गयाजी में विधायकों के ओरिएंटेशन कार्यक्रम का शुभारंभ, उपराष्ट्रपति ने किया उद्घाटन; 243 विधायक सीखेंगे संसदीय नियम

गयाजी में उपराष्ट्रपति ने बिहार के विधायकों के दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का उद्घाटन किया। 243 विधायक संसदीय नियम, सदन की कार्यवाही और लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं सीखेंगे।
गयाजी में विधायकों के ओरिएंटेशन कार्यक्रम का शुभारंभ, उपराष्ट्रपति ने किया उद्घाटन; 243 विधायक सीखेंगे संसदीय नियम
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बिहार के पवित्र धार्मिक एवं सांस्कृतिक शहर गयाजी में शनिवार को राज्य के सभी विधायकों के लिए आयोजित दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया। इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार विधानसभा के सभी 243 विधायक एक ही मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विधायकों को संसदीय परंपराओं, सदन की कार्यप्रणाली, संवैधानिक मर्यादाओं और जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी जिम्मेदारियों से और अधिक परिचित कराना है।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में उपराष्ट्रपति ने लोकतंत्र की मजबूती में विधायकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का आचरण, अनुशासन और सदन में उनकी सक्रिय भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाती है। उन्होंने विधायकों से जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी विधायक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान संसदीय प्रक्रिया, प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण, विधेयकों पर चर्चा, समिति प्रणाली, वित्तीय कार्यवाही, सदन के नियम और विधानसभा की प्रक्रियाओं पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही अनुभवी संसदीय विशेषज्ञ और संवैधानिक विषयों के जानकार विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर भी मार्गदर्शन देंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य केवल नए विधायकों को जानकारी देना नहीं है, बल्कि अनुभवी जनप्रतिनिधियों को भी संसदीय कार्यप्रणाली में समय-समय पर हुए बदलावों और नई व्यवस्थाओं से अवगत कराना है। इससे सदन की कार्यवाही को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित और जनहितकारी बनाने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद के प्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और संसदीय मामलों के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की भावना और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता पर विशेष जोर दिया गया।

आयोजकों के अनुसार प्रशिक्षण के दौरान विधायकों को व्यवहारिक सत्रों के माध्यम से यह भी बताया जाएगा कि सदन में प्रभावी तरीके से अपनी बात कैसे रखी जाए, नियमों के अनुरूप प्रश्न कैसे पूछे जाएं, विधेयकों पर सार्थक चर्चा कैसे की जाए और जनहित के मुद्दों को संसदीय मंच पर प्रभावी ढंग से कैसे उठाया जाए।

दो दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ संविधान, संसदीय परंपराओं, विधायी प्रक्रिया, नैतिक आचरण, जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इससे विधायकों को अपने विधायी दायित्वों को और अधिक प्रभावी ढंग से निभाने में सहायता मिलेगी।

बिहार विधानसभा के इतिहास में इस तरह का सामूहिक ओरिएंटेशन कार्यक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें पहली बार बड़ी संख्या में सभी दलों के विधायक एक साथ संसदीय कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस पहल से सदन की कार्यवाही अधिक गुणवत्तापूर्ण होगी और जनहित के मुद्दों पर बेहतर एवं सार्थक चर्चा का वातावरण तैयार होगा।

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