दार्जिलिंग में हनीमून पर गए कपल के साथ बड़ा हादसा बारबेक्यू का लुत्फ उठा रही दुल्हन झुलसी

दार्जिलिंग के सिटोंग में हनीमून पर गए नवविवाहित जोड़े के साथ हादसा हुआ। बारबेक्यू की आग अचानक भड़की और दुल्हन गंभीर रूप से झुलस गई।
दार्जिलिंग में हनीमून पर गए कपल के साथ बड़ा हादसा बारबेक्यू का लुत्फ उठा रही दुल्हन झुलसी
Photo Credit / Attribution: Google

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग इलाके में हनीमून मनाने पहुंचे एक नवविवाहित जोड़े की खुशियां उस समय खौफनाक हादसे में बदल गईं, जब बारबेक्यू के दौरान अचानक आग भड़क उठी और दुल्हन उसकी चपेट में आ गई। घटना दार्जिलिंग के सिटोंग इलाके में स्थित एक होमस्टे की बताई जा रही है। हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद घटना की गंभीरता का पता चला है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बारबेक्यू के पास बैठे दंपती के सामने अचानक आग की लपटें तेज होती हैं और कुछ ही सेकंड में नवविवाहिता आग से घिर जाती है। पति और आसपास मौजूद लोग तुरंत उसे बचाने के लिए दौड़ते हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक यह घटना 13 सितंबर की रात की है। उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा इलाके के रहने वाले नवविवाहित दंपती हनीमून के लिए सिटोंग पहुंचे थे। उनकी शादी को अभी करीब दो महीने ही हुए थे। दोनों ने पहाड़ी इलाके में घूमने और कुछ समय साथ बिताने के लिए सिटोंग स्थित एक निजी होमस्टे में ठहरने की व्यवस्था की थी। शाम के समय होमस्टे परिसर में बारबेक्यू की तैयारी की गई थी। इसी दौरान अचानक आग भड़कने से दुल्हन गंभीर रूप से झुलस गई।

सामने आए सीसीटीवी फुटेज में हादसे का पूरा घटनाक्रम दिखाई देता है। रिपोर्टों के अनुसार दंपती बारबेक्यू के सामने बैठे हुए थे। इसी दौरान एक व्यक्ति बारबेक्यू के पास आता है और आग के आसपास किसी तरल पदार्थ को डालता हुआ दिखाई देता है। इसके बाद अचानक आग की लपट काफी तेजी से बढ़ती है और सामने बैठी नवविवाहिता उसकी चपेट में आ जाती है। कुछ ही पल में उसके कपड़ों और शरीर पर आग दिखाई देने लगती है। हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद लोगों को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला। पति समेत अन्य लोगों ने तुरंत आग बुझाने और महिला को बचाने की कोशिश शुरू कर दी।

हादसे में नवविवाहिता गंभीर रूप से झुलस गई। पति के हाथ पर भी आग की वजह से चोट आने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद महिला को तत्काल इलाज के लिए ले जाया गया। पहले स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार कराया गया और इसके बाद उसे सिलीगुड़ी के अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ रिपोर्टों के अनुसार महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है। हालांकि उसकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति के बारे में आधिकारिक तौर पर विस्तृत मेडिकल अपडेट सामने नहीं आया है।

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बारबेक्यू की आग अचानक इतनी तेजी से कैसे भड़की। सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति द्वारा आग के पास किसी तरल पदार्थ को डालते हुए दिखाई देने की बात सामने आई है। हालांकि उस तरल पदार्थ की प्रकृति और उसे डालने का उद्देश्य अभी जांच का विषय है। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में इसे किसी ज्वलनशील तरल से जोड़कर देखा गया है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में बारबेक्यू में कुछ डालने के दौरान आग भड़कने की आशंका जताई गई है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले हादसे की निश्चित वजह बताना उचित नहीं होगा।

हादसे के बाद दुल्हन के पति ने होमस्टे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने आरोप लगाया है कि दुर्घटना के समय वहां पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने के इंतजाम मौजूद नहीं थे। उन्होंने घटना को लेकर पुलिस में शिकायत भी दी है और होमस्टे से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है। पति की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं, लेकिन इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। होमस्टे प्रबंधन का पक्ष भी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक घटना के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से कर्सियांग थाने में लिखित शिकायत दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि इसमें आग भड़कने से ठीक पहले की गतिविधियां दिखाई देती हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आग के पास मौजूद व्यक्ति ने वास्तव में क्या डाला था, वह पदार्थ वहां क्यों इस्तेमाल किया गया और क्या बारबेक्यू संचालित करने के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था।

