डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe के करोड़ों यूजर्स के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने अपने वॉलेट नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत लंबे समय तक निष्क्रिय रहने वाले वॉलेट पर अब मेंटेनेंस फीस लागू की जा सकती है।
बिजनेस न्यूज़: भारत के प्रमुख डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe के वॉलेट उपयोगकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। कंपनी ने अपने वॉलेट से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए स्पष्ट किया है कि लंबे समय तक निष्क्रिय (Inactive) रहने वाले वॉलेट पर मेंटेनेंस शुल्क लगाया जा सकता है। इस फैसले के बाद डिजिटल पेमेंट यूजर्स के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि नया नियम क्या है, किन लोगों पर लागू होगा और इससे कैसे बचा जा सकता है।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि यह नियम केवल PhonePe Wallet पर लागू होता है, न कि सामान्य UPI लेनदेन पर। यदि आप केवल अपने बैंक खाते से UPI के जरिए भुगतान करते हैं और वॉलेट का इस्तेमाल नहीं करते, तो आपको पहले यह जांच लेना चाहिए कि आपके नाम पर कोई सक्रिय PhonePe Wallet है या नहीं।
क्या है PhonePe का नया वॉलेट नियम?
नई नीति के अनुसार, यदि किसी PhonePe Wallet में लगातार 365 दिनों तक कोई वॉलेट ट्रांजैक्शन नहीं होता, तो उसे निष्क्रिय माना जा सकता है। ऐसे मामलों में कंपनी वॉलेट के रखरखाव के लिए मेंटेनेंस शुल्क लागू कर सकती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि:
- केवल PhonePe ऐप खोलना वॉलेट गतिविधि नहीं माना जाएगा।
- बैंक खाते से UPI भुगतान करना भी वॉलेट ट्रांजैक्शन की श्रेणी में नहीं आएगा।
- वॉलेट को सक्रिय बनाए रखने के लिए वॉलेट से जुड़ा कोई वित्तीय लेनदेन करना आवश्यक होगा।
कितनी लग सकती है फीस?
कंपनी की नई नीति के अनुसार, निष्क्रिय वॉलेट पर हर तीन महीने में अधिकतम ₹100 तक का मेंटेनेंस शुल्क लगाया जा सकता है। हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी हैं, शुल्क लगाने से पहले उपयोगकर्ता को 15 दिन पहले सूचना दी जाएगी। यदि वॉलेट में ₹100 या उससे अधिक राशि है, तो निर्धारित शुल्क काटा जा सकता है। यदि बैलेंस ₹100 से कम है, तो केवल उपलब्ध राशि ही काटी जाएगी। वॉलेट का बैलेंस शून्य तक लाया जा सकता है, लेकिन उसे नकारात्मक (Negative Balance) में नहीं बदला जाएगा।
UPI और PhonePe Wallet में क्या अंतर है?
![]()
कई उपयोगकर्ता UPI और डिजिटल वॉलेट को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग सेवाएं हैं।
- UPI भुगतान:
- सीधे बैंक खाते से होता है।
- वॉलेट बैलेंस की आवश्यकता नहीं होती।
- निष्क्रिय वॉलेट शुल्क का इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
- PhonePe Wallet:
- पहले से जमा राशि के आधार पर भुगतान किया जाता है।
- इसमें अलग बैलेंस रखा जाता है।
- लंबे समय तक उपयोग न करने पर मेंटेनेंस शुल्क लागू हो सकता है।
इसलिए यदि आप केवल UPI का उपयोग करते हैं, तो यह जांचना उपयोगी होगा कि आपके पास सक्रिय वॉलेट है या नहीं।
अतिरिक्त शुल्क से कैसे बचें?
यदि आप मेंटेनेंस चार्ज से बचना चाहते हैं, तो समय-समय पर अपने PhonePe Wallet का उपयोग करना एक आसान उपाय हो सकता है। वॉलेट को सक्रिय रखने के लिए आप:
- वॉलेट में पैसे जोड़ सकते हैं।
- वॉलेट से भुगतान कर सकते हैं।
- वॉलेट आधारित अन्य लेनदेन कर सकते हैं।
किसी भी वैध वॉलेट गतिविधि से निष्क्रियता की अवधि रीसेट हो सकती है। PhonePe इस तरह की नीति लागू करने वाला पहला डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं है।डिजिटल भुगतान उद्योग में पहले भी कई कंपनियां निष्क्रिय वॉलेट पर रखरखाव शुल्क लागू कर चुकी हैं। कुछ प्लेटफॉर्म लंबे समय तक उपयोग न होने पर मेंटेनेंस चार्ज या वार्षिक रखरखाव शुल्क (AMC) जैसी व्यवस्था अपना चुके हैं।








