चंडीगढ़ के 862 शिक्षकों को मिलेगा छठे-सातवें पे स्केल का एरियर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फैसला

सुप्रीम कोर्ट के 21 अप्रैल 2026 के निर्देश के बाद चंडीगढ़ के 862 कार्यरत शिक्षकों को 1 जनवरी 2016 और 1 अप्रैल 2022 से पे स्केल का एरियर मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट के 21 अप्रैल 2026 के निर्देश के बाद चंडीगढ़ के 862 कार्यरत शिक्षकों को छठे और सातवें पे स्केल का एरियर मिलेगा। शिक्षा विभाग ने बुधवार को इसके संबंध में आदेश जारी किए।

चंडीगढ़: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने 2015 में भर्ती हुए 862 कार्यरत शिक्षकों को छठे और सातवें पे स्केल का लाभ देने का फैसला किया है। शिक्षकों को 1 जनवरी 2016 से छठे पे स्केल और 1 अप्रैल 2022 से सातवें पे स्केल के अनुसार एरियर दिया जाएगा। यह मामला 2017 में सामने आए पेपर लीक विवाद के बाद कानूनी प्रक्रिया में पहुंचा था।

चंडीगढ़ के 862 शिक्षकों को छठे-सातवें पे स्केल का एरियर

स्कूल शिक्षा विभाग ने 2015 में भर्ती किए गए 862 कार्यरत शिक्षकों को संशोधित वेतनमान का एरियर देने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 21 अप्रैल 2026 के निर्देश के आधार पर की जा रही है।

शिक्षकों को 1 जनवरी 2016 से छठे पे स्केल के अनुसार एरियर दिया जाएगा। इसके अलावा 1 अप्रैल 2022 से सातवें पे स्केल का लाभ मिलेगा।

1149 पदों पर हुई थी भर्ती

स्कूल शिक्षा विभाग ने अगस्त 2015 में एनटीटी, जेबीटी और टीजीटी के कुल 1149 पदों पर भर्ती की थी। बाद में मई 2017 में पेपर लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने भर्ती रद्द कर दी थी।

इसके खिलाफ शिक्षकों ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) का रुख किया था, जहां प्रशासन के फैसले पर रोक लगाई गई। इसके बाद शिक्षा विभाग ने इस रोक के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में मामला उठाया।

सुप्रीम कोर्ट ने 21 अप्रैल 2026 को भर्ती को बहाल रखने का निर्देश दिया। अदालत के समक्ष पेपर लीक के संबंध में सबूत या गवाह पेश नहीं किए जाने का भी उल्लेख किया गया था।

कानूनी कार्रवाई के दौरान कई पद हुए खाली

भर्ती के बाद पेपर लीक मामले की पुलिस जांच में पहले तीन और बाद में 49 नाम सामने आए थे। इन शिक्षकों को कैट, हाई कोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट के स्तर पर बहाली का लाभ नहीं मिला।

इसी अवधि में कानूनी कार्रवाई के कारण कई शिक्षक दूसरे राज्यों या विदेश में जाकर बस गए। इससे शिक्षकों के कई पद खाली होते गए। वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग में 862 शिक्षक कार्यरत हैं, जिन्हें छठे और सातवें पे स्केल का लाभ देने की घोषणा की गई है।

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