आपने किसी गेंदबाज को गेंद फेंकने के लिए सबसे लंबा रनअप लेते हुए जरूर देखा होगा। आमतौर पर तेज गेंदबाजों का रनअप 30 गज के सर्किल के आसपास से शुरू होता है। लेकिन इंग्लैंड के सैम बोडोआनो ने इस परंपरा से हटकर एक अनोखा कारनामा किया है। उन्होंने मीटर नहीं, बल्कि करीब 100 किलोमीटर लंबा रनअप लेकर दौड़ लगाई और उसके बाद गेंद फेंककर विश्व रिकॉर्ड के लिए दावा पेश किया है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: क्रिकेट में गेंदबाज आमतौर पर कुछ मीटर के रनअप के बाद गेंद फेंकते हैं, लेकिन इंग्लैंड के सैम बोडोआनो ने इस परिभाषा को ही बदल दिया। उन्होंने एक गेंद फेंकने के लिए करीब 100 किलोमीटर की दूरी दौड़कर ऐसा अनोखा प्रयास किया है, जिसके लिए उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना दावा पेश किया है।
सैम ने लगभग 14 घंटे तक दौड़ने के बाद अपनी मंजिल तक पहुंचकर गेंद फेंकी। उनका यह प्रयास सिर्फ रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं था। इसके जरिए उन्होंने कैंसर से जुड़े एक नेक अभियान के लिए 6,000 पाउंड (करीब 7.65 लाख रुपये) जुटाए हैं। यह राशि द रूथ स्ट्रॉस फाउंडेशन को दी जाएगी।
लॉर्ड्स से शुरू हुई 100 किलोमीटर की दौड़
सैम बोडोआनो ने 29 और 30 अगस्त की रात इस अनोखे रनअप की शुरुआत लंदन स्थित ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड से की। क्रिकेट की सफेद पोशाक में दौड़ते हुए उनका लक्ष्य करीब 100 किलोमीटर दूर सरे के वोकिंग स्थित वैली एंड क्रिकेट क्लब तक पहुंचना था। सैम ने लगभग 14 घंटे तक दौड़ लगाई। इस दौरान उनका उद्देश्य सिर्फ तय दूरी पूरी करना नहीं था, बल्कि उस स्थान तक पहुंचकर क्रिकेट की गेंद फेंकना था। मंजिल पर पहुंचने के बाद उन्होंने अपने इस लंबे रनअप को गेंद फेंककर पूरा किया।
एक गेंद के लिए इतना लंबा रनअप क्रिकेट इतिहास में बेहद असाधारण प्रयास माना जा रहा है। आमतौर पर तेज गेंदबाज भी कुछ दर्जन मीटर से ज्यादा का रनअप नहीं लेते, जबकि सैम ने लगभग 100 किलोमीटर की दूरी तय की।
2024 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का दावा
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सैम बोडोआनो के इस प्रयास की खास वजह यह भी है कि उन्होंने पहले दर्ज रिकॉर्ड से कई गुना अधिक दूरी तय की है। उनके अनुसार, 2024 में टॉम डन ने करीब 24 किलोमीटर के रनअप के बाद गेंद फेंकने का रिकॉर्ड बनाया था। सैम ने करीब 100 किलोमीटर की दौड़ पूरी करके इस दूरी को काफी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने अपने प्रयास को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए आवेदन के रूप में जमा किया है।
हालांकि, अभी इस रिकॉर्ड को आधिकारिक मान्यता नहीं मिली है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की प्रक्रिया के तहत संबंधित दावे और उपलब्ध कराए गए सबूतों का सत्यापन किया जाएगा। इस औपचारिक जांच के पूरा होने के बाद ही यह तय होगा कि सैम का प्रयास आधिकारिक रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया जाएगा या नहीं। इस प्रक्रिया में करीब दो सप्ताह लगने की संभावना है।
एंड्रयू स्ट्रॉस की दिवंगत पत्नी की याद में बनी चैरिटी
सैम के इस अभियान का सबसे भावनात्मक पहलू इसका उद्देश्य है। उन्होंने अपने प्रयास के जरिए 6,000 पाउंड जुटाए हैं, जो द रूथ स्ट्रॉस फाउंडेशन को दिए जाएंगे। इस फाउंडेशन की स्थापना इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेट कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने अपनी पत्नी रूथ की याद में की थी। रूथ स्ट्रॉस का 46 वर्ष की उम्र में फेफड़ों के एक दुर्लभ प्रकार के कैंसर से निधन हुआ था।
फाउंडेशन कैंसर से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों की मदद करने के उद्देश्य से काम करता है। ऐसे में सैम का यह रिकॉर्ड प्रयास खेल और सामाजिक उद्देश्य के बीच एक खास जुड़ाव पेश करता है।
थकान के बावजूद बताया अनुभव को यादगार
लगभग 14 घंटे तक दौड़ने के बाद सैम बोडोआनो ने माना कि यह चुनौती शारीरिक रूप से आसान नहीं थी। उन्होंने बताया कि पूरी दौड़ के दौरान गेंद को अपने पास संभालकर रखना भी परेशानी भरा रहा। सैम के मुताबिक, उन्हें उम्मीद थी कि क्रिकेट की सफेद पोशाक में इतने लंबे समय तक दौड़ना काफी असहज होगा, लेकिन ऐसा उतना नहीं हुआ जितना उन्होंने सोचा था।
उन्होंने यह भी कहा कि वह बेहद थके हुए थे और उनकी नींद पूरी नहीं हुई थी, लेकिन इस प्रयास का उद्देश्य इतना महत्वपूर्ण था कि थकान इसके सामने छोटी लग रही थी।










