बिहारशरीफ में आज SI मद्य निषेध परीक्षा 19 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा फोटोस्टेट और साइबर कैफे रहेंगे बंद

नालंदा के बिहारशरीफ में SI मद्य निषेध परीक्षा के लिए 19 केंद्र बनाए गए हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जबकि फोटोस्टेट और साइबर कैफे परीक्षा अवधि में बंद रहेंगे।
बिहारशरीफ में आज SI मद्य निषेध परीक्षा 19 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा फोटोस्टेट और साइबर कैफे रहेंगे बंद
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बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ में रविवार, 12 जुलाई को आयोजित होने वाली सब इंस्पेक्टर (SI) मद्य निषेध परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। पूरे जिले में 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां हजारों अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी।

जिला प्रशासन के निर्देश पर सभी परीक्षा केंद्रों का पहले ही भौतिक निरीक्षण कर लिया गया है। केंद्रों पर बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, बिजली, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी सभी इंतजामों की समीक्षा की गई है। अधिकारियों ने संबंधित केंद्राधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त रहनी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। परीक्षा केंद्रों के आसपास साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाने के लिए नगर निकाय और पुलिस विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

परीक्षा के दौरान नकल और साइबर माध्यम से होने वाली किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी रोकने के उद्देश्य से प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटोस्टेट की दुकानें, साइबर कैफे, कंप्यूटर सेंटर, स्कैनिंग और ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराने वाले प्रतिष्ठानों को परीक्षा अवधि तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। प्रशासन का मानना है कि हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और इंटरनेट के माध्यम से गड़बड़ी की कई घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सके।

सभी 19 परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रत्येक केंद्र पर एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी और महिला पुलिसकर्मियों की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जिला प्रशासन ने उड़नदस्ता टीमों का गठन किया है, जो परीक्षा के दौरान लगातार विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण करेंगी। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं भी समय-समय पर केंद्रों का जायजा लेंगे और किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करेंगे।

परीक्षा के दौरान प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए अभ्यर्थियों की गहन जांच की जाएगी। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले एडमिट कार्ड और वैध फोटो पहचान पत्र की जांच अनिवार्य होगी। इसके बाद मेटल डिटेक्टर और मैनुअल चेकिंग के जरिए अभ्यर्थियों की तलाशी ली जाएगी। किसी भी अभ्यर्थी के पास मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलने पर उसे परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से काफी पहले पहुंचें। अंतिम समय में पहुंचने पर प्रवेश प्रक्रिया में कठिनाई हो सकती है। निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को केवल वही सामग्री साथ लाने की अनुमति होगी, जिसकी जानकारी प्रवेश पत्र में दी गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्र के बाहर अनावश्यक भीड़ लगाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षा को लेकर पूरे बिहारशरीफ शहर में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत कर दी गई है। प्रमुख चौक-चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और परीक्षा केंद्रों की ओर जाने वाले मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे, ताकि अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो। आवश्यकता पड़ने पर कुछ मार्गों पर यातायात में अस्थायी बदलाव भी किए जा सकते हैं।

जिला नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। यहां से परीक्षा से संबंधित सभी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। किसी भी परीक्षा केंद्र से गड़बड़ी, तकनीकी समस्या या कानून-व्यवस्था से जुड़ी सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के लिए विशेष टीम तैयार रखी गई है। सभी अधिकारियों को वायरलेस और मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से लगातार संपर्क में रहने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति प्रश्नपत्र लीक, फर्जी उत्तर कुंजी, परीक्षा रद्द होने जैसी अफवाह फैलाता है या भ्रामक जानकारी साझा करता है, तो उसके खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल की टीम भी पूरे परीक्षा काल के दौरान सक्रिय रहेगी।

अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे परीक्षा केंद्र के बाहर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और प्रशासन का सहयोग करें। परीक्षा समाप्त होने तक सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की जाएगी। केवल अधिकृत अधिकारियों, परीक्षा कर्मियों और अभ्यर्थियों को ही केंद्र परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी।

प्रशासन का कहना है कि राज्य स्तर की इस महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षा को पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और परिवहन विभाग के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस, मेडिकल टीम और आवश्यक संसाधनों की भी व्यवस्था की गई है।

जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से संयम बनाए रखने, केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया गया है। यदि कोई व्यक्ति परीक्षा की निष्पक्षता को प्रभावित करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे दिन प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी विभिन्न परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करते रहेंगे ताकि परीक्षा बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

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