शक्ति और भक्ति की नगरी चित्तौड़गढ़ के बाशिंदों के लिए खुशियों की 'हरी झंडी' लहराई गई है। लंबे समय से रोडवेज बसों की किल्लत झेल रहे चित्तौड़गढ़ डिपो के बेड़े में 7 नई बसें शामिल हो गई हैं।
चित्तौड़गढ़: लंबे समय से बसों की कमी झेल रहे चित्तौड़गढ़ रोडवेज डिपो के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा राजस्थान दिवस के अवसर पर प्रदेश को समर्पित की गई 207 नई बसों में से 7 नई बसें चित्तौड़गढ़ डिपो पहुंच चुकी हैं। इन नई बसों के आगमन से डिपो के बेड़े में कुल बसों की संख्या 60 से बढ़कर 67 हो गई है। यह पहल न केवल पुराने बंद पड़े रूटों को पुनः सक्रिय करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधा और आराम का नया युग लेकर आएगी।
1 अप्रैल से बदल जाएगा सफर का अनुभव
नई बसों के आने के साथ ही 1 अप्रैल 2026 से चित्तौड़गढ़ डिपो पुराने रूटों का संचालन शुरू करेगा। इसमें विशेष तौर पर सांवलिया सेठ मार्ग शामिल है, जो लंबे समय से बंद पड़ा था। यह मार्ग विशेष रूप से कृष्णधाम सांवलियाजी के भक्तों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। स्थानीय यात्रियों और देश-दुनिया से आने वाले दर्शनार्थियों के लिए अब सुलभ और किफायती परिवहन का विकल्प उपलब्ध होगा।
रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि इन नई बसों के संचालन से यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और समयबद्ध सफर सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही पुराने खटारा बसों की जगह नई और आधुनिक बसों का बेड़ा यात्रा अनुभव को और बेहतर बनाएगा।

डिपो के लिए यह इंतजार का फल
चित्तौड़गढ़ डिपो लंबे समय से नई बसों के लिए तरस रहा था। कई बार डिपो ने नए बसों की मांग की, लेकिन लंबे समय तक बसें नहीं मिलीं। इसके चलते कई महत्वपूर्ण रूट बंद करने पड़े और यात्रियों को निजी बसों पर निर्भर रहना पड़ा। अब 7 नई बसों के आने से यह समस्या दूर होगी और डिपो सामान्य संचालन फिर से शुरू कर सकेगा।
रोडवेज प्रशासन ने बताया कि वे युद्धस्तर पर रूट चार्ट और अनुबंध तैयार कर रहे हैं, ताकि अप्रैल की शुरुआत से यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक सफर का अनुभव मिल सके।
सांवलिया सेठ मार्ग पर विशेष सुविधा
सांवलियाजी में बड़े पैमाने पर श्रद्धालुओं का आना जाना होता है। स्थानीय लोगों की लंबे समय से मांग रही कि इस मार्ग पर सरकारी बसों का संचालन हो, ताकि भीड़ और सफर की कठिनाइयों को कम किया जा सके। रोडवेज सूत्रों के अनुसार, यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इस मार्ग पर विशेष फेरे शुरू किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के सफर में राहत मिलेगी और देश-दुनिया से आने वाले भक्तों के लिए किफायती और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध होगा।










