राम मंदिर चढ़ावा और कथित अनियमितताओं के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच तेज गति से चल रही है और यदि किसी के पास सबूत हैं तो वे जांच एजेंसी को उपलब्ध कराएं।
अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी पूरी गंभीरता से काम कर रही है और जांच पूरी होने पर सभी तथ्य सामने आ जाएंगे।
SIT जांच पर मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से संबंधित कोई प्रमाण या जानकारी है तो वह आगे आकर जांच टीम को उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि जांच के बाद सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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उन्होंने यह भी कहा कि कानून के दायरे में रहकर हर पहलू की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस बयान को मामले में सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
दान और आभूषणों को लेकर उठे सवाल
राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद बना हुआ है। इसी क्रम में जांच एजेंसियां मंदिर में प्राप्त आभूषणों और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान हीरा जड़ित हार और चरण पादुका से जुड़े मामलों में भी पूछताछ की गई है। बताया जा रहा है कि इन वस्तुओं के रखरखाव और हस्तांतरण को लेकर संबंधित लोगों के अलग-अलग बयान सामने आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पूछताछ में सामने आए अलग-अलग दावे
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मंदिर के एक पुजारी से पूछताछ में बताया गया कि भगवान को अर्पित किए जाने के बाद संबंधित हार और चरण पादुका एक व्यक्ति को वापस सौंप दिए गए थे। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि उन्होंने उक्त वस्तुएं आगे संबंधित अधिकारी को दे दी थीं।
दूसरी ओर संबंधित अधिकारी ने कथित रूप से इन वस्तुओं के प्राप्त होने से इन्कार किया है। इन बयानों में अंतर होने के कारण जांच एजेंसियां दस्तावेजों, रसीदों और रिकॉर्ड का मिलान कर रही हैं ताकि वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके।
जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच प्रक्रिया जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
सरकार की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि जांच में किसी प्रकार की जल्दबाजी नहीं की जाएगी और तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल पूरे मामले पर प्रदेश भर की नजर बनी हुई है और लोग एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
सबूत मिलने पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है और यदि किसी के पास मामले से जुड़े प्रमाण हैं तो उन्हें सामने लाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय आधिकारिक जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखें।
अब जांच के अगले चरण में संबंधित व्यक्तियों के बयानों, दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।










