फ्रांस में भीषण जंगल की आग ने तबाही मचा दी है। गिरोंद क्षेत्र से 55 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। तेज हवाओं और सूखे मौसम के कारण आग तेजी से फैल रही है। स्पेन भी इसी संकट से जूझ रहा है।
पेरिस: फ्रांस में इन दिनों भीषण जंगल की आग ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित गिरोंद क्षेत्र में आग लगातार फैल रही है, जिसके चलते करीब 55 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से बढ़ रही है कि कई इलाकों को खाली कराना पड़ा है। फ्रांस के छह कस्बों में बड़े स्तर पर निकासी अभियान चलाया गया। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। आग के कारण कई सड़क मार्ग भी बंद कर दिए गए हैं, जिनमें फ्रांस से स्पेन जाने वाला प्रमुख ए63 राजमार्ग भी शामिल है।
आग ने बनाया अपना मौसम, बुझाना हुआ मुश्किल
फ्रांस के अग्निशमन अभियान से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जंगल की आग ने बेहद खतरनाक रूप ले लिया है। फायर ऑपरेशन के प्रमुख कैप्टन निकोलस ब्राज ने बताया कि आग ने अपनी हवाएं पैदा करनी शुरू कर दी हैं और इससे छोटे-छोटे आग के बवंडर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि आग का व्यवहार बेहद अनिश्चित हो गया है और इसे नियंत्रित करना काफी कठिन साबित हो रहा है। सूखी वनस्पतियां, तेज हवाएं और लगातार बढ़ता तापमान आग को और भड़का रहे हैं।
42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र जलकर हुआ राख
फ्रांस में इस साल जंगल की आग ने बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक देश में करीब 98 हजार हेक्टेयर क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका है। मौजूदा संकट में गिरोंद क्षेत्र की आग सबसे बड़ी घटनाओं में से एक मानी जा रही है। इस आग से करीब 42 हजार हेक्टेयर जमीन प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय से जारी गर्मी और कम नमी वाली परिस्थितियों ने आग फैलने की संभावना को बढ़ा दिया है।

नियंत्रण में समय लगेगा: फ्रांस सरकार
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने कहा कि इस आग को पूरी तरह नियंत्रित करने में लंबा समय लग सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जाता, तब तक प्रभावित इलाकों में लोगों की वापसी संभव नहीं होगी। सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। फ्रांस ने सेना को भी अभियान में शामिल किया है। सेना के जवान जंगलों में सूखी झाड़ियों को हटाने और आग रोकने के लिए फायर ब्रेक बनाने में मदद कर रहे हैं।
राष्ट्रपति मैक्रों ने दिया मदद का भरोसा
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया है कि सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि देश प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्निर्माण करेगा और जब तक जरूरत होगी, प्रशासन लोगों के साथ खड़ा रहेगा। राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों को रहने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्पेन में भी जंगल की आग का संकट
फ्रांस के अलावा पड़ोसी देश स्पेन भी जंगल की आग से जूझ रहा है। स्पेन के कई क्षेत्रों में आग फैलने के कारण 90 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मैड्रिड और एविला के आसपास के इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं। टोलेडो के पास कई नगरपालिकाओं को भी खाली करने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि, वहां प्रभावित लोगों की संख्या की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मैड्रिड की क्षेत्रीय प्रमुख इसाबेल डियाज आयुसो ने स्थिति को क्षेत्र के इतिहास की सबसे गंभीर आग बताया है। उन्होंने कहा कि हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं और आने वाले दिन महत्वपूर्ण होंगे।
यूरोप में बढ़ते तापमान ने बढ़ाई चिंता
यूरोप के कई देशों में इस समय भीषण गर्मी और कम बारिश के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। फ्रांस और स्पेन के अलावा कई अन्य यूरोपीय देश भी गर्मी की लहर और आग के खतरे का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण लंबे समय तक सूखा, बढ़ता तापमान और तेज हवाएं जंगलों में आग फैलने की संभावना को बढ़ा रही हैं। फिलहाल फ्रांस और स्पेन की सरकारें हजारों दमकलकर्मियों और सुरक्षाबलों की मदद से आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी गर्म और शुष्क परिस्थितियों की संभावना जताई है, जिससे राहत अभियान के सामने नई चुनौतियां बनी हुई हैं।











