ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में शनिवार को हिट एंड रन का मामला सामने आया है। सड़क पर जा रहे पांच छात्रों को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने जब शोर मचाया और चालक को रोकने की कोशिश की तो वह कार लेकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद घायल छात्रों की मदद के लिए लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार चालक की पहचान और वाहन का पता लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे पुलिस ने जांच के दायरे में लिया है।
बताया जा रहा है कि घटना नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में हुई, जहां छात्र सड़क से गुजर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार अचानक उनकी तरफ आई और एक के बाद एक कई छात्रों को टक्कर लग गई। टक्कर इतनी अचानक हुई कि छात्रों को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद सड़क पर मौजूद लोगों ने कार चालक को रोकने के लिए आवाज लगाई, लेकिन चालक वाहन को रोकने के बजाय वहां से निकल गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कार किस दिशा में गई और उसके बाद वह किस रास्ते से निकली।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में करीब चार से पांच छात्र घायल हुए हैं। चोटों की गंभीरता के संबंध में फिलहाल विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट सामने नहीं आई है। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने घायलों को संभाला और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटना की परिस्थितियों के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू की गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सड़क पर हुई घटना से जुड़े दृश्य बताए जा रहे हैं। पुलिस वीडियो के आधार पर कार की पहचान करने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देखी जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि जिस रास्ते से कार घटनास्थल तक पहुंची और घटना के बाद जिस दिशा में गई, वहां लगे कैमरों की फुटेज को जोड़कर वाहन की पूरी मूवमेंट का पता लगाया जा सके।
पुलिस के सामने सबसे अहम चुनौती कार के नंबर और चालक की पहचान करना है। यदि CCTV फुटेज में कार का नंबर साफ दिखाई देता है तो उसके आधार पर वाहन मालिक तक पहुंचना आसान हो सकता है। पुलिस आसपास के कैमरों के अलावा उन स्थानों की फुटेज भी खंगाल सकती है, जहां से वाहन के गुजरने की संभावना है। पुलिस ने आरोपी चालक की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देने की बात कही है।
हादसे के बाद चालक के मौके से भाग जाने को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। दुर्घटना के बाद वाहन रोककर घायलों की मदद करने के बजाय मौके से निकल जाना इस मामले को हिट एंड रन की श्रेणी में ले जाता है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चालक ने दुर्घटना के बाद वाहन क्यों नहीं रोका और क्या वह घटना के बाद सीधे किसी सुरक्षित स्थान की ओर गया था। इन सवालों के जवाब आरोपी की पहचान और पूछताछ के बाद ही सामने आ सकेंगे।
नॉलेज पार्क क्षेत्र में बड़ी संख्या में कॉलेज और शिक्षण संस्थान होने के कारण यहां छात्रों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे इलाकों में सड़क पार करने और पैदल चलने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है। इस घटना के बाद आसपास के लोगों के बीच भी सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता सामने आई है। फिलहाल पुलिस का ध्यान आरोपी चालक और वाहन तक पहुंचने पर है।
पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है। किसी सोशल मीडिया वीडियो को जांच में इस्तेमाल करने से पहले उसके स्रोत और घटनास्थल से संबंध की पुष्टि करना जरूरी होता है। पुलिस घटनास्थल से मिले तथ्यों और CCTV रिकॉर्डिंग से वीडियो में दिखाई दे रही घटना का मिलान कर सकती है। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि वीडियो में दिखाई देने वाला वाहन वही है या नहीं, जिसने छात्रों को टक्कर मारी थी।
घटना के बाद पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से कार का रंग, मॉडल, नंबर प्लेट, चालक की दिशा और हादसे के समय की परिस्थितियों के बारे में जानकारी मिल सकती है। यदि किसी व्यक्ति ने वाहन का नंबर या उसका कोई हिस्सा नोट किया है तो इससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार नहीं किया है। उसकी पहचान की कोशिश जारी है और वाहन की तलाश भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। आरोपी की पहचान होने के बाद उसे हिरासत में लेकर दुर्घटना के संबंध में पूछताछ की जाएगी और घटनाक्रम की पूरी कड़ी स्पष्ट की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क पर पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा का सवाल सामने ला दिया है। हादसे में घायल हुए छात्रों की स्थिति और चोटों की विस्तृत जानकारी पुलिस की आगे की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल यह भी पता लगाया जा रहा है कि कार की रफ्तार कितनी थी और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।
पुलिस की जांच में घटनास्थल के अलावा आसपास की सड़कों के CCTV कैमरे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। किसी वाहन की पहचान केवल घटनास्थल की फुटेज से नहीं होने पर पुलिस उसके आगे-पीछे के रास्तों की रिकॉर्डिंग देखकर वाहन की दिशा का पता लगा सकती है। इसके साथ ही वाहन के संभावित नंबरों का मिलान परिवहन विभाग के रिकॉर्ड से किया जा सकता है। पुलिस इसी तरह तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जोड़कर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल इस मामले में किसी व्यक्ति को आरोपी के रूप में सार्वजनिक रूप से चिन्हित नहीं किया गया है। इसलिए चालक की पहचान और दुर्घटना की परिस्थितियों से जुड़े किसी भी दावे को पुलिस की जांच पूरी होने तक अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस के अनुसार जांच आगे बढ़ने के साथ वाहन और चालक से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क क्षेत्र में हुई इस घटना में पांच छात्रों को कार की टक्कर लगने और चालक के मौके से फरार होने की सूचना ने इलाके में चिंता बढ़ाई है। पुलिस ने वायरल वीडियो और CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अब जांच का मुख्य फोकस कार की पहचान, चालक तक पहुंचने, घायलों की मेडिकल स्थिति दर्ज करने और दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों को सामने लाने पर है। आरोपी की गिरफ्तारी और वाहन बरामद होने के बाद ही मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट होगी।










