'धुरंधर 2' पर साउथ एक्ट्रेस राम्या का कड़ा रिव्यू, रणवीर सिंह की एक्टिंग पर उठाए सवाल

फिल्म ‘धुरंधर 2’ को लेकर साउथ एक्ट्रेस राम्या ने कड़ा रिव्यू दिया है। उन्होंने रणवीर सिंह की एक्टिंग पर भी सवाल उठाए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई

बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हो रही फिल्म धुरंधर 2: द रिवेंज के बीच, कन्नड़ अभिनेत्री और पूर्व पॉलिटिशियन राम्या ने फिल्म पर अपनी तीखी नाराज़गी जाहिर की है। जहां फिल्म दर्शकों और बॉलीवुड हस्तियों से तारीफ बटोर रही है, वहीं राम्या ने इसे “समय की बर्बादी और निराशाजनक” करार दिया है।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: जहां एक ओर धुरंधर: द रिवेंज सिनेमाघरों में अपनी ज़बरदस्त दौड़ जारी रखे हुए है और दर्शकों के साथ-साथ राम गोपाल वर्मा और राकेश रोशन जैसी इंडस्ट्री की बड़ी हस्तियों से तारीफें बटोर रही है, वहीं दूसरी ओर हर कोई इससे प्रभावित नहीं है। कन्नड़ अभिनेत्री और पूर्व पॉलिटिशियन रम्या इस फिल्म की सबसे तीखी आलोचकों में से एक बनकर उभरी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए फिल्म का नकारात्मक रिव्यू दिया और जमकर भड़ास निकाली।

'टाइम वेस्ट और बोरिंग कंटेंट' - राम्या

राम्या ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर लिखा कि फिल्म देखने के बाद उन्हें ऐसा लगा जैसे “किसी बोरिंग सब्जेक्ट की टेक्स्टबुक पढ़ रहे हों।” उन्होंने कहा कि फिल्म का हर सीन लम्बा और उबाऊ है, और दर्शक धीरे-धीरे हताश होकर हंसने लगते हैं। उनके अनुसार फिल्म थिएटर में देखने के बजाय स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर देखना ही बेहतर विकल्प है।

उन्होंने फिल्म के कंटेंट और निर्माण पर सवाल उठाते हुए लिखा, “निर्देशन, डायलॉग्स, एडीटिंग, बैकग्राउंड स्कोर और एक्टिंग सभी औसत दर्जे से नीचे हैं। ऐसा लगता है जैसे निर्माताओं ने सिर्फ रिलीज़ डेट पूरी करने के लिए इसे भेज दिया। पहले भाग में दर्शकों में एनर्जी और उत्साह था, लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं दिखा।

रणवीर सिंह की एक्टिंग पर आलोचना

राम्या ने रणवीर सिंह के अभिनय पर भी तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जो लोग कह रहे हैं कि रणवीर ने फिल्म अपने कंधों पर संभाली है, उन्हें यह समझना चाहिए कि इस फिल्म में उन्होंने सिर्फ ‘मौजूदगी’ दिखाई, पहले भाग में उनके कैरेक्टर में जो जीवन था, वह इस बार गायब है। सीन्स को बाधित कर रहे हैं और उनका प्रदर्शन सपोर्टिंग रोल जैसा नजर आता है।

राम्या ने फिल्म में दिखाए गए हिंसक दृश्यों और ‘अंध राष्ट्रवाद’ पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “फिल्म में हिंसा इतनी बढ़ा दी गई है कि यह किसी ‘विज़ुअल हैंडबुक’ जैसी लगती है। सिरिंज, चाकू, बंदूक, बम—सब कुछ हथियार बन गए हैं। निर्देशक ऐसा लगातार करते नजर आ रहे हैं जैसे हर सीन पिछले सीन से ज़्यादा हिंसक या मज़ेदार होना चाहिए।

धुरंधर 2: बहुत बड़ी निराशा

राम्या ने निष्कर्ष देते हुए कहा, “‘धुरंधर 2’ एक बहुत बड़ी निराशा है। पहले पार्ट ने दर्शकों को खुश किया, लेकिन यह पार्ट सोचने पर मजबूर करता है कि यह फिल्म क्यों बनाई गई। रणवीर सिंह कहीं बेहतर हैं और फिल्म को लेकर अधिक सावधानी बरती जा सकती थी। अंधराष्ट्रवाद और प्रोपेगैंडा अब पुरानी बातें हैं, आगे बढ़ने की जरूरत है।”

उनके इस रिव्यू ने सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर बहस तेज कर दी है। कुछ दर्शक उनकी राय से सहमत हैं और इसे “प्रोपेगैंडा और अत्यधिक हिंसा” करार दे रहे हैं, वहीं अन्य ने फिल्म की सफलता और अभिनय की तारीफ की है।

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