एफिल टावर प्रमुख साल के अंत में छोड़ेंगे पद, हिंदू समूह के दौरे में महिला स्टाफ को हटाने पर विवाद

एफिल टावर की संचालन कंपनी SETE के प्रमुख पैट्रिक ब्रांको रुइवो साल के अंत में पद छोड़ेंगे। BAPS दौरे में महिला स्टाफ हटाने पर जांच के बाद फैसला हुआ।

पेरिस के एफिल टावर की संचालन कंपनी SETE के प्रमुख पैट्रिक ब्रांको रुइवो साल के अंत में पद छोड़ेंगे। 5 सितंबर को BAPS प्रतिनिधिमंडल के दौरे में महिला कर्मचारियों को अलग रखने के मामले की आंतरिक जांच के बाद यह फैसला आया।

पेरिस: फ़्रांस के प्रतिष्ठित एफिल टावर का संचालन करने वाली कंपनी Société d’Exploitation de la Tour Eiffel (SETE) के महानिदेशक पैट्रिक ब्रांको रुइवो साल 2026 के अंत में अपना पद छोड़ेंगे। यह फैसला 5 सितंबर को एक हिंदू धार्मिक संगठन के प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को ड्यूटी से अलग रखने के मामले की आंतरिक जांच के बाद सामने आया है। SETE के मुताबिक, आंतरिक जांच में दौरे की योजना और आयोजन में “परिचालन संबंधी खामियां और कमियां” सामने आईं। कंपनी ने कहा कि इन खामियों के कारण दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को अलग रखा गया, जिसे उसने “अस्वीकार्य स्थिति” बताया। रुइवो 2018 से एफिल टावर की संचालन कंपनी के महानिदेशक के पद पर हैं।

BAPS प्रतिनिधिमंडल के दौरे से शुरू हुआ विवाद

विवाद 5 सितंबर को Bochasanwasi Akshar Purushottam Swaminarayan Sanstha (BAPS) के एक प्रतिनिधिमंडल के एफिल टावर दौरे से जुड़ा है। SETE ने बाद में स्वीकार किया था कि हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने दौरे की ऐसी व्यवस्था का अनुरोध किया था, जिसमें महिलाओं के साथ बातचीत को सीमित किया जाए।

SETE ने उस समय स्पष्ट किया था कि ऐसी शर्तें स्वीकार नहीं की जानी चाहिए थीं। इसके बाद इस व्यवस्था को लेकर एफिल टावर के कर्मचारियों में नाराजगी सामने आई और मामले ने फ्रांस में व्यापक सार्वजनिक तथा राजनीतिक प्रतिक्रिया पैदा की।

महिला कर्मचारियों को अलग रखने के निर्देश

एफिल टावर के कर्मचारियों की ओर से जारी बयान के अनुसार, दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को उनके सामान्य कार्यस्थलों से हटाया गया। कुछ कर्मचारियों को अपने पद छोड़कर दूसरे स्थानों पर जाने के लिए कहा गया, जबकि कुछ जगहों पर उनकी जगह पुरुष कर्मचारियों को लगाया गया।

कर्मचारियों ने यह भी कहा कि प्रतिनिधिमंडल के वहां रहने के दौरान महिला कर्मचारियों को कुछ निर्धारित क्षेत्रों से गुजरने या उन्हें पार करने से भी रोक दिया गया था।

कर्मचारियों के अनुसार, इस व्यवस्था का असर सीधे महिला कर्मचारियों की कार्य भूमिका पर पड़ा और उन्होंने इसे समानता तथा गैर-भेदभाव के सिद्धांतों के विपरीत बताया।

विरोध के बाद एक दिन बंद रहा एफिल टावर

महिला कर्मचारियों को अलग रखने के मामले के सामने आने के बाद एफिल टावर के कर्मचारियों ने विरोध किया। 7 सितंबर को कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्मारक को एक दिन के लिए बंद करना पड़ा।

घटना ने फ्रांस में इसलिए भी व्यापक चर्चा पैदा की क्योंकि देश के सार्वजनिक संस्थानों में धर्मनिरपेक्षता और लैंगिक समानता महत्वपूर्ण सार्वजनिक सिद्धांतों के रूप में देखे जाते हैं। पेरिस प्रशासन ने भी मामले की जांच कराने का फैसला किया था।

पेरिस की नगर सरकार ने 8 सितंबर को कहा था कि उसे BAPS प्रतिनिधिमंडल की यात्रा की व्यवस्था और कई महिला कर्मचारियों को कथित रूप से अलग रखे जाने की जानकारी मिली है। नगर प्रशासन ने संबंधित कर्मचारियों से बातचीत कर मामले की जानकारी लेने और सार्वजनिक संस्थानों द्वारा पालन किए जाने वाले मूल सिद्धांतों की याद दिलाने की बात कही थी।

SETE प्रमुख ने क्यों लिया पद छोड़ने का फैसला?

