अयोध्या के धन्नीपुर में अब सिर्फ मस्जिद बनेगी अस्पताल-म्यूजियम का प्लान टला, फंड की कमी से बदली रणनीति

अयोध्या के धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद परियोजना की रणनीति बदली है। फंड की कमी के चलते अस्पताल और म्यूजियम की योजना फिलहाल टालकर मस्जिद पर फोकस किया जा रहा है
अयोध्या के धन्नीपुर में अब सिर्फ मस्जिद बनेगी अस्पताल-म्यूजियम का प्लान टला, फंड की कमी से बदली रणनीति
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अयोध्या के धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद परियोजना को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। परियोजना से जुड़े लोगों के मुताबिक अब यहां शुरुआती चरण में केवल मस्जिद के निर्माण पर फोकस किया जाएगा। पहले प्रस्तावित अस्पताल, म्यूजियम और अन्य सुविधाओं की योजना को फिलहाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इसके पीछे मुख्य वजह फंड की कमी बताई जा रही है।

धन्नीपुर में मस्जिद निर्माण की योजना लंबे समय से चर्चा में रही है। सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए जमीन आवंटित की गई थी। इसके बाद इस जमीन पर मस्जिद के साथ अस्पताल, संग्रहालय, सामुदायिक रसोई और अन्य जनसुविधाओं को विकसित करने का प्रस्ताव सामने आया था।

परियोजना को व्यापक स्वरूप देने की योजना थी। इसमें धार्मिक स्थल के साथ स्वास्थ्य और सामाजिक सुविधाएं विकसित करने की बात कही गई थी। हालांकि इन सभी योजनाओं के लिए बड़ी धनराशि की आवश्यकता थी। पर्याप्त फंड जुटाने में आ रही मुश्किलों के चलते अब रणनीति में बदलाव किया जा रहा है।

अब पहले चरण में मस्जिद का निर्माण पूरा करने पर जोर देने की योजना है। इसके बाद उपलब्ध संसाधनों और फंडिंग की स्थिति के आधार पर अन्य प्रस्तावित सुविधाओं पर फैसला लिया जा सकता है।

परियोजना के लिए गठित संस्था की ओर से पहले अस्पताल और म्यूजियम सहित कई सुविधाओं का प्रस्ताव रखा गया था। अस्पताल को विशेष रूप से आधुनिक चिकित्सा सुविधा के रूप में विकसित करने की योजना बताई गई थी। म्यूजियम के जरिए अयोध्या और भारतीय इस्लामी विरासत से जुड़े इतिहास को प्रदर्शित करने की भी योजना थी।

लेकिन इन योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए बड़े स्तर पर फंड की जरूरत है। दान और अन्य माध्यमों से अपेक्षित धनराशि जुटाने में कठिनाई आने के कारण परियोजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का फैसला किया जा रहा है।

धन्नीपुर में आवंटित जमीन अयोध्या शहर से कुछ दूरी पर स्थित है। मस्जिद परियोजना के लिए जमीन मिलने के बाद इसे लेकर देशभर में चर्चा हुई थी। प्रस्तावित परिसर को केवल मस्जिद तक सीमित न रखते हुए एक बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही गई थी।

अस्पताल की योजना परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही थी। प्रस्तावित अस्पताल में आसपास के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का उद्देश्य बताया गया था। इसके अलावा म्यूजियम और अन्य सुविधाओं के जरिए परिसर को सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की योजना थी।

अब फंड की कमी के चलते इन योजनाओं को फिलहाल रोकने से परियोजना का आकार छोटा हो जाएगा। मस्जिद निर्माण को प्राथमिकता देने से उपलब्ध संसाधनों को एक ही परियोजना पर केंद्रित किया जा सकेगा।

परियोजना से जुड़े लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती निर्माण के लिए पर्याप्त धन जुटाना है। बड़ी परियोजना होने के कारण केवल निर्माण लागत ही नहीं, बल्कि जमीन के विकास, बिजली, पानी, सड़क, पार्किंग और अन्य आधारभूत सुविधाओं पर भी खर्च होना है।

मस्जिद के निर्माण के लिए भी विस्तृत योजना और बजट की जरूरत होगी। निर्माण शुरू होने से पहले डिजाइन, अनुमति, तकनीकी स्वीकृति और अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा।

अस्पताल और म्यूजियम की योजनाओं को पूरी तरह खत्म किया गया है या उन्हें भविष्य के लिए स्थगित किया गया है, यह परियोजना की आगे की फंडिंग पर निर्भर करेगा। यदि भविष्य में पर्याप्त धन उपलब्ध होता है तो इन योजनाओं को फिर से शुरू किया जा सकता है।

धन्नीपुर परियोजना को लेकर पहले भी डिजाइन और निर्माण को लेकर कई बदलाव सामने आते रहे हैं। शुरुआती प्रस्ताव में मस्जिद को पारंपरिक गुंबद और मीनार वाले ढांचे के बजाय आधुनिक वास्तुकला में बनाने की बात कही गई थी। हालांकि समय के साथ परियोजना के स्वरूप और क्रियान्वयन को लेकर कई स्तर पर चर्चा हुई।

फिलहाल परियोजना की प्राथमिकता स्पष्ट नजर आ रही है—पहले मस्जिद का निर्माण और बाद में अन्य सुविधाएं। फंड की उपलब्धता के आधार पर अस्पताल, म्यूजियम और अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर निर्णय लिया जा सकता है।

इस बदलाव से यह भी संकेत मिलता है कि बड़ी बहुउद्देशीय परियोजना को एक साथ पूरा करने के बजाय अब इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इससे निर्माण शुरू करने के लिए आवश्यक शुरुआती धनराशि का दबाव कम हो सकता है।

हालांकि मस्जिद निर्माण की समयसीमा, अंतिम डिजाइन और निर्माण शुरू होने की तारीख को लेकर स्पष्ट जानकारी परियोजना की अगली आधिकारिक घोषणा के बाद ही सामने आएगी।

धन्नीपुर में प्रस्तावित परियोजना अब फिलहाल मस्जिद-केंद्रित हो गई है। अस्पताल और म्यूजियम जैसी योजनाओं को फंड की कमी के कारण टाल दिया गया है। आगे पर्याप्त संसाधन जुटने पर इन सुविधाओं को परियोजना में शामिल करने की संभावना बनी हुई है।

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