गाजियाबाद में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है। मार्च 2027 तक 62,628 घरों में सोलर संयंत्र लगाने के लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 7,195 उपभोक्ता ही योजना से जुड़ पाए हैं।
गाजियाबाद: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत गाजियाबाद में रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने की रफ्तार उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ पा रही है। मार्च 2027 तक निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए विद्युत निगम को अभी लंबा सफर तय करना है। योजना की धीमी प्रगति को देखते हुए अधिकारियों को जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।~
लक्ष्य से काफी पीछे चल रही योजना
गाजियाबाद में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मार्च 2027 तक 62,628 घरेलू उपभोक्ताओं के घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि अब तक केवल 7,195 उपभोक्ता ही इस योजना का लाभ लेने के लिए आगे आए हैं। यह कुल लक्ष्य का लगभग 11.5 प्रतिशत है। ऐसे में शेष अवधि में लक्ष्य हासिल करना विद्युत निगम के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
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योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से जोड़ना और बिजली बिल का बोझ कम करना है। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देना है। बावजूद इसके, जिले में योजना की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है।
तीनों जोन में लक्ष्य के मुकाबले कम उपलब्धि
विद्युत निगम के आंकड़ों के अनुसार जोन-प्रथम में 15,434 घरों पर सोलर संयंत्र लगाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अब तक केवल 2,622 उपभोक्ता ही इससे जुड़े हैं। इसी तरह जोन-द्वितीय में 21,587 घरों के लक्ष्य के मुकाबले 2,677 उपभोक्ताओं ने सोलर संयंत्र लगवाए हैं। वहीं जोन-तृतीय में 25,607 घरों का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन यहां अब तक केवल 1,896 घरों में ही सोलर संयंत्र स्थापित हो सके हैं।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि तीनों जोन निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे चल रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि लोगों में जागरूकता बढ़ाने और प्रक्रिया को आसान बनाने से योजना की रफ्तार तेज हो सकती है।
हजारों स्वीकृत आवेदन अब भी लंबित
योजना की धीमी प्रगति का एक बड़ा कारण स्वीकृत आवेदनों के बावजूद सोलर संयंत्रों की स्थापना में देरी भी माना जा रहा है। विद्युत निगम के अनुसार जिले में 2,463 ऐसे मामले हैं, जिनमें आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन अभी तक संयंत्र स्थापित नहीं किए गए हैं।
इन लंबित मामलों में जोन-प्रथम के 517, जोन-द्वितीय के 1,523 और जोन-तृतीय के 423 उपभोक्ता शामिल हैं। निगम का कहना है कि कई वेंडर समय पर काम पूरा नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण लाभार्थियों को इंतजार करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने वेंडरों को जल्द स्थापना कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
योजना को गति देने के लिए विद्युत निगम ने फील्ड स्तर पर अभियान तेज करने का फैसला किया है। मुख्य अभियंता ने उपखंड अधिकारियों, अवर अभियंताओं और अन्य कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अधिक बिजली खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं और बड़े मकान मालिकों से संपर्क कर उन्हें योजना के लाभों की जानकारी दें।
प्रत्येक उपखंड अधिकारी को अपने क्षेत्र में हर महीने कम से कम 20 नए उपभोक्ताओं को सोलर संयंत्र लगवाने के लिए प्रेरित करने का लक्ष्य दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि जागरूकता अभियान प्रभावी तरीके से चलाया गया तो योजना की प्रगति में तेजी लाई जा सकती है।
मोदीनगर और मुरादनगर सबसे आगे
जिले में मोदीनगर और मुरादनगर क्षेत्र योजना के क्रियान्वयन में सबसे आगे निकलकर सामने आए हैं। इन दोनों क्षेत्रों में अब तक 2,322 घरों में सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। यहां के उपभोक्ता सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं और बिजली बिल में बचत का लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह जागरूकता और तेज क्रियान्वयन पर जोर दिया जाए तो गाजियाबाद प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लक्ष्य को समय पर हासिल करने की दिशा में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।










