ओडिशा के 1000 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में, करीब 59 हजार लोग सुरक्षित निकाले गए

चक्रवात अर्नब के बाद ओडिशा के 1010 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। 59,028 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। भारी बारिश से सड़कें और रेल सेवाएं बाधित हुईं।

चक्रवात अर्नब कमजोर पड़ने के बावजूद ओडिशा में भारी तबाही छोड़ गया है। गंजाम और गजपति के 1010 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में 59,028 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। सड़क और रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

भुवनेश्वर: चक्रवात अर्नब की ताकत कमजोर पड़ गई है, लेकिन ओडिशा के कई इलाकों में भारी बारिश के बाद बाढ़ से हालात गंभीर बने हुए हैं। दक्षिणी ओडिशा के गंजाम और गजपति जिलों में 1,000 से ज्यादा गांव पानी की चपेट में आ गए हैं। कई जगह सड़कें डूब गई हैं और रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। राज्य सरकार के मुताबिक, नौ जिलों से अब तक 59,028 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत और बचाव कार्य के लिए 313 टीमों को लगाया गया है। कई गांवों में पानी भरने से लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने में परेशानी हो रही है।

गंजाम और गजपति में सबसे ज्यादा नुकसान

ओडिशा सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, गंजाम जिले के 22 ब्लॉक में 299 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। वहीं, गजपति जिले के सात ब्लॉक के 711 गांवों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

दोनों जिलों में कुल 1,010 गांव बाढ़ की चपेट में आए हैं। कई ग्रामीण इलाकों का मुख्य सड़कों से संपर्क टूट गया है। गजपति जिले से 17,441 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इसके अलावा गंजाम से 11,882 और मलकानगिरी से 15,477 लोगों को राहत शिविरों तक पहुंचाया गया है।

प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के ठहरने के लिए अस्थायी और स्थायी आश्रय स्थल तैयार किए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में भोजन, पीने के पानी और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

पात्रपुर में 24 घंटे में 546 मिलीमीटर बारिश

चक्रवात अर्नब के असर से दक्षिणी ओडिशा में रिकॉर्ड स्तर की बारिश हुई है। गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक के पिछले 24 घंटों में गंजाम जिले के पात्रपुर में 546 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सोरादा में 503 मिलीमीटर पानी बरसा।

कंधमाल जिले के जी. उदयगिरि में 462.4 मिलीमीटर और महेंद्रगढ़ में 458.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इतनी अधिक बारिश होने से निचले इलाकों में तेजी से पानी भर गया। कई गांवों में घरों और सड़कों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया।

खतरे के निशान से ऊपर पहुंचीं नदियां

भारी बारिश के कारण ओडिशा की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। गंजाम के पुरुषोत्तमपुर में ऋषिकुल्या नदी का जलस्तर करीब 19 मीटर तक पहुंच गया, जबकि खतरे का निशान लगभग 16.8 मीटर है।

वंशधारा, महेंद्रतनया और बहुदा नदियों के आसपास के इलाकों में भी बाढ़ से परेशानी बढ़ी है। हालांकि, वंशधारा नदी का जलस्तर कुछ स्थानों पर बाद में घटने की जानकारी मिली है। प्रशासन लगातार नदी के पानी और आसपास की बस्तियों की स्थिति पर नजर रख रहा है।

बचाव अभियान में 313 टीमें तैनात

राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज करने के लिए कुल 313 टीमें तैनात की हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की नौ, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की 60 और अग्निशमन विभाग की 244 टीमें शामिल हैं। बाढ़ वाले इलाकों में नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। कई जगह पेड़ गिरने और सड़कें टूटने से राहत टीमों को पहुंचने में दिक्कत हो रही है। सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए 830 राहत आश्रय स्थलों की व्यवस्था की है।

हेलिकॉप्टर से छह लोगों को बचाया गया

गंजाम जिले के धाराकोट क्षेत्र में भारतीय तटरक्षक बल ने हेलिकॉप्टर की मदद से बचाव अभियान चलाया। जगमोहन स्थित बाढ़ से घिरे एक स्वास्थ्य केंद्र में छह लोग फंसे हुए थे। इनमें दो बच्चे भी शामिल थे। तटरक्षक बल के ALH Mk-III हेलिकॉप्टर ने सभी छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

ओडिशा के 1000 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में, करीब 59 हजार लोग सुरक्षित निकाले गए

प्रशासन ने पानी से घिरे गांवों में फंसे अन्य लोगों को निकालने के लिए भी हवाई अभियान की योजना बनाई है। हालांकि, नीचे छाए बादलों और खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर संचालन में बाधा आ रही है।

हाईवे टूटा, कई ट्रेनें रद्द और डायवर्ट

बाढ़ का असर सड़क और रेलवे नेटवर्क पर भी पड़ा है। गजपति जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 326 का एक हिस्सा बह जाने से यातायात प्रभावित हुआ है। कई पहाड़ी सड़कों पर मलबा और पानी जमा हो गया है।

विशाखापत्तनम रेलवे डिवीजन के इच्छापुरम और झाडुपुडी रेलखंड पर पटरियों के आसपास पानी भरने से ट्रेनों का संचालन बाधित हुआ। राज्य सरकार की 29 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, नौ ट्रेनें रद्द या निलंबित की गईं, जबकि 14 ट्रेनों के रास्ते बदले गए। हावड़ा-चेन्नई मार्ग पर भी रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

मुख्यमंत्री करेंगे बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी शुक्रवार, 30 अक्टूबर को गंजाम और गजपति जिलों का हवाई सर्वे करने वाले हैं। सर्वे के दौरान प्रभावित इलाकों में नुकसान और राहत कार्यों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ओडिशा सहित प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर केंद्र की ओर से सहायता का भरोसा दिया है।

पड़ोसी आंध्र प्रदेश में भी चक्रवात से भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के अनुसार, शुरुआती आकलन में लगभग 4,600 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। राज्य में सात लोगों की मौत और करीब 2.24 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

बंगाल की खाड़ी में फिर बन रहा कम दबाव का क्षेत्र

चक्रवात अर्नब कमजोर होने के बाद भी मौसम का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर में एक अलग कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके 31 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में बदलने की संभावना है।

यह मौसम प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकती है। इसकी दिशा और तीव्रता पर मौसम विभाग नजर रख रहा है। फिलहाल ओडिशा में सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ में फंसे लोगों को निकालना, सड़क और बिजली सेवाएं बहाल करना तथा प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है।

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