गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत, यूपीडा ने 24 अधिकारियों की तैनाती की

गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन मजबूत करने के लिए यूपीडा ने 24 अधिकारियों की तैनाती की है। एआई कैमरों से निगरानी भी बढ़ेगी।

मेरठ से प्रयागराज तक फैले गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए यूपीडा ने 24 अधिकारियों की तैनाती की है। नई व्यवस्था से दुर्घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई और पेट्रोलिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

हरदोई: गंगा एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग, यातायात नियंत्रण और आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया को मजबूत बनाने के लिए 24 अधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी

मेरठ से प्रयागराज तक फैले 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर अब सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। यूपीडा ने एक्सप्रेसवे को 12 ग्रुप-पैकेज में विभाजित कर कुल 24 अधिकारियों की संविदा पर नियुक्ति की है। इन अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य एक्सप्रेसवे पर संचालित पेट्रोलिंग टीमों की निगरानी करना और स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा।

गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत, यूपीडा ने 24 अधिकारियों की तैनाती की

अधिकारियों की तैनाती चयन समिति की संस्तुति और मुख्य कार्यपालक अधिकारी की मंजूरी के बाद की गई है। नई व्यवस्था के तहत दुर्घटनाओं, यातायात बाधाओं और अन्य आपात स्थितियों पर तेजी से प्रतिक्रिया देने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

समीक्षा के बाद लिया गया फैसला

गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को हरदोई से किया था। इसके बाद हुई समीक्षा बैठकों में पाया गया कि कुछ स्थानों पर दुर्घटना या आपात स्थिति की सूचना मिलने के बावजूद पेट्रोलिंग टीमें समय पर मौके तक नहीं पहुंच सकीं। इस समस्या को दूर करने और निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने के लिए यूपीडा ने अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया।

अधिकारियों को अलग-अलग सेक्टरों और पैकेजों की जिम्मेदारी दी गई है ताकि पूरे एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था पर प्रभावी नजर रखी जा सके। इससे किसी भी घटना की स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से किए जा सकेंगे।

एआई कैमरों से होगी निगरानी

गंगा एक्सप्रेसवे पर पहले से ही आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। पूरे मार्ग पर प्रति किलोमीटर उच्च क्षमता वाले एआई कैमरे लगाए गए हैं, जो वाहनों की गतिविधियों और सड़क की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं। इसके अलावा तेज गति से वाहन चलाने वालों पर नियंत्रण रखने के लिए विशेष स्पीड मॉनिटरिंग कैमरे भी लगाए गए हैं।

यूपीडा का मानना है कि तकनीकी निगरानी और अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी के संयोजन से सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे दुर्घटनाओं की संख्या कम करने और यातायात को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।

इन अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारी

नई व्यवस्था के तहत संजीव कटियार, अवधेश कुमार विजेता, अखिलेश नारायण सिंह और सुखराम भारती को मुख्य सुरक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं महामाया प्रसाद सिंह, रमाकांत प्रसाद, सूर्यभान सिंह और शशि प्रकाश सिंह को सुरक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा 16 सहायक सुरक्षा अधिकारियों को भी विभिन्न पैकेजों में तैनात किया गया है। ये अधिकारी सुरक्षा प्रबंधन, पेट्रोलिंग टीमों के संचालन और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करेंगे। यूपीडा ने सभी चयनित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।

यात्रियों को मिलेगा सुरक्षित सफर

गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक पहुंचता है। इस मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन संचालित होते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का यह कदम यात्रियों के लिए राहतभरा माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर निगरानी, आधुनिक तकनीक और अतिरिक्त सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती से एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध होगी। इससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलेगा।

Leave a comment