युवा शक्ति संवाद में नन्ही अनन्या की कविता से प्रभावित हुए CM धामी, बोले- भारत का भविष्य सुरक्षित हाथों में

हरिद्वार में युवा शक्ति संवाद के दौरान अनन्या मल्होत्रा की कविता से CM धामी प्रभावित हुए। उन्होंने युवाओं को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया।

हरिद्वार में आयोजित युवा शक्ति संवाद कार्यक्रम में आठ वर्षीय अनन्या मल्होत्रा की कविता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद करते हुए शिक्षा, संस्कृति और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी अपने विचार रखे।

हरिद्वार: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित युवा शक्ति संवाद कार्यक्रम में युवाओं से संवाद किया। इस दौरान आठ वर्षीय अनन्या मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर आधारित कविता सुनाई, जिसकी मुख्यमंत्री ने मंच से सराहना की। कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं, शिक्षा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े कई विषयों पर अपनी बात रखी।

नन्ही अनन्या की कविता ने जीता मुख्यमंत्री का दिल

हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित युवा शक्ति संवाद कार्यक्रम में उस समय खास माहौल बन गया, जब भाजपा कार्यकर्ता निशांत मल्होत्रा की आठ वर्षीय पुत्री अनन्या मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व पर आधारित कविता प्रस्तुत की। कविता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री धामी का उल्लेख किया गया था। प्रस्तुति के बाद मुख्यमंत्री ने ताली बजाकर बच्ची का उत्साह बढ़ाया और उसकी प्रतिभा की सराहना की।

बाद में मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बच्ची का वीडियो साझा करते हुए उसे "प्यारी भांजी" संबोधित किया। उन्होंने लिखा कि नई पीढ़ी के सपने और उनका विश्वास देश के उज्ज्वल भविष्य की झलक दिखाते हैं।

युवाओं को बताया विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि युवाओं का आत्मविश्वास और उनकी सकारात्मक सोच ही विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें युवाओं से मिलने और उनके विचार सुनने का अवसर मिलता है, तो उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री के अनुसार कार्यक्रम में मौजूद युवाओं का उत्साह और आत्मविश्वास इस बात का संकेत है कि देश का वर्तमान और भविष्य सक्षम हाथों में है। उन्होंने युवाओं से नवाचार, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

सांस्कृतिक पहचान और शिक्षा पर भी रखे विचार

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान राज्य की सबसे बड़ी धरोहर है और इसे सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से राज्य में सख्त मतांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है और सरकार आगे भी इस दिशा में अपने प्रयास जारी रखेगी।

शिक्षा से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा मिलनी चाहिए। उनके अनुसार शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक, नवाचार और अच्छे संस्कारों से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करे।

सुझाव देने के लिए युवाओं को किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से संवाद बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि यदि किसी के मन में कोई सुझाव, विचार या जिज्ञासा हो तो वह पत्र, ई-मेल या अन्य माध्यमों से सीधे उनसे साझा कर सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी सुझावों का स्वागत किया जाएगा और यथासंभव उन पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए और उन्होंने शिक्षा, रोजगार, विकास तथा राज्य के भविष्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री के साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप नीतियां बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी भागीदारी से ही विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।

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