देहरादून:दून मेडिकल कॉलेज में MBBS इंटर्न ने नर्सिंग अधिकारी पर लगाए शोषण के आरोप, जांच शुरू

देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज में महिला MBBS इंटर्न ने नर्सिंग अधिकारी पर अनुचित व्यवहार और आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप लगाया। शिकायत के बाद विभागीय जांच शुरू हो गई है।

देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक महिला एमबीबीएस इंटर्न ने पुरुष नर्सिंग अधिकारी पर अनुचित व्यवहार और आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने विभागीय जांच शुरू कर दी है।

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी स्थित दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक महिला एमबीबीएस इंटर्न द्वारा पुरुष नर्सिंग अधिकारी पर लगाए गए शोषण के आरोपों ने संस्थान में हलचल मचा दी है। पीड़िता की लिखित शिकायत के बाद मेडिसिन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपों की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एमबीबीएस इंटर्न ने लगाए गंभीर आरोप

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिसिन विभाग में तैनात एक पुरुष नर्सिंग अधिकारी के खिलाफ महिला एमबीबीएस इंटर्न ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नर्सिंग अधिकारी काफी समय से उसके साथ अनुचित व्यवहार कर रहा था और लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहा था।

पीड़िता का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी ने अस्पताल के रिकॉर्ड से उसका मोबाइल नंबर प्राप्त किया और उसके बाद बार-बार फोन करने लगा। शिकायत के अनुसार, फोन कॉल के अलावा उसे आपत्तिजनक संदेश भी भेजे गए, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गई। इसके बाद उसने पूरे मामले की जानकारी विभागीय अधिकारियों को देते हुए लिखित शिकायत सौंपी।

मामले की विभागीय जांच शुरू

शिकायत मिलने के बाद मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विवेकानंद सत्यवली ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया और निष्पक्ष विभागीय जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोनों पक्षों से तथ्य जुटाए जाएंगे।

विभागाध्यक्ष के अनुसार, जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप होगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित नर्सिंग अधिकारी के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।

कॉलेज प्रशासन ने अपनाया सख्त रुख

दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीर बताया है। प्रशासन का कहना है कि संस्थान में किसी भी कर्मचारी या छात्र के साथ अनुचित व्यवहार या उत्पीड़न की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और ऐसी घटनाओं के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाती है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित नर्सिंग अधिकारी के खिलाफ सेवा नियमावली के तहत कड़ी विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जांच प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता के अधिकारों और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाए।

जांच रिपोर्ट के बाद होगा अगला फैसला

फिलहाल मामले की विभागीय जांच जारी है और अभी तक आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

यह मामला कार्यस्थल पर पेशेवर आचरण, कर्मचारियों की जवाबदेही और महिला सुरक्षा से जुड़े नियमों को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे मामलों में समयबद्ध और निष्पक्ष जांच से संस्थानों में सुरक्षित कार्य वातावरण बनाए रखने में मदद मिलती है।

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