हादसे ने पहाड़ी पर्यटन क्षेत्रों में होमस्टे और रिसॉर्ट में बारबेक्यू तथा बोनफायर की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पहाड़ी इलाकों में पर्यटक शाम के समय खुले में बारबेक्यू और बोनफायर का आनंद लेते हैं। ठंडे मौसम और पर्यटन स्थलों के माहौल में यह गतिविधि काफी लोकप्रिय है, लेकिन खुली आग के आसपास ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसे में प्रशिक्षित कर्मचारी, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन स्थिति से निपटने की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

सिटोंग की यह घटना इसलिए भी चर्चा में आई क्योंकि हादसे का वीडियो कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। आम तौर पर किसी पर्यटक स्थल पर छोटी-मोटी दुर्घटनाओं की जानकारी केवल प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से सामने आती है, लेकिन इस मामले में सीसीटीवी फुटेज ने घटना के शुरुआती क्रम को सामने ला दिया। वीडियो में आग की लपटों का अचानक बढ़ना और महिला का उसकी चपेट में आना दिखाई देता है। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस घटना के क्रम को समझने की कोशिश कर सकती है।

बताया जा रहा है कि दंपती उत्तर दिनाजपुर के चोपड़ा क्षेत्र से दार्जिलिंग की पहाड़ियों में घूमने पहुंचे थे। शादी के कुछ ही समय बाद दोनों ने हनीमून की योजना बनाई थी। सिटोंग में ठहरने के दौरान दोनों बारबेक्यू का आनंद ले रहे थे, लेकिन कुछ ही सेकंड में स्थिति पूरी तरह बदल गई। परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी बेहद परेशान करने वाला है क्योंकि यात्रा के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई नवविवाहिता को इलाज के लिए दूसरे शहर ले जाना पड़ा।

घटना के बाद अस्पताल में महिला का इलाज जारी है। रिपोर्टों में उसकी हालत को गंभीर बताया गया है। शरीर के कई हिस्सों के झुलसने की जानकारी सामने आई है, हालांकि जलने की वास्तविक गंभीरता और प्रतिशत के बारे में आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल केवल इतना कहा जा सकता है कि महिला को गंभीर आग से चोट लगी है और उसका उपचार किया जा रहा है।

इस घटना के बाद पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों ने भी पर्यटकों को पहाड़ी क्षेत्रों में आग से जुड़े मनोरंजन के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारबेक्यू या बोनफायर के दौरान आग में किसी भी तरह का ज्वलनशील तरल पदार्थ डालना खतरनाक हो सकता है। आग की लपटें अचानक बढ़ सकती हैं और आसपास बैठे लोगों तक पहुंच सकती हैं। ऐसे में आग जलाने और उसे नियंत्रित करने का काम प्रशिक्षित व्यक्ति की निगरानी में होना जरूरी माना जाता है।

सिर्फ पर्यटकों की सावधानी ही नहीं, बल्कि होमस्टे और रिसॉर्ट संचालकों की जिम्मेदारी भी इस घटना के बाद चर्चा में है। यदि किसी परिसर में बारबेक्यू या बोनफायर की व्यवस्था की जाती है तो वहां आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण, पानी या अन्य जरूरी सुरक्षा साधन उपलब्ध होना आवश्यक है। कर्मचारियों को यह भी पता होना चाहिए कि आग अचानक फैलने पर किस तरह पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना है और तत्काल प्राथमिक उपचार कैसे उपलब्ध कराना है। इस घटना की जांच से यह भी स्पष्ट हो सकता है कि संबंधित होमस्टे में ऐसी सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी या नहीं।

पति की शिकायत में होमस्टे कर्मचारियों की कथित लापरवाही और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल रिकॉर्ड और घटनास्थल से जुड़ी जानकारी के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसा महज दुर्घटना था या इसमें सुरक्षा नियमों की अनदेखी हुई थी।

इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि पर्यटन स्थलों पर मनोरंजन के लिए इस्तेमाल होने वाली खुली आग के साथ कितनी सावधानी बरती जा रही है। खासकर पहाड़ी इलाकों में जहां बड़ी संख्या में पर्यटक होमस्टे और छोटे रिसॉर्ट में ठहरते हैं, वहां सुरक्षा मानकों की नियमित जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। बारबेक्यू या बोनफायर पर्यटकों के लिए मनोरंजन का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसकी व्यवस्था सुरक्षित तरीके से नहीं होने पर कुछ ही सेकंड में गंभीर हादसा हो सकता है।

फिलहाल सिटोंग में हुए इस हादसे की जांच जारी है। नवविवाहिता अस्पताल में उपचाराधीन है और परिवार उसकी हालत को लेकर चिंतित है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद आग भड़कने से पहले की गतिविधियों की जांच आसान हो सकती है, लेकिन फुटेज में दिखाई देने वाली गतिविधियों के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जांच पूरी होने से पहले संभव नहीं है। पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आएगी।

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