अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में तेहरान के IRGC के इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर और मंत्रालय को निशाना बनाया गया। IRGC ने चेतावनी दी कि आम नागरिकों पर हमला जारी रहा, तो प्रतिशोध कड़ा होगा। लेबनान ने ईरानी एम्बेसडर को देश छोड़ने का आदेश दिया।
World News: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध आज 25वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस दौरान इजरायल ने तेहरान, लेबनान और फलस्तीन में बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए हैं। इजरायली सेना का दावा है कि इन हमलों में ईरान के IRGC यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के दो इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर और इंटेलिजेंस मंत्रालय की एक इमारत को निशाना बनाया गया। इजरायल का उद्देश्य ईरान के सैन्य और रणनीतिक ढांचे को कमजोर करना है।
लेबनान और फलस्तीन में भी मिसाइल हमले
इजरायल ने अपने हवाई हमलों को केवल ईरान तक सीमित नहीं रखा, बल्कि लेबनान और फलस्तीन में भी मिसाइल हमला किया। इस हमले के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि लेबनान और गाजा में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया, तो वह बेरोकटोक प्रतिशोध करेगा। IRGC ने कहा कि अगर इजरायल के हमले जारी रहे, तो वह उत्तरी इजरायल और गाजा के पास मौजूद इजरायली सैनिकों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज करेगा।
IRGC ने दी कड़ी चेतावनी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा है कि इजरायल मौजूदा युद्ध का फायदा उठाकर लेबनान और फलस्तीन में आम नागरिकों पर हमला कर रहा है। IRGC ने स्पष्ट किया कि ये हमले स्वीकार्य नहीं हैं और यदि यह जारी रहा, तो ईरान प्रतिशोध के लिए पूरे दमखम के साथ जवाब देगा। IRNA न्यूज एजेंसी के अनुसार, IRGC ने चेतावनी दी कि उत्तर इजरायल और गाजा के पास के इलाके में इजरायली सैनिकों को निशाना बनाया जाएगा और यह कार्रवाई बिना किसी रोक-टोक के की जाएगी।
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लेबनान ने ईरान के एम्बेसडर को देश छोड़ने का आदेश दिया
ईरान की कड़ी चेतावनी और लेबनान-इजरायल संघर्ष के बीच लेबनान ने अपने कदम उठाए हैं। लेबनान ने ईरान के एम्बेसडर की मान्यता वापस ले ली है और उन्हें देश छोड़ने का आदेश दिया है। यह कदम क्षेत्रीय राजनीति में नई चुनौतियों को जन्म दे रहा है।
अमेरिका पर ईरान की चेतावनी
सिर्फ इजरायल ही नहीं, बल्कि ईरान ने अमेरिका को भी चेतावनी दी है। IRGC के सीनियर अधिकारी और तेहरान की ताकतवर एक्सपीडिएंसी डिसर्नमेंट काउंसिल के सदस्य मोहसिन रेजाई ने कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला किया, तो ईरान अरब की खाड़ी में अमेरिकी जहाज़ों को भी निशाना बनाएगा। रेजाई ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के पास इस संकट से बाहर निकलने का समय तेजी से घट रहा है और यदि उसने तुरंत कदम नहीं उठाया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
तेहरान में बैलिस्टिक मिसाइल
इजरायली सेना ने अपने हवाई हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल रखने की जगहों और कई सरकारी इमारतों को निशाना बनाया। इसमें IRGC के दो इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर और इंटेलिजेंस मंत्रालय की इमारत शामिल है। इसका मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और उसे बातचीत के लिए मजबूर करना बताया जा रहा है।
आम नागरिकों के लिए खतरा
ईरान ने बार-बार कहा है कि युद्ध की मार आम नागरिकों पर नहीं पड़नी चाहिए। IRGC ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायल आम नागरिकों को निशाना बनाता रहा, तो उसका जवाब सीधे और कड़ा होगा। ईरान का कहना है कि इसका उद्देश्य केवल सुरक्षा बलों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाना है, लेकिन अगर आम नागरिकों को नुकसान हुआ, तो इसका खामियाजा इजरायल को भुगतना होगा।







