दिल्ली के गांधी नगर में यमुना नदी में डूबने से बड़ा हादसा, एक शव बरामद, तीन की तलाश जारी

दिल्ली के गांधी नगर में यमुना नदी में 4 लोगों के डूबने की आशंका। एक शव बरामद, तीन की तलाश जारी। गोताखोर, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA की टीमे अभियान मे जुटी है।

दिल्ली के गांधी नगर स्थित यमुना नदी में चार लोगों के डूबने की आशंका के बाद राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। एक शव बरामद हुआ है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है। मौके पर फायर सर्विस, गोताखोर और DDMA की टीमें तैनात हैं।

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी एक बार फिर दर्दनाक हादसे की गवाह बनी। गांधी नगर क्षेत्र में मदीना मस्जिद के पास चार लोगों के नदी में डूबने की आशंका के बाद देर शाम बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस (DFS), गोताखोरों और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की टीमें मौके पर पहुंचीं।

बचाव अभियान के दौरान एक व्यक्ति का शव नदी से बरामद कर लिया गया, जबकि तीन अन्य की तलाश अभी भी जारी है। अंधेरा होने के कारण सोमवार रात अभियान रोकना पड़ा, जिसे मंगलवार सुबह दोबारा शुरू किया गया।

सूचना मिलते ही सक्रिय हुई बचाव एजेंसियां

दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारियों के अनुसार, घटना की सूचना सोमवार शाम लगभग 7:20 बजे प्राप्त हुई। महज कुछ मिनटों के भीतर दमकल की दो गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंच गईं और नदी में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। गोताखोरों ने स्थानीय प्रशासन और अन्य राहत एजेंसियों के सहयोग से नदी में खोजबीन की। शुरुआती अभियान में एक शव बरामद किया गया, लेकिन कम रोशनी और नदी की परिस्थितियों को देखते हुए बाकी लोगों की तलाश अगले दिन तक जारी रखने का निर्णय लिया गया।

एक शव बरामद, तीन लोगों की तलाश जारी

राहत अभियान के दौरान जिस व्यक्ति का शव बरामद हुआ, उसकी पहचान सोनू के रूप में हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, अभी जिन तीन लोगों की तलाश की जा रही है, उनके नाम सचिन, हेमंत और राजन बताए गए हैं। बचाव दल लगातार नदी के विभिन्न हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं ताकि लापता लोगों का जल्द पता लगाया जा सके।

कई एजेंसियां संयुक्त रूप से चला रही हैं अभियान

इस अभियान में केवल दिल्ली फायर सर्विस ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षित गोताखोर, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और स्थानीय पुलिस भी शामिल हैं। सभी एजेंसियां समन्वय के साथ नदी के आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक खोज अभियान जारी रहेगा। नदी के तेज बहाव और सीमित दृश्यता के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

हादसे के कारणों की जांच जारी

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चारों लोग किन परिस्थितियों में नदी में डूबे। पुलिस और प्रशासन घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसा अचानक हुआ या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

यमुना नदी में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

यमुना नदी में डूबने की घटनाएं नई नहीं हैं। हाल के वर्षों में दिल्ली और आसपास के इलाकों में कई ऐसे हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें नदी के तेज बहाव या गहराई का सही अनुमान न लगा पाने के कारण लोगों की जान गई है। कुछ सप्ताह पहले भी राजधानी के अलीपुर क्षेत्र में यमुना नदी में स्नान के दौरान कई किशोर तेज बहाव की चपेट में आ गए थे। उस घटना में भी राहत एजेंसियों को लंबा बचाव अभियान चलाना पड़ा था। बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाएं नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था और लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।

बरसात के मौसम में बढ़ जाता है खतरा

मानसून के दौरान यमुना नदी का जलस्तर और बहाव दोनों बढ़ जाते हैं। कई स्थानों पर नदी की गहराई अचानक बदल जाती है, जिससे सामान्य दिखने वाला इलाका भी बेहद खतरनाक बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के मौसम में नदी में उतरना या किनारों के पास जाना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे समय में प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।

प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यमुना नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और विशेष रूप से बरसात के मौसम में नदी में उतरने से बचें। अधिकारियों ने अभिभावकों से भी बच्चों और किशोरों पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया है ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

बचाव अभियान पर सबकी नजर

मंगलवार सुबह दोबारा शुरू हुए सर्च ऑपरेशन पर सभी की नजर बनी हुई है। गोताखोर और राहत दल नदी के अलग-अलग हिस्सों में लगातार तलाश कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि अभियान पूरी सावधानी और उपलब्ध संसाधनों के साथ चलाया जा रहा है। लापता लोगों के परिजनों को भी नियमित रूप से बचाव कार्य की जानकारी दी जा रही है।

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