दिल्ली पुलिस ने 6.5 लाख रुपये की फर्जी स्नैचिंग केस का खुलासा करते हुए CA कर्मचारी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर खुद लूट की साजिश रची थी। पुलिस ने पूरी रकम और इस्तेमाल की गई बाइक बरामद कर ली।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में पुलिस ने एक कथित फर्जी लूटकांड का खुलासा करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के कर्मचारी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर 6.5 लाख रुपये की नकली स्नैचिंग की साजिश रची, ताकि रकम का गबन किया जा सके।
पुलिस ने मामले में पूरी नकदी बरामद करने का दावा किया है। जांच के दौरान CCTV फुटेज और आरोपियों के बयानों में विरोधाभास सामने आने के बाद पूरी साजिश का खुलासा हुआ।
कैसे सामने आया मामला
पुलिस के अनुसार, 4 मई को वजीराबाद पुलिस स्टेशन में एक स्नैचिंग की सूचना मिली थी। शिकायतकर्ता आयुष मिश्रा ने दावा किया कि वह एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के लिए काम करता है और राजेंद्र प्लेस में 6.5 लाख रुपये पहुंचाने जा रहा था।
उसने पुलिस को बताया कि नकदी से भरा बैग मोटरसाइकिल पर ले जाते समय ओल्ड यमुना ब्रिज के पास शिव मंदिर इलाके में दो बाइक सवार युवकों ने उससे छीन लिया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
CCTV फुटेज से बढ़ा शक
जांच के दौरान पुलिस टीम ने इलाके और आसपास के मार्गों के CCTV फुटेज खंगाले। अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज में कुछ ऐसी गतिविधियां दिखाई दीं, जिससे शिकायतकर्ता पर ही शक होने लगा।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वीडियो में आयुष मिश्रा कथित लुटेरों के पीछे आने के दौरान मुस्कुराता नजर आ रहा था। इसके अलावा, कथित स्नैचर्स उसी बैग के साथ दिखाई दिए, जिससे पुलिस को कहानी पर संदेह हुआ।
पूछताछ के दौरान मिश्रा बार-बार अपना बयान बदलता रहा और घटना के कई पहलुओं पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
पूछताछ में कबूली साजिश
लगातार पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के दबाव में आयुष मिश्रा ने आखिरकार स्वीकार कर लिया कि लूट की घटना पूरी तरह फर्जी थी।
पुलिस के अनुसार, उसने अपने दोस्तों आशु और आकाश के साथ मिलकर यह योजना बनाई थी। दोनों आरोपी बुराड़ी के कौशिक एन्क्लेव इलाके के निवासी बताए गए हैं।
जांच में सामने आया कि तीनों अक्सर शाम को साथ बैठकर शराब पीते थे और इसी दौरान नकदी हड़पने की साजिश तैयार की गई।
पूरी रकम बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर पूरी रकम बरामद कर ली। अधिकारियों के मुताबिक:
- आयुष मिश्रा से 2.5 लाख रुपये बरामद किए गए
- आशु की मोटरसाइकिल रिपेयर दुकान से 2 लाख रुपये मिले
- आकाश के घर से 2 लाख रुपये बरामद किए गए
इसके अलावा, कथित साजिश में इस्तेमाल की गई दोनों मोटरसाइकिलें भी जब्त कर ली गई हैं।
आरोपी की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, आयुष मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला है। वह करीब पांच महीने पहले दिल्ली आया था और दो महीने पहले ही चार्टर्ड अकाउंटेंट के यहां नौकरी शुरू की थी।
अपने काम के दौरान वह नियमित रूप से नकदी पहुंचाने का जिम्मा संभालता था। पुलिस का कहना है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने रकम हड़पने की योजना बनाई।
बढ़ रहे हैं फर्जी अपराध के मामले
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में आर्थिक दबाव और आसान पैसे की चाहत के कारण इस तरह के “सेल्फ-स्टेज्ड” अपराधों के मामले बढ़े हैं। कई बार आरोपी खुद पर हमला या चोरी का झूठा दावा कर धन गबन करने की कोशिश करते हैं।
हालांकि, आधुनिक निगरानी तकनीक, CCTV नेटवर्क और डिजिटल जांच के कारण ऐसे मामलों का खुलासा तेजी से हो रहा है।
पुलिस की सतर्कता से खुली साजिश
दिल्ली पुलिस ने कहा कि यदि CCTV फुटेज और तकनीकी जांच पर बारीकी से ध्यान नहीं दिया जाता, तो मामला सामान्य लूटकांड मानकर बंद हो सकता था।
पुलिस अब आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और झूठी सूचना देने समेत कई धाराओं में कार्रवाई कर रही है।










