Closing Bell: शेयर बाजार में गिरावट जारी! इन 4 वजहों से सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम

सेंसेक्स 548 अंक टूटा, निफ्टी 23,400 के नीचे बंद। ट्रंप की टैरिफ नीति, एफआईआई बिकवाली और अन्य कारणों से बाजार कमजोर, निवेशकों को 7 लाख करोड़ का नुकसान।

शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट जारी रही। सेंसेक्स 548 अंक टूटा, निफ्टी 23,400 के नीचे बंद हुआ। ट्रंप की चेतावनी और एफआईआई बिकवाली समेत कई वजहों से बाजार कमजोर रहा।

Closing Bell: शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला सोमवार (10 फरवरी) को भी जारी रहा। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच भारतीय बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी अपने ऑल टाइम हाई से लगभग 10% नीचे कारोबार कर रहे हैं।

ट्रंप के ऐलान से बाजार में हड़कंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में सभी स्टील और एल्युमीनियम इम्पोर्ट पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की, जिससे मेटल स्टॉक्स में भारी गिरावट देखी गई। टाटा स्टील, जिंदल स्टील समेत अन्य मेटल कंपनियों के शेयर गिर गए। इस फैसले का घरेलू बाजारों पर भी असर पड़ा, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।

सेंसेक्स और निफ्टी का हाल

सेंसेक्स: बीएसई सेंसेक्स सोमवार (10 फरवरी) को 19.36 अंक या 0.02% गिरकर 77,840 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 77,106 अंक तक फिसल गया था। अंत में सेंसेक्स 548.39 अंक या 0.70% की गिरावट के साथ 77,311 पर बंद हुआ।

निफ्टी: एनएसई निफ्टी 37.50 अंक या 0.16% की गिरावट के साथ 23,522.45 पर खुला। दिनभर की ट्रेडिंग में यह 178.35 अंक या 0.76% गिरकर 23,381 पर क्लोज हुआ।

बाजार में गिरावट की वजहें

अमेरिकी टैरिफ नीति: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को कहा कि वह अमेरिका पर टैरिफ लगाने वाले देशों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेंगे। चीन द्वारा अमेरिकी सामानों पर 10-15% का जवाबी टैरिफ लगाने के बाद ट्रंप ने मंगलवार या बुधवार को नई घोषणा करने की बात कही।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं। फरवरी में अब तक (7 फरवरी तक) विदेशी निवेशकों ने नकद बाजार में 10,179 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं।

सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट: बाजार में लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स में बिकवाली देखी गई। सिर्फ निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 0.5% ऊपर रहा, जबकि अन्य सभी इंडेक्स में गिरावट दर्ज हुई।

रिलायंस और एचडीएफसी बैंक का असर: बाजार में भारी वेटेज रखने वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट ने भी सेंसेक्स और निफ्टी को नीचे खींचा।

निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपये डूबे

सोमवार (10 फरवरी) को आई गिरावट के चलते निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब गए। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप सोमवार को घटकर 4,17,71,803 करोड़ रुपये रह गया, जो शुक्रवार को 4,24,78,048 करोड़ रुपये था। इस प्रकार, बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में 70,62,45 करोड़ रुपये की गिरावट आई।

शुक्रवार को कैसा रहा था बाजार?

सेंसेक्स: बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार (9 फरवरी) को 97.97 अंक या 0.25% की गिरावट के साथ 77,860 पर बंद हुआ।

निफ्टी: एनएसई निफ्टी 43.40 अंक या 0.18% की गिरावट के साथ 23,560 पर क्लोज हुआ।

क्या आगे भी जारी रहेगी गिरावट?

विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को सावधानी बरतने और दीर्घकालिक निवेश की रणनीति पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।

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