राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। गृह मंत्री अमित शाह ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, रक्षा सुधारों और रणनीतिक फैसलों में डोभाल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।
पुणे: महराष्ट्र के पुणे में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया और देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में उनके योगदान की जमकर प्रशंसा की। अमित शाह ने कहा कि अजीत डोभाल ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि डोभाल के लंबे अनुभव, रणनीतिक सोच और सुरक्षा मामलों की गहरी समझ ने देश को कई महत्वपूर्ण फैसलों में मजबूती प्रदान की है।
देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि अजीत डोभाल देश के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों में शामिल हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, रक्षा क्षेत्र में आधुनिकीकरण और नई तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में अहम योगदान दिया है। गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में भारत की रक्षा और सुरक्षा नीति में कई बड़े बदलाव हुए हैं। इन बदलावों में अजीत डोभाल की रणनीतिक सलाह और अनुभव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि डोभाल ने केवल सुरक्षा मामलों में ही नहीं, बल्कि देश की रणनीतिक क्षमता बढ़ाने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इंडियन मुजाहिदीन मामले का किया जिक्र
अमित शाह ने अपने संबोधन में इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े बम धमाकों की जांच का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अजीत डोभाल से मिली एक महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर गुजरात पुलिस ने देशभर में हुए इंडियन मुजाहिदीन के 13 बम धमाकों की जांच में सफलता हासिल की थी। उन्होंने कहा कि डोभाल की खुफिया समझ और सुरक्षा मामलों में पकड़ ने कई महत्वपूर्ण मामलों को सुलझाने में मदद की है।
विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में भी योगदान
अमित शाह ने अजीत डोभाल के विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संगठन में रहते हुए डोभाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई विषयों पर विचार-विमर्श और रणनीतिक चर्चा को आगे बढ़ाया। शाह के अनुसार, इन चर्चाओं और विचारों को बाद में नीतिगत फैसलों में लागू किया गया। वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद जब अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया, तब कई रणनीतिक विचारों को वास्तविक नीतियों में बदलने का अवसर मिला।

रक्षा क्षेत्र में बदलावों का श्रेय
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पिछले वर्षों में भारत ने रक्षा क्षेत्र में अपनी क्षमता को काफी मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा नीति में आक्रामक और सुरक्षात्मक दोनों क्षमताओं को बढ़ाने का काम हुआ है। उन्होंने बताया कि सेना के आधुनिकीकरण, तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और सुरक्षा ढांचे में सुधार जैसे क्षेत्रों में अजीत डोभाल का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए कई बड़े सुरक्षा फैसलों के पीछे अजीत डोभाल का अनुभव और रणनीतिक मार्गदर्शन रहा है।
लोकमान्य तिलक की धरती पर देशभक्त का सम्मान
कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि पुणे लोकमान्य तिलक और छत्रपति शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक भूमि है। उन्होंने कहा कि ऐसी धरती पर एक सच्चे और समर्पित देशभक्त का सम्मान करना गौरव का अवसर है। उन्होंने अजीत डोभाल को देश के प्रति समर्पण और सेवा के लिए बधाई दी। शाह ने कहा कि डोभाल ने अपने पूरे करियर में राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने प्रार्थना की कि अजीत डोभाल स्वस्थ रहें और लंबे समय तक देश की सुरक्षा में योगदान देते रहें।
अजीत डोभाल का सुरक्षा क्षेत्र में लंबा अनुभव
अजीत डोभाल भारतीय सुरक्षा व्यवस्था के सबसे अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में उन्होंने आतंकवाद, सीमा सुरक्षा, रणनीतिक मामलों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका अनुभव भारतीय सुरक्षा नीति के निर्माण में लगातार उपयोगी रहा है। सरकार के कई महत्वपूर्ण सुरक्षा फैसलों में उनकी सलाह को अहम माना जाता है।
लोकमान्य तिलक पुरस्कार का महत्व
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार देश के प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है। यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने समाज, राष्ट्र निर्माण या किसी विशेष क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। अजीत डोभाल को यह सम्मान राष्ट्रीय सुरक्षा और देश सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया है।
सुरक्षा और रणनीति के क्षेत्र में बढ़ती भूमिका
भारत की बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, सीमा विवाद और वैश्विक रणनीतिक बदलावों के दौर में सुरक्षा नीति तैयार करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। अजीत डोभाल ने अपने अनुभव और रणनीतिक दृष्टिकोण से इस भूमिका को मजबूती प्रदान की है। लोकमान्य तिलक पुरस्कार के माध्यम से उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया।













