गोरखपुर में पहले अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आधुनिक बस अड्डा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और विभिन्न राज्यों के लिए सीधी बस सेवा उपलब्ध कराएगा।
गोरखपुर: शहर के पहले इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के निर्माण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रस्तावित परियोजना के तहत मिट्टी परीक्षण और तकनीकी सर्वेक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया है। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह बस टर्मिनल भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा और रेलवे स्टेशन से भी जोड़ा जाएगा।
100 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक बस टर्मिनल
गोरखपुर के रेलवे बस स्टेशन परिसर में प्रस्तावित इंटर स्टेट बस टर्मिनल के निर्माण की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। निर्माण एजेंसी ने प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरा करने के बाद मिट्टी परीक्षण शुरू कर दिया है। लगभग 14,416 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाले इस प्रोजेक्ट पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
![]()
परियोजना का उद्देश्य गोरखपुर को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके पूरा होने के बाद यात्रियों को बेहतर सुविधाओं के साथ विभिन्न राज्यों के लिए सीधी बस सेवाओं का लाभ मिलेगा।
रेलवे स्टेशन से होगा बेहतर कनेक्शन
नई योजना के तहत बस टर्मिनल को रेलवे स्टेशन से फुट ओवरब्रिज के माध्यम से जोड़ने का प्रस्ताव है। इससे ट्रेन और बस यात्रियों को आवागमन में आसानी होगी और दोनों परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा।
अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था यात्रियों का समय बचाएगी और शहर के सार्वजनिक परिवहन ढांचे को और मजबूत बनाएगी।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
प्रस्तावित ISBT को लखनऊ के आलमबाग बस टर्मिनल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां वातानुकूलित प्रतीक्षालय, कैंटीन, होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मल्टीफंक्शनल कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा के लिए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। बसों की आवाजाही और समय सारिणी की जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि यात्रियों को हर समय अपडेट मिलता रहे।
इलेक्ट्रिक बसों और भविष्य की जरूरतों पर फोकस
बस टर्मिनल में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। अलग-अलग दिशाओं और रूटों पर चलने वाली बसों के लिए अलग प्लेटफॉर्म निर्धारित किए जाएंगे, जिससे संचालन अधिक व्यवस्थित होगा।
गोरखपुर बस स्टेशन से वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1100 से 1200 बसों का संचालन होता है और रोजाना 50 से 60 हजार यात्री यहां से सफर करते हैं। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए आगामी 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर इस परियोजना की रूपरेखा तैयार की गई है।
दो वर्षों में पूरा होने की उम्मीद
निर्माण कार्य शुरू होने के बाद मौजूदा बस स्टेशन को अस्थायी रूप से अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार परियोजना को अगले दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना के पूरा होने के बाद गोरखपुर को पूर्वांचल के सबसे आधुनिक परिवहन केंद्रों में शामिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ-साथ शहर की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।








