ईरान संघर्ष के बीच UAE मंत्री रीम अल हाशिमी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से की मुलाकात

ईरान संघर्ष के बीच UAE की विदेश मंत्री रीम अल हाशिमी ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अहम बैठक की। जानें मुलाकात में क्या मुद्दे रहे और दोनों देशों के

पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग मामलों की राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से महत्वपूर्ण बैठक की। 

World News: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने कतर, यूएई, कुवैत, ओमान और सऊदी अरब समेत कई देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों और उनके रणनीतिक ठिकानों पर हमले किए हैं। यह संघर्ष अब तेल और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बढ़ता जा रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ने का खतरा है। इस बीच, रीम अल हासिमी, जो यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग मामलों की राज्य मंत्री हैं, ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की।

रीम अल हाशिमी और उनकी भूमिका

रीम अल हाशिमी UAE की अंतरराष्ट्रीय सहयोग मामलों की राज्य मंत्री हैं और मिडिल ईस्ट की प्रमुख राजनीति हस्तियों में उनकी अहम पहचान है। उन्होंने अपनी शिक्षा हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर्स और चीन की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से पीएचडी पूरी की। रीम अल हाशिमी लंबे समय से विदेश नीति और वैश्विक सहयोग से जुड़े मुद्दों में सक्रिय रही हैं।

UAE सरकार में उन्होंने 2008 से मंत्री स्तर की जिम्मेदारी संभाली है। इसके अलावा, वह Expo 2020 दुबई की मैनेजिंग डायरेक्टर भी रहीं और इस वैश्विक आयोजन को सफल बनाने में उनकी अहम भूमिका रही। रीम अल हाशिमी ने भारत समेत एशिया, यूरोप और अफ्रीका के देशों के साथ UAE के रणनीतिक और कूटनीतिक रिश्तों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मुलाकात के मुख्य बिंदु

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रीम अल हाशिमी की मुलाकात 17 मार्च को हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई:

  • पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष: ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर चर्चा की गई।
  • ऊर्जा सुरक्षा और शिपिंग मार्ग: होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ।
  • भारतीय नागरिकों की सुरक्षा: संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और उनके कल्याण के उपायों पर चर्चा की गई।
  • कूटनीतिक सहयोग: UAE और भारत के बीच सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार हुआ।

पीएम मोदी के संवाद का प्रभाव

इस मुलाकात से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 मार्च को UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बातचीत की थी। पीएम मोदी ने क्षेत्र में हाल के हमलों की कड़ी निंदा की और होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके बाद यह बैठक हुई, जिससे भारत और UAE के बीच कूटनीतिक संवाद और सहयोग को मजबूती मिली।

Leave a comment