित भरोसा मिलने को किसानों और प्रशासन के बीच बने गतिरोध को कम करने वाले अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
लिखित आश्वासन के बाद किसानों ने खत्म किया आंदोलन
किसानों ने सरकार के लिखित आश्वासन के बाद अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की। आंदोलन समाप्त होने के बाद किसान अपने ट्रैक्टर लेकर धीरे-धीरे धरनास्थल से वापस लौटने लगे। इससे बॉर्डर पर कई दिनों से बनी प्रदर्शन की स्थिति भी खत्म होने लगी।
संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन के दौरान सरकार के सामने अपनी मांगें प्रमुखता से रखी थीं। किसानों का कहना था कि उनकी समस्याओं को लेकर सरकार को स्पष्ट और लागू किए जा सकने वाले फैसले लेने चाहिए। इसी कारण आंदोलन के दौरान लिखित आश्वासन को महत्वपूर्ण माना जा रहा था।
सरकार और किसान संगठनों के बीच आगे की राह
चंडीगढ़ बॉर्डर पर धरना फिलहाल समाप्त हो गया है, लेकिन अब किसानों की नजर सरकार के लिखित आश्वासन के आगे के क्रियान्वयन पर रहेगी। किसान संगठनों की ओर से लगातार यह मांग उठाई जाती रही है कि बातचीत में बनी सहमति को धरातल पर लागू किया जाए।
सोमवार को कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां का धरनास्थल पहुंचना और लिखित आश्वासन सौंपना आंदोलन को खत्म करने की दिशा में निर्णायक घटनाक्रम रहा। इसके बाद किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ वापस लौट गए। एक सितंबर से शुरू हुआ यह धरना अब खत्म हो गया है और सरकार तथा किसान संगठनों के बीच अगले चरण की बातचीत और फैसलों पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।









