गुरुग्राम में ऑनलाइन सल्फास मंगाकर छात्र ने दी जान, चार महीने बाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और विक्रेता पर केस

गुरुग्राम में 17 वर्षीय छात्र की सल्फास खाने से मौत के चार महीने बाद पुलिस ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और गुजरात के विक्रेता पर केस दर्ज किया।

गुरुग्राम के टीकली में 17 वर्षीय छात्र की सल्फास खाने से मौत के चार महीने बाद पुलिस ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और गुजरात के विक्रेता के खिलाफ केस दर्ज किया है। कार्रवाई छात्र की मां की शिकायत और कोर्ट की याचिका के बाद हुई।

गुरुग्राम: बादशाहपुर क्षेत्र के टीकली में अप्रैल में 17 वर्षीय छात्र की सल्फास खाने से मौत