मध्य प्रदेश के सागर की जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता। फाइनल मुकाबला गोल्डन स्कोर तक पहुंचा, जहां उन्हें इंग्लैंड की खिलाड़ी से करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
सागर: मध्य प्रदेश की जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। कड़े मुकाबले में उन्होंने फाइनल तक का सफर तय किया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत व मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया।
फाइनल में गोल्डन स्कोर तक चला रोमांचक मुकाबला
सागर की जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। फाइनल मुकाबले में उनका सामना इंग्लैंड की अनुभवी जूडोका एसिल्या टॉपराक से हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच शुरुआत से ही कांटे की टक्कर देखने को मिली और निर्धारित समय तक कोई भी निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सका।

इसके बाद मुकाबला गोल्डन स्कोर में पहुंचा, जहां लगभग तीन मिनट तक दोनों खिलाड़ियों ने बेहतरीन तकनीक और धैर्य का प्रदर्शन किया। अंत में इंग्लैंड की खिलाड़ी ने एक मौके का फायदा उठाते हुए इप्पोन हासिल किया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। यामिनी को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा, लेकिन उनका प्रदर्शन दर्शकों और खेल विशेषज्ञों की सराहना का केंद्र रहा।
आर्थिक चुनौतियों के बीच तय किया सफलता का सफर
यामिनी मौर्य का सफर संघर्ष और मेहनत की मिसाल माना जाता है। सागर जिले के एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाली यामिनी ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया।
कठिन परिस्थितियों में लगातार अभ्यास और मजबूत संकल्प के दम पर उन्होंने पहले राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और फिर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनकी उपलब्धि उन खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन
यामिनी वर्ष 2022 से भारतीय जूडो टीम का हिस्सा हैं। वह दो बार सीनियर नेशनल चैंपियन रह चुकी हैं और राष्ट्रीय खेल 2022 में स्वर्ण पदक भी जीत चुकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। हांगकांग एशियन ओपन 2025 और डकार अफ्रीका ओपन 2026 में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अब कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने अपने करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ दी है।
प्रदेश में खुशी की लहर, मिल रहीं बधाइयां
यामिनी मौर्य की इस सफलता के बाद सागर सहित पूरे मध्य प्रदेश में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए इसे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताया है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यामिनी का यह प्रदर्शन भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी सकारात्मक संकेत है। उनकी मेहनत और निरंतर सफलता युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी और भारतीय जूडो को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।











