महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। Shiv Sena के शिंदे गुट का दावा है कि Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray faction) के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, हालांकि उद्धव ठाकरे गुट ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर बड़े सियासी घटनाक्रम की ओर इशारा कर रही है। राज्य में “ऑपरेशन टाइगर-2” को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के कई विधायक शिंदे गुट के संपर्क में हैं। शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं का कहना है कि उद्धव ठाकरे गुट के लगभग 14 से 16 विधायक उनके संपर्क में हैं और भविष्य में कुछ विधायक आधिकारिक रूप से उनके खेमे में शामिल हो सकते हैं। हालांकि उद्धव ठाकरे गुट ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है और इसे राजनीतिक भ्रम फैलाने की कोशिश बताया है।
शिंदे गुट का दावा—विधायक संपर्क में
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में उद्धव ठाकरे गुट के कुछ विधायकों ने कथित तौर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात भी की थी। हालांकि इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिंदे गुट का दावा है कि, उद्धव गुट के कुल 20 विधायकों में से 14–16 विधायक उनके संपर्क में हैं. कुछ विधायक जल्द ही बड़े राजनीतिक निर्णय ले सकते हैं. यह कोई “तोड़-फोड़” नहीं बल्कि “स्वैच्छिक संपर्क” है. शिंदे खेमे का यह भी कहना है कि वे किसी को मजबूर नहीं कर रहे, बल्कि विधायक स्वयं उनके साथ जुड़ने की इच्छा जता रहे हैं।
महाविकास आघाड़ी बैठक पर भी उठे सवाल
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच हाल ही में महाविकास आघाड़ी (MVA) की एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गठबंधन के कुल 60 विधायकों में से केवल 37 विधायक ही बैठक में मौजूद थे। हालांकि, MVA नेताओं ने इसे खारिज करते हुए कहा कि कई विधायक पहले से तय कार्यक्रमों और निजी कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो सके थे।
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“ऑपरेशन टाइगर” की फिर वापसी?
महाराष्ट्र की राजनीति में “ऑपरेशन टाइगर” शब्द पहले भी बड़े राजनीतिक बदलावों से जुड़ा रहा है। अब “ऑपरेशन टाइगर-2” की चर्चा ने एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। सूत्रों का दावा है कि हाल ही में कुछ सांसदों के शिंदे गुट में जाने के बाद अब अगला चरण विधायकों से जुड़ा हो सकता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी भी तरह की दल-बदल की पुष्टि नहीं हुई है।
शिंदे गुट के नेताओं का कहना है कि यह पूरा मामला राजनीतिक स्वाभाविक संपर्क का है। उनका दावा है कि विधायक खुद परिस्थितियों को देखते हुए संपर्क कर रहे हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि आने वाले समय में कुछ और विधायक शिंदे खेमे में शामिल हो सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह व्यक्तिगत निर्णय पर आधारित होगा।
उद्धव ठाकरे गुट का पलटवार
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने इन दावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सभी विधायक उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से जुड़े हुए हैं और जो विधायक बैठक में नहीं आए, वे व्यक्तिगत कारणों से अनुपस्थित थे। राउत ने शिंदे गुट पर तंज कसते हुए कहा कि आगे चलकर ऐसे दावे और बढ़ेंगे और कहा जाएगा कि अन्य बड़े नेता भी संपर्क में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि असली चुनौती विपक्ष के लिए नहीं बल्कि सत्तारूढ़ गुट के भीतर अस्थिरता से जुड़ी हो सकती है।










