नई दिल्ली के रंजीत नगर में 25 लाख के आभूषण चोरी का मामला पुलिस ने तीन घंटे में सुलझाया। आरोपी का मोबाइल घटनास्थल पर मिलने से पुलिस ने चालाकी से जाल बिछाकर आरोपी और लॉकर दोनों बरामद किए।
नई दिल्ली: रंजीत नगर चोरी केस में दिल्ली पुलिस ने महज तीन घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और चोरी हुआ आभूषणों से भरा लॉकर भी बरामद कर लिया। वारदात के दौरान आरोपी का मोबाइल मौके पर छूट जाने से पुलिस को अहम सुराग मिला। इसी आधार पर टीम ने सब्जी विक्रेता बनकर जाल बिछाया और आरोपी को बुलाकर पकड़ लिया, जिससे पूरे मामले का तेजी से खुलासा हो सका।
मौके पर मिला मोबाइल बना जांच की कुंजी
चोरी के दौरान आरोपी अपना मोबाइल फोन घटनास्थल पर ही छोड़ गया था, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। फोन की बैटरी खत्म होने के कारण उसे चार्ज कराया गया और कॉल आने का इंतजार किया गया।
जैसे ही फोन पर कॉल आया, पुलिसकर्मी ने खुद को सब्जी विक्रेता बताते हुए फोन लौटाने के बदले 500 रुपये की मांग की। आरोपी इस योजना में फंस गया और संपर्क बनाए रखा, जिससे पुलिस को उसे पकड़ने का अवसर मिला।
झांसे में फंसाकर आरोपी तक पहुंची पुलिस
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पुलिस ने आरोपी को फोन लेने के बहाने रहेजा बिल्डिंग के पास बुलाया। वहां आरोपी के नाबालिग भतीजे के पहुंचते ही उसे पकड़ लिया गया और पूछताछ की गई।
भतीजे से मिली जानकारी के आधार पर मुख्य आरोपी कलाम नदफ को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की इस रणनीति ने बिना किसी देरी के पूरे मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
निर्माणाधीन फ्लैट से बरामद हुआ लॉकर
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि लॉकर भारी होने के कारण वह उसे दूर नहीं ले जा सका। उसने उसी इमारत के एक निर्माणाधीन फ्लैट में लॉकर छिपा दिया था।
पुलिस ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर लॉकर को बरामद कर लिया। बरामद आभूषणों की कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई गई है, जिससे पीड़ित को बड़ी राहत मिली।
शिकायत से खुलासा तक: तीन घंटे में कार्रवाई
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर के अनुसार, 28 अप्रैल को साउथ पटेल नगर निवासी कारोबारी योगेश शर्मा ने चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी।
पीड़ित ने बताया कि सुबह 6 से 7 बजे के बीच घर से लॉकर चोरी हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तकनीकी व मानवीय सूझबूझ के संयोजन से कुछ ही घंटों में पूरे मामले का खुलासा कर दिया।









