देहरादून में स्कार्पियो कार से बरामद 1.55 करोड़ रुपये के मामले में आयकर विभाग ने कथित मालिक को नोटिस जारी किया है। नकदी का स्रोत स्पष्ट न होने पर हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से भी जांच शुरू हो गई है।
देहरादून: शहर में कार से बरामद 1.55 करोड़ रुपये की नकदी अब आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में आ गई है। पूछताछ में सामने आए बयानों के आधार पर विभाग ने गुजरात निवासी कथित कारोबारी को नोटिस भेजकर रकम का स्रोत बताने को कहा है। अधिकारियों को आशंका है कि मामला हवाला नेटवर्क और अवैध लेनदेन से जुड़ा हो सकता है।
नकदी के स्रोत पर बना हुआ है सस्पेंस
देहरादून में स्कार्पियो कार से पकड़ी गई 1.55 करोड़ रुपये की नकदी का स्रोत अब तक साफ नहीं हो पाया है। मामले में पकड़े गए कार चालक सतीश भाई और उसके दो साथियों ने पूछताछ में रकम को गुजरात निवासी जगदीश भाई का बताया है।

इसी आधार पर आयकर विभाग ने कथित मालिक को नोटिस जारी कर नकदी का पूरा विवरण और स्रोत बताने के लिए 24 मई तक का समय दिया है। विभाग का कहना है कि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अघोषित आय मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
आयकर विभाग ने नकदी के साथ पकड़े गए तीनों व्यक्तियों के पैन कार्ड और आयकर रिटर्न की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में उनके रिटर्न सामान्य पाए गए हैं, जिससे रकम के वास्तविक स्रोत को लेकर संदेह और बढ़ गया है।
सूत्रों के अनुसार यदि रकम को अघोषित आय माना जाता है, तो पूरी राशि राजकोष में जमा कराई जा सकती है। इसके साथ ही आयकर कानून के तहत करीब 60 प्रतिशत टैक्स और अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच
मामले में हवाला नेटवर्क की आशंका को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी सक्रिय हो गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकदी का संबंध किसी अवैध वित्तीय लेनदेन या अंतरराज्यीय हवाला चैन से तो नहीं है।
अधिकारियों का मानना है कि यदि जांच में फेमा या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में गिरफ्तारी की कार्रवाई भी संभव मानी जा रही है।











