पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) ने नीदरलैंड और बेल्जियम में 15 से 30 अगस्त तक होने वाले एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप के लिए 20 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 के लिए पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) ने अपनी 20 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। लगभग आठ वर्षों बाद विश्व कप में वापसी कर रही पाकिस्तान की टीम से देश के हॉकी प्रशंसकों को बड़ी उम्मीदें हैं। हालांकि, टूर्नामेंट में पाकिस्तान के सामने शुरुआत से ही कठिन चुनौती रहने वाली है, क्योंकि उसे भारत, इंग्लैंड और वेल्स जैसी मजबूत टीमों के साथ पूल-डी में रखा गया है।
15 से 30 अगस्त तक नीदरलैंड और बेल्जियम की मेजबानी में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में दुनिया की शीर्ष हॉकी टीमें खिताब के लिए मुकाबला करेंगी। पाकिस्तान की टीम का लक्ष्य लंबे समय बाद विश्व मंच पर अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा को फिर से हासिल करना होगा।
अबू बकर महमूद को सौंपी गई कप्तानी
पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने फॉरवर्ड खिलाड़ी अबू बकर महमूद को टीम की कप्तानी सौंपी है। उन्हें हाल के वर्षों में पाकिस्तान की उभरती हुई प्रतिभाओं में गिना जाता रहा है। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि उनकी नेतृत्व क्षमता और आक्रामक खेल शैली टीम को टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद करेगी।इसके अलावा पूर्व कप्तान अम्माद शकील बट को भी टीम में शामिल रखा गया है।
उनका अनुभव और नेतृत्व युवा खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। चयन समिति ने ज्यादातर उन्हीं खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है जिन्होंने हाल के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया है।
आठ साल बाद विश्व कप में वापसी
पाकिस्तान हॉकी इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक रही है। चार बार विश्व कप खिताब जीतने वाली पाकिस्तान की टीम लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष करती नजर आई है। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों में वह विश्व कप जैसे बड़े आयोजनों में नियमित रूप से जगह नहीं बना सकी। अब आठ वर्षों के अंतराल के बाद पाकिस्तान की विश्व कप में वापसी को देश के हॉकी पुनरुत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, टीम के सामने चुनौती केवल टूर्नामेंट में भाग लेने की नहीं, बल्कि शीर्ष टीमों के खिलाफ प्रभावशाली प्रदर्शन करने की भी होगी।

पूल-डी बना ‘ग्रुप ऑफ डेथ’
विश्व कप के लिए पाकिस्तान को पूल-डी में रखा गया है, जिसे कई विशेषज्ञ टूर्नामेंट का सबसे कठिन समूह मान रहे हैं। इस ग्रुप में भारत, इंग्लैंड और वेल्स जैसी मजबूत टीमें शामिल हैं। भारत वर्तमान में विश्व हॉकी की प्रमुख शक्तियों में गिना जाता है और हाल के वर्षों में उसने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। दूसरी ओर, इंग्लैंड भी यूरोप की मजबूत टीमों में शामिल है और बड़े टूर्नामेंटों में हमेशा खतरनाक साबित होती है। ऐसे में पाकिस्तान के लिए नॉकआउट चरण तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं होगा। टीम को प्रत्येक मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।
इंग्लैंड के खिलाफ होगा पहला मुकाबला
पाकिस्तान अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को इंग्लैंड के खिलाफ करेगा। यह मैच नीदरलैंड के एम्सटेलवीन शहर में खेला जाएगा। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला ही पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मजबूत इंग्लैंड के खिलाफ सकारात्मक परिणाम टीम का आत्मविश्वास बढ़ा सकता है। इसके बाद भारत और वेल्स के खिलाफ होने वाले मुकाबले भी टीम के लिए निर्णायक साबित होंगे।
पाकिस्तान की घोषित 20 सदस्यीय टीम
अबू बकर महमूद (कप्तान), वकार, मोहम्मद अब्दुल्ला, मोहम्मद सूफियान खान, मोईन शकील, अब्दुल वहीद अशरफ राणा, अब्दुल हन्नान शाहिद, जकारिया हयात, अरशद लियाकत, आदिल लतीफ, अहमद नदीम, गजनफर अली, अम्माद शकील बट, मोहम्मद हम्मादुद्दीन अंजुम, रहमान अब्दुल, अफराज, उमर मुस्तफा, अली रजा, अब्दुल मनान और मोहम्मद अम्माद।











