ईरानी सांसद इब्राहिम रेजई ने कहा कि Pakistan मध्यस्थ बनने के लायक नहीं है क्योंकि वह अमेरिका के पक्ष में झुकता है। Donald Trump की चेतावनी और Iran-अमेरिका तनाव के बीच कूटनीतिक बातचीत में कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है।
ईरान/अमेरिका वॉर: मध्य पूर्व में जारी तनाव और ईरान–अमेरिका के बीच चल रही कूटनीतिक खींचतान के बीच एक नया विवाद सामने आया है। ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजई ने पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
रेजई का कहना है कि पाकिस्तान भले ही ईरान का मित्र देश हो, लेकिन वह इस संघर्ष में निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभाने के योग्य नहीं है।
पाकिस्तान की भूमिका पर ईरान का सवाल
ईरानी सांसद इब्राहिम रेजई ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान अक्सर अमेरिका और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के रुख को ध्यान में रखकर अपनी विदेश नीति तय करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अमेरिका के खिलाफ खुलकर बयान देने से बचता है, जिससे उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
रेजई के अनुसार, एक सही मध्यस्थ वही होता है जो दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाए रखे, न कि किसी एक पक्ष की ओर झुका हुआ हो।
ईरान–पाकिस्तान कूटनीतिक गतिविधियां तेज
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची हाल ही में 24 घंटे के भीतर दो बार पाकिस्तान का दौरा कर चुके हैं।
उन्होंने इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सैन्य नेतृत्व से मुलाकात की, जिसमें क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर चर्चा हुई।
इसके अलावा उन्होंने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से भी मुलाकात कर युद्ध और शांति बहाली पर विचार-विमर्श किया।
अमेरिका की कड़ी चेतावनी
इस बीच अमेरिका की ओर से भी बयानबाजी तेज हो गई है। डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे सीजफायर पर सहमत होने के लिए केवल तीन दिन का समय दिया गया है।
ट्रम्प ने दावा किया कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो ईरान की तेल पाइपलाइनों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि तेल आपूर्ति बाधित होने से पाइपलाइनों में दबाव बढ़ सकता है, जिससे तकनीकी समस्याएं और बड़े नुकसान की आशंका है।
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव
मध्य पूर्व में स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। हाल के दिनों में कई देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत तेज हुई है:
प्रमुख घटनाएं:
ईरान और फ्रांस के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत
ट्रम्प और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच शिपिंग सुरक्षा पर चर्चा
जापान को अमेरिका से तेल टैंकर की आपूर्ति
होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक गतिविधियों पर असर
यह घटनाएं दर्शाती हैं कि क्षेत्रीय संघर्ष अब वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति को भी प्रभावित कर रहा है।

ईरानी राष्ट्रपति का अनोखा परिचय
इसी बीच ईरान ने अपने राष्ट्रपति मसूद पजशकियान का एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें वे अस्पताल में सर्जरी करते नजर आते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पजशकियान पेशे से कार्डियोवैस्कुलर सर्जन रहे हैं और उनके पास 30 साल से अधिक का मेडिकल अनुभव है।
उन्होंने कई वर्षों तक बच्चों के दिल की सर्जरी और हार्ट वाल्व रिपेयर जैसे जटिल ऑपरेशन किए हैं।
कूटनीति बनाम शक्ति राजनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान स्थिति में ईरान और अमेरिका के बीच भरोसे की कमी सबसे बड़ी बाधा है। पाकिस्तान जैसे देशों की मध्यस्थ भूमिका तभी प्रभावी हो सकती है जब उन्हें दोनों पक्षों का समान विश्वास प्राप्त हो।
हालांकि, ईरान के ताजा बयान से यह स्पष्ट है कि कूटनीतिक प्रयासों के बीच भी राजनीतिक अविश्वास गहरा होता जा रहा है।
वैश्विक असर और ऊर्जा संकट की आशंका
होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक मार्गों पर तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। कई देश पहले ही वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर रुख कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति बिगड़ती है, तो इसका असर वैश्विक बाजार, तेल कीमतों और व्यापार पर सीधा पड़ेगा।









