उत्तराखंड के नैनीताल जिले में लालकुआं क्षेत्र के हल्दूचौड़ में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। अंबिकापुरम कॉलोनी में चोरों ने करीब दो महीने से बंद पड़े एक मकान को निशाना बनाया और ताले तोड़कर लाखों रुपये के सोने के जेवरात चोरी कर लिए। घनी आबादी के बीच हुई इस वारदात के बाद इलाके में लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। चोरी की पूरी घटना आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हुई है, जिसके आधार पर पुलिस संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।
जानकारी के मुताबिक अंबिकापुरम स्थित जागनाथ भवन में कलावती भट्ट रहती हैं। स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते वह करीब दो महीने पहले अपने बेटों के पास दिल्ली चली गई थीं। मकान लंबे समय से बंद था और इसी का फायदा चोरों ने उठाया। शुक्रवार सुबह आसपास रहने वाले लोगों की नजर मकान के टूटे हुए दरवाजे और ताले पर पड़ी तो चोरी की जानकारी सामने आई। पड़ोसियों ने मामले की सूचना ग्राम प्रधान रुक्मणी नेगी को दी, जिसके बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी गई।
सूचना मिलते ही हल्दूचौड़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और मकान का निरीक्षण किया। घर के अंदर सामान अस्त-व्यस्त मिला। पुलिस ने चोरी के तरीके और चोरों के आने-जाने के रास्ते की जानकारी जुटाने के साथ आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद पुलिस अब इन तस्वीरों और वीडियो के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
परिजनों के अनुसार मकान में सोने के कई आभूषण रखे हुए थे। इनमें करीब ढाई से तीन तोले की सोने की चेन, लॉकेट, अंगूठी और कानों के झुमके समेत अन्य जेवर शामिल बताए गए हैं। चोर इन आभूषणों को समेटकर मौके से फरार हो गए। चोरी गए सामान की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। हालांकि चोरी हुए सभी सामान की वास्तविक कीमत और पूरी सूची पुलिस को दी जाने वाली तहरीर के बाद स्पष्ट हो सकेगी।
चोरी की वारदात में एक बात पुलिस के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चोरों ने घर में रखा मोबाइल फोन तक नहीं छुआ। इससे आशंका जताई जा रही है कि उनका मुख्य निशाना घर में रखे जेवर ही थे। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है कि क्या चोरों को मकान के लंबे समय से बंद होने और वहां रखे सामान के बारे में पहले से जानकारी थी या उन्होंने इलाके की रेकी करने के बाद इस घर को निशाना बनाया।
घनी आबादी के बीच बंद मकान का ताला तोड़कर लाखों के जेवर चोरी किए जाने से आसपास के लोगों में भी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि CCTV कैमरों में संदिग्धों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुई हैं तो पुलिस को जल्द से जल्द फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करनी चाहिए। लोगों ने इलाके में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की भी मांग की है।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज को जांच का अहम हिस्सा बनाया है। अधिकारियों की कोशिश है कि चोर किस दिशा से आए, कितनी देर तक मकान के आसपास रहे और वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुए, इसकी जानकारी जुटाई जा सके। आसपास के मकानों और रास्तों पर लगे कैमरों की फुटेज को जोड़कर पुलिस संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
फिलहाल मामले में चौकी प्रभारी अर्जुन गिरी गोस्वामी के अनुसार पुलिस को तहरीर मिलने का इंतजार है। तहरीर मिलने के बाद चोरी हुए सामान की विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी और उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध सुरागों के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
लालकुआं और आसपास के क्षेत्रों में बंद मकानों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बन रही हैं। ऐसे में पुलिस की जांच के साथ लोगों को भी अपने घर लंबे समय के लिए बंद छोड़ते समय पड़ोसियों को जानकारी देने, घर की निगरानी की व्यवस्था करने और CCTV कैमरे सक्रिय रखने की जरूरत है। इस घटना में भी CCTV फुटेज जांच के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हो रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और चोरी किए गए जेवरात कहां ले जाए गए। CCTV फुटेज से संदिग्धों की पहचान होने के बाद पुलिस उनके संभावित ठिकानों और आवाजाही के बारे में जानकारी जुटा सकती है। फिलहाल चोरी की इस घटना ने अंबिकापुरम कॉलोनी में लोगों को सतर्क कर दिया है और सभी की नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई पर है।









