कानपुर के बाबूपुरवा में भीकम सिंह पार्क की बदहाली के विरोध में वार्ड-105 के पार्षद मेराज गंदे पानी में लेट गए। उन्होंने अधिकारियों से जलभराव और गंदगी की समस्या दूर करने की मांग की। पार्षद ने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
कानपूर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में बारिश और जलभराव के बीच विरोध प्रदर्शन का एक अनोखा मामला सामने आया है। बाबूपुरवा इलाके के भीकम सिंह पार्क की बदहाल स्थिति से नाराज वार्ड-105 के पार्षद मेराज खुद पार्क में जमा गंदे पानी में लेट गए। उन्होंने इस तरह विरोध जताते हुए अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करने की मांग की।
पार्षद का आरोप है कि पार्क लंबे समय से जलभराव और गंदगी की समस्या से जूझ रहा है। बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गई है। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी गई और पत्र भी सौंपे गए, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
गंदे पानी में लेटकर जताया विरोध
पार्षद मेराज ने कहा कि बार-बार शिकायत और अधिकारियों को जानकारी देने के बावजूद जब पार्क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो उन्होंने विरोध का यह तरीका अपनाया। वह पार्क में जमा गंदे पानी के बीच लेट गए और जिम्मेदार विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
उनका कहना है कि यह प्रदर्शन किसी व्यक्तिगत मांग को लेकर नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों की परेशानी को सामने लाने के लिए किया गया है। उनके मुताबिक, पार्क में लंबे समय से पानी जमा होने के कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
पार्षद ने संकेत दिया कि जब तक अधिकारियों की ओर से समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह अपने विरोध से पीछे नहीं हटेंगे।
करीब एक साल से खराब हैं पार्क के झूले
पार्षद मेराज ने पार्क की दूसरी समस्याओं का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, भीकम सिंह पार्क में बच्चों के लिए लगाए गए झूले करीब एक साल से टूटे हुए हैं।
उनका आरोप है कि लंबे समय से झूले खराब पड़े हैं, लेकिन उन्हें ठीक नहीं कराया गया। इससे पार्क में आने वाले बच्चों को परेशानी होती है और मनोरंजन के लिए उपलब्ध सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि पार्क की स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। रात के समय रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय लोगों को असुविधा होती है। जलभराव, गंदगी, टूटे झूले और खराब लाइटों को लेकर उन्होंने संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
बारिश के बाद बढ़ी जलभराव की समस्या
कानपुर में बारिश के बीच कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। भीकम सिंह पार्क में भी बारिश का पानी जमा होने से समस्या गंभीर हो गई।
पार्षद के अनुसार, पार्क में जमा पानी साफ नहीं होने के कारण वहां गंदगी की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि पानी के लंबे समय तक जमा रहने से पार्क का इस्तेमाल करने वाले स्थानीय लोगों को परेशानी होती है।
पार्क सार्वजनिक स्थान होने के कारण यहां बच्चों और स्थानीय निवासियों की आवाजाही रहती है। ऐसे में पार्षद ने पार्क की साफ-सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
कई बार अधिकारियों से शिकायत का दावा
पार्षद मेराज का कहना है कि पार्क की बदहाली को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार जानकारी दी गई। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों को पत्र भी दिए गए, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
उनके मुताबिक, बार-बार शिकायत करने के बाद भी जब स्थिति जस की तस रही तो उन्होंने विरोध के लिए सीधे मौके पर प्रदर्शन करने का फैसला किया।
पार्षद का कहना है कि केवल आश्वासन देने से समस्या हल नहीं होगी। उनका उद्देश्य जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान पार्क की वास्तविक स्थिति की ओर आकर्षित करना और स्थानीय लोगों को राहत दिलाना है।
प्रदर्शन देखने के लिए जुटे लोग
पार्षद को गंदे पानी में लेटे देखकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। प्रदर्शन ने स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया और पार्क की स्थिति को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
प्रदर्शन के दौरान पार्षद ने कहा कि वह क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाने के लिए जिम्मेदार हैं। उनका दावा है कि स्थानीय लोग लंबे समय से पार्क की बदहाली से परेशान हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पार्क में जमा पानी की निकासी कराई जाए, गंदगी साफ कराई जाए और बच्चों के टूटे झूलों तथा खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराई जाए।
पार्षद ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
मेराज ने कहा कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो विरोध प्रदर्शन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलभराव, गंदगी और पार्क की खराब सुविधाओं को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उनके अनुसार, जब तक जिम्मेदार विभाग पार्क की समस्याओं पर ठोस कार्रवाई नहीं करते, तब तक वह पीछे हटने वाले नहीं हैं।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में संबंधित प्रशासनिक या विभागीय अधिकारियों की ओर से इस विरोध और लगाए गए आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए पार्क की समस्याओं और शिकायतों पर प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
सार्वजनिक पार्क की सुविधाओं पर उठे सवाल
भीकम सिंह पार्क की स्थिति को लेकर उठी शिकायतें केवल जलभराव तक सीमित नहीं हैं। पार्षद ने पार्क में साफ-सफाई, बच्चों के झूलों और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं।
सार्वजनिक पार्क स्थानीय समुदाय के लिए मनोरंजन, बच्चों के खेलने और लोगों के खुले वातावरण में समय बिताने की महत्वपूर्ण जगह होते हैं। ऐसे स्थानों में लंबे समय तक पानी जमा रहने या बुनियादी सुविधाएं खराब होने से उनके इस्तेमाल पर असर पड़ सकता है।
बारिश के मौसम में जलनिकासी व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि पानी लंबे समय तक जमा रहे तो पार्क की जमीन और वहां मौजूद सुविधाओं को भी नुकसान पहुंच सकता है।
अब अधिकारियों की कार्रवाई पर नजर
पार्षद के अनोखे विरोध के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित विभाग पार्क की समस्याओं को लेकर क्या कदम उठाते हैं।
फिलहाल मेराज ने जलभराव और गंदगी की समस्या के साथ टूटे झूलों तथा खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने और समाधान करने की अपील की है।
कानपुर में बारिश के बीच सामने आया यह विरोध स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा भी सामने लाता है। एक निर्वाचित पार्षद का गंदे पानी में लेटकर प्रदर्शन करना इस बात का संकेत है कि पार्क की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ रहा है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग जलभराव और साफ-सफाई की समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं और लंबे समय से खराब बताई जा रही पार्क की अन्य सुविधाओं को कब दुरुस्त किया जाता है।








