स्कॉटलैंड के ग्लासगो में नस्लवाद विरोधी और आव्रजन विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसक झड़पें हुईं। पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया और कई हथियार बरामद किए। अधिकारियों ने कहा कि जांच जारी है तथा आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
ग्लास्को: स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में शनिवार को आयोजित दो अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसक झड़पें होने के बाद पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया। शहर में एक ओर नस्लवाद विरोधी (Anti-Racism) प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जबकि दूसरी ओर आव्रजन विरोधी (Anti-Immigration) समूहों ने भी रैली निकाली। दोनों समूहों के आमने-सामने आने से कई स्थानों पर तनाव बढ़ गया और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू करनी पड़ी। पुलिस स्कॉटलैंड ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।
दो अलग-अलग प्रदर्शनों के बीच पुलिस की कड़ी निगरानी
शनिवार सुबह लगभग 11 बजे ग्लासगो ग्रीन में नस्लवाद विरोधी प्रदर्शन शुरू हुआ। इसके करीब एक घंटे बाद उसी क्षेत्र में आव्रजन विरोधी प्रदर्शनकारियों का समूह भी पहुंचा। दोनों समूहों में सैकड़ों लोग शामिल थे। संभावित टकराव को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग-अलग रखने के लिए भारी संख्या में अधिकारियों की तैनाती की। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तनाव की घटनाएं सामने आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हालात बिगड़ने पर पुलिस अधिकारियों को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठियां (बैटन) निकालनी पड़ीं।
शहर के अन्य हिस्सों में भी फैला तनाव
पुलिस के अनुसार, ग्लासगो ग्रीन से निकलने के बाद कुछ प्रदर्शनकारी शहर के केंद्र की ओर बढ़ गए, जहां सार्वजनिक व्यवस्था भंग होने की घटनाएं हुईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ओसवाल्ड स्ट्रीट सहित कई इलाकों में पुलिस ने घेराबंदी (Containment) की। अधिकारियों ने कहा कि इससे हिंसा को फैलने से रोकने में मदद मिली। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों पर हमला, सार्वजनिक शांति भंग करना, हथियार रखने, पुलिस कार्य में बाधा डालने और गिरफ्तारी का विरोध करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस ने जताई आगे और गिरफ्तारियों की संभावना
पुलिस स्कॉटलैंड की चीफ सुपरिंटेंडेंट एमा क्रॉफ्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में कुछ समूहों ने हिंसा, डर और धमकी का माहौल बनाने की कोशिश की, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की और हालात पर नियंत्रण पाया। एमा क्रॉफ्ट के अनुसार, घटनास्थल से कुछ ऐसे हथियार भी बरामद किए गए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि कुछ लोग पहले से हिंसक गतिविधियों की तैयारी करके आए थे। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वाले सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने हिंसा की निंदा की
स्कॉटिश सरकार के न्याय सचिव नील ग्रे ने कहा कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा और गुंडागर्दी किसी भी लोकतांत्रिक समाज में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि नस्लीय नफरत फैलाने या लोगों को डराने-धमकाने की किसी भी कोशिश का कानून के तहत सख्ती से जवाब दिया जाएगा।
ब्रिटेन सरकार ने भी जताई चिंता
स्कॉटलैंड के लिए ब्रिटेन सरकार के सचिव डगलस अलेक्जेंडर ने भी इन घटनाओं को "पूरी तरह अस्वीकार्य" बताया। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में दूसरी बार ग्लासगो के नागरिकों को इस तरह की गंभीर अव्यवस्था का सामना करना पड़ा है। उन्होंने पुलिस स्कॉटलैंड की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को और बिगड़ने से रोक दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जब कॉमनवेल्थ गेम्स के कारण दुनिया की नजरें ग्लासगो पर हैं, तब इस तरह की घटनाएं शहर की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
हाल के महीनों में बढ़े हैं ऐसे प्रदर्शन
ब्रिटेन में हाल के सप्ताहों में आव्रजन नीति और प्रवासन से जुड़े मुद्दों पर कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। कई मौकों पर पुलिस ने कहा है कि सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक सूचनाओं ने तनाव बढ़ाने में भूमिका निभाई। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन गलत जानकारी और भड़काऊ संदेश कई बार सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। इसी कारण प्रशासन लगातार लोगों से केवल आधिकारिक और सत्यापित सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील कर रहा है।
दोनों समूहों का प्रदर्शन अलग-अलग तरीके से हुआ
ग्लासगो ग्रीन में आयोजित नस्लवाद विरोधी प्रदर्शन के दौरान संगीत बजाया गया और कई वक्ताओं ने सामाजिक समानता, विविधता और भेदभाव के खिलाफ भाषण दिए। कई प्रदर्शनकारी नस्लवाद विरोधी संदेशों वाले पोस्टर लेकर पहुंचे, जबकि कुछ लोगों ने फिलिस्तीन के झंडे भी लहराए। दूसरी ओर, आव्रजन विरोधी समूहों ने भी रैली निकाली, जहां प्रतिभागियों ने नारे लगाए, भाषण दिए और अपने विचारों से जुड़े बैनर तथा झंडे प्रदर्शित किए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने धुएं वाले फ्लेयर भी जलाए, जिससे क्षेत्र में अतिरिक्त तनाव का माहौल बन गया।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस स्कॉटलैंड ने स्पष्ट किया है कि हिंसा की हर घटना की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी के पास घटना से संबंधित कोई जानकारी या वीडियो हो तो वह जांच एजेंसियों के साथ साझा करें।









