दरभंगा में बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों और किसी भी तरह के शोषण से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। इस दौरान बच्चों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाया गया, ताकि वे सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार की पहचान कर सकें। उन्हें बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति उनके साथ गलत व्यवहार करता है या उन्हें असहज महसूस कराता है, तो इसकी जानकारी बिना डर के अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को देनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को समझाया गया कि उनकी सुरक्षा और सम्मान सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी व्यक्ति को उन्हें गलत तरीके से छूने, डराने, धमकाने या उनकी इच्छा के विरुद्ध कोई काम करने का अधिकार नहीं है। बच्चों को बताया गया कि गुड टच वह स्पर्श होता है, जिससे उन्हें सुरक्षित और सहज महसूस हो, जबकि बैड टच ऐसा स्पर्श है जिससे डर, असहजता या परेशानी महसूस हो सकती है। उन्हें यह भी समझाया गया कि किसी परिचित व्यक्ति की ओर से किया गया गलत व्यवहार भी गलत ही होता है। इसलिए केवल अनजान लोगों से ही नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना जरूरी है।
बच्चों को यह जानकारी भी दी गई कि यदि उनके साथ कोई गलत घटना होती है तो इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। ऐसी स्थिति में चुप रहने के बजाय तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति को बताना चाहिए। कार्यक्रम में बच्चों को अपनी बात खुलकर रखने और किसी भी तरह के दबाव या धमकी से नहीं डरने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें बताया गया कि समय पर जानकारी देने से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और गलत व्यवहार करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों के कानूनी अधिकारों और बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों की भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि संविधान और विभिन्न कानून बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और शोषण से संरक्षण का अधिकार देते हैं। बाल श्रम, बाल विवाह, हिंसा, दुर्व्यवहार और यौन शोषण जैसी समस्याओं के खिलाफ कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि वे अपने अधिकारों को जानें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर सहायता मांगने से पीछे न हटें।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के साथ-साथ उनके आसपास के लोगों को भी बाल सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाना है। बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्कूल, समाज और प्रशासन की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, डर या असहजता जैसे संकेतों पर ध्यान देने की जरूरत है। बच्चों के साथ ऐसा माहौल बनाया जाना चाहिए, जहां वे बिना झिझक अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
सुरक्षित बचपन अभियान के तहत इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने और संभावित खतरों को पहचानने में मददगार साबित हो सकते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक रहें, गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाएं और जरूरत पड़ने पर भरोसेमंद लोगों से सहायता लें।