SETE ने मंगलवार को बताया कि आंतरिक जांच में आधिकारिक दौरों की योजना और 5 सितंबर के दौरे के आयोजन से जुड़ी कई परिचालन संबंधी कमियां सामने आईं। कंपनी के अनुसार, इन्हीं कमियों के चलते महिला कर्मचारियों को दौरे से अलग रखने की स्थिति बनी।

इसके बाद पैट्रिक ब्रांको रुइवो ने साल के अंत में पद छोड़ने का निर्णय लिया। SETE के बोर्ड अध्यक्ष एरियल वेल ने नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने की बात कही है।

SETE ने साथ ही एक समर्पित प्रोटोकॉल विभाग बनाने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए नए उपायों तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू करने की योजना बताई है।

BAPS ने घटना पर जताया खेद

BAPS ने इस घटनाक्रम के बाद “किसी भी पीड़ा या असुविधा” के लिए माफी मांगी है। संगठन का प्रतिनिधिमंडल सितंबर की शुरुआत में पेरिस क्षेत्र में अपने पहले प्रमुख मंदिर के उद्घाटन से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान एफिल टावर पहुंचा था।

इस मामले में BAPS की ओर से यह भी कहा गया कि प्रतिनिधिमंडल की व्यवस्था का उद्देश्य दौरे से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाना था। हालांकि, महिला कर्मचारियों को अलग रखने का फैसला बाद में विवाद का केंद्र बन गया। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में ऐसे साधु भी शामिल थे जिनके धार्मिक व्रतों में महिलाओं के साथ संपर्क से परहेज शामिल है।

पेरिस मेयर ने फैसले पर जताई थी आपत्ति

पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोयर ने महिला कर्मचारियों को अलग रखने के फैसले की आलोचना की थी। पेरिस प्रशासन ने मामले की पूरी जांच की मांग की और यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि दौरे के दौरान ऐसी व्यवस्था तक निर्णय लेने की प्रक्रिया कैसे पहुंची।

SETE में नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा के बाद मेयर के करीबी एक व्यक्ति ने रुइवो के फैसले को जिम्मेदाराना कदम बताया और 2018 में पद संभालने के बाद एफिल टावर तथा SETE के प्रति उनके योगदान का उल्लेख किया। साथ ही मामले से सीख लेने और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने की जरूरत पर जोर दिया गया।

एफिल टावर हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है

एफिल टावर पेरिस और फ्रांस के सबसे प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में से एक है। SETE के अनुसार, यह स्मारक हर साल करीब 70 लाख लोगों को आकर्षित करता है। ऐसे में इसके संचालन, कर्मचारियों और आगंतुकों से जुड़े फैसलों का सार्वजनिक स्तर पर व्यापक प्रभाव पड़ता है।

रुइवो ने 2018 में SETE के महानिदेशक का पद संभाला था। अब उनके जाने के बाद कंपनी के सामने नेतृत्व परिवर्तन के साथ-साथ आधिकारिक दौरों के लिए नए प्रोटोकॉल लागू करने की चुनौती होगी।

आगे क्या बदलेगा?

SETE की जांच के बाद कंपनी ने केवल नेतृत्व परिवर्तन तक सीमित रहने के बजाय प्रोटोकॉल और प्रशिक्षण व्यवस्था में बदलाव की घोषणा की है। समर्पित प्रोटोकॉल विभाग का गठन और लैंगिक समानता से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी प्रक्रिया का हिस्सा होंगे।

5 सितंबर की घटना के बाद शुरू हुए विवाद ने यह सवाल भी उठाया कि धार्मिक प्रतिनिधिमंडलों की विशेष व्यवस्थाओं और सार्वजनिक संस्थानों में लागू समानता के नियमों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। SETE ने अपनी जांच के आधार पर यह स्पष्ट किया है कि महिला कर्मचारियों को अलग रखने की स्थिति उसके अनुसार स्वीकार्य नहीं थी।

पैट्रिक ब्रांको रुइवो का कार्यकाल समाप्त होने के साथ एफिल टावर के संचालन में नेतृत्व परिवर्तन होगा। कंपनी की ओर से अब नए प्रोटोकॉल और प्रशिक्षण उपायों को लागू करने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जा रहा है।

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