झारखंड के चतरा जिले में एक युवक का शव कुएं से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सदर थाना क्षेत्र में बस स्टैंड के पास हुई इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने उसके दोस्तों पर साजिश के तहत हत्या कर शव को कुएं में फेंकने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है और पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा परिजनों की ओर से दिए जाने वाले लिखित आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मृतक की पहचान 24 वर्षीय सन्नी यादव के रूप में हुई है। वह चतरा शहर के किशनपुर मोहल्ले के वार्ड नंबर 22 का रहने वाला था। परिवार में उसके माता-पिता के अलावा दो बहनें हैं। परिजनों के मुताबिक सन्नी बुधवार दोपहर घर से बाहर निकला था। घर से निकलते समय उसने परिवार वालों से जल्द वापस लौटने की बात कही थी। लेकिन इसके बाद वह घर नहीं पहुंचा। रात करीब आठ बजे परिवार के लोगों ने उसके मोबाइल पर फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद परिवार वालों की चिंता बढ़ गई।
रात बीतने के बाद गुरुवार सुबह ग्रामीणों की ओर से परिवार को जानकारी मिली कि सन्नी का शव एक कुएं में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। कुएं में शव मिलने की खबर आसपास के इलाके में तेजी से फैल गई और वहां लोगों की भीड़ जुटने लगी। परिजनों के लिए यह घटना बेहद सदमे वाली थी, क्योंकि युवक के अचानक लापता होने के बाद उसके शव मिलने की खबर सामने आई थी।
परिजनों ने इस घटना को सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए सन्नी के दोस्तों पर हत्या की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि साजिश के तहत युवक की हत्या की गई और उसके शव को कुएं में फेंक दिया गया। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले हत्या के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवक कुएं तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकलवाया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों को स्पष्ट करने में मदद मिलने की उम्मीद है। पुलिस मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी।
घटना के बाद परिवार के लोगों में काफी आक्रोश भी देखा गया। शुरुआती दौर में परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद पुलिस अधिकारी एएसआई दुखी राम महतो ने परिजनों को समझाया और उन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए राजी किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस की ओर से परिजनों को मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
इस घटना ने परिवार के पुराने जख्म को भी ताजा कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब छह महीने पहले सन्नी की चाची की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। अब परिवार में एक और मौत होने के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ही परिवार में कुछ ही महीनों के अंतराल पर दो मौतों ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। परिवार के लोग अब सन्नी की मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।
परिजनों के अनुसार, सन्नी बुधवार दोपहर घर से निकला था और उसने जल्द लौटने की बात कही थी। लेकिन शाम तक वापस नहीं आने पर परिवार वालों ने फोन किया। फोन नहीं लगने के बाद उसकी तलाश को लेकर चिंता बढ़ती गई। अगले दिन कुएं में शव मिलने के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सन्नी की मौत कैसे हुई और वह कुएं तक किन परिस्थितियों में पहुंचा।
पुलिस के सामने अब कई बिंदुओं की जांच की चुनौती है। युवक घर से कब निकला, उसके साथ कौन-कौन लोग थे, वह आखिरी बार किन लोगों के संपर्क में था, उसके मोबाइल की आखिरी लोकेशन क्या थी और कुएं तक वह खुद पहुंचा या किसी ने वहां शव पहुंचाया—इन सभी पहलुओं की जांच की जा सकती है। हालांकि इन बिंदुओं पर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम मानी जा रही है। यदि शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान मिलते हैं या मौत का कारण डूबना नहीं बल्कि कोई अन्य वजह सामने आती है, तो जांच की दिशा बदल सकती है। वहीं यदि पोस्टमार्टम में ऐसी कोई बात सामने नहीं आती है, तब भी पुलिस घटनास्थल और परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच करेगी। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस सभी संभावित पहलुओं को खंगाल रही है।
परिवार की ओर से दोस्तों पर लगाए गए आरोपों की भी पुलिस जांच करेगी। किसी व्यक्ति पर केवल परिजनों के आरोप के आधार पर अपराध साबित नहीं होता। जांच में पुलिस को आरोपों के समर्थन में साक्ष्य जुटाने होंगे। इसके लिए मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन, घटनास्थल की स्थिति, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट जैसे साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो पुलिस उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
घटना के बाद किशनपुर मोहल्ले और आसपास के इलाके में भी चर्चा का माहौल है। युवा सन्नी की मौत की खबर से लोग हैरान हैं। कुएं से शव मिलने की घटना ने स्थानीय लोगों को भी चिंता में डाल दिया है। वहीं परिवार के लोग इस बात को लेकर परेशान हैं कि कुछ घंटे पहले तक जो युवक घर से सामान्य तरीके से निकला था, अगले दिन उसका शव कुएं से बरामद हुआ।
परिवार में छह महीने के भीतर दूसरी मौत होने से दुख और गहरा गया है। चाची की संदिग्ध मौत के बाद परिवार अभी उस घटना से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि सन्नी की मौत ने उन्हें फिर झकझोर दिया। अब परिजन चाहते हैं कि सन्नी की मौत की निष्पक्ष जांच हो और अगर उसकी हत्या की गई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जाएगी। परिजनों से लिखित आवेदन मिलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के लिए फिलहाल मौत के वास्तविक कारण का पता लगाना सबसे जरूरी है। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हादसा था, आत्महत्या थी या फिर किसी आपराधिक घटना का परिणाम।
सन्नी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के बाद परिवार को रिपोर्ट का इंतजार है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की जांच को दिशा देगी। अगर रिपोर्ट में हत्या की आशंका मजबूत होती है तो पुलिस आरोपियों की तलाश और पूछताछ तेज कर सकती है। वहीं किसी अन्य कारण की पुष्टि होने पर उसी आधार पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
फिलहाल चतरा की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घर से निकले 24 वर्षीय युवक का अगले दिन कुएं से शव मिलना, परिवार का दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाना और छह महीने के भीतर परिवार में दूसरी संदिग्ध मौत होना मामले को गंभीर बना रहा है। हालांकि इन सवालों के अंतिम जवाब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।










