उत्तराखंड के दिनेशपुर में गैस कनेक्शन अपडेट करने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक व्यक्ति से 3.31 लाख रुपये की ठगी कर ली। अज्ञात लिंक पर क्लिक करने के बाद क्रेडिट कार्ड से कई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Dineshpur: गैस कनेक्शन बंद होने का डर दिखाकर साइबर ठगों ने दिनेशपुर निवासी एक व्यक्ति को अपना शिकार बना लिया। ठगों ने फोन कर गैस कनेक्शन अपडेट करने के नाम पर एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही पीड़ित के क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपये की ऑनलाइन निकासी कर ली गई। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी है।
गैस कनेक्शन अपडेट का झांसा देकर बनाई ठगी की योजना
उत्तराखंड के दिनेशपुर में साइबर ठगों ने एक नया तरीका अपनाकर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पीड़ित के अनुसार, 14 जून को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को गैस सेवा से जुड़ा प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि यदि तुरंत गैस कनेक्शन अपडेट नहीं कराया गया तो कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा।
विश्वास में लेने के बाद ठग ने मोबाइल पर एक लिंक भेजा और उसे खोलकर जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा। पीड़ित ने बिना पुष्टि किए लिंक पर क्लिक कर दिया, जिसके बाद साइबर अपराधियों को उसके बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच मिल गई।
दो दिनों में क्रेडिट कार्ड से उड़ाए लाखों रुपये
पुलिस के मुताबिक, लिंक पर क्लिक करने के बाद 18 और 19 जून के बीच पीड़ित के क्रेडिट कार्ड से कई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए गए। कुल 3 लाख 31 हजार रुपये की राशि अलग-अलग माध्यमों से निकाल ली गई। खाते से पैसे कटने के मैसेज मिलने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।
इसके बाद उसने तत्काल पुलिस से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने साइबर अपराध से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही लेनदेन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस ने लोगों को जारी की अहम सलाह
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाले फोन, मैसेज या लिंक पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें। गैस एजेंसी, बैंक, बिजली विभाग या किसी भी सरकारी संस्था के नाम पर भेजे गए लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।
यदि कोई व्यक्ति ओटीपी, कार्ड नंबर, सीवीवी, यूपीआई पिन या अन्य बैंकिंग जानकारी मांगता है, तो उसे किसी भी स्थिति में साझा न करें। संदिग्ध कॉल या संदेश मिलने पर तुरंत संबंधित संस्था के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
साइबर ठगी से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां
विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर अपराधी अक्सर गैस कनेक्शन अपडेट, केवाईसी, बैंक खाते के सत्यापन, बिजली बिल, मोबाइल सिम या सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को फर्जी लिंक भेजते हैं। ऐसे मामलों में जल्दबाजी से बचना और केवल आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप का ही उपयोग करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
यदि गलती से किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक हो जाए या खाते से अनधिकृत लेनदेन हो जाए, तो तुरंत बैंक को सूचित करें, कार्ड ब्लॉक कराएं और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें। समय पर शिकायत करने से राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ सकती है।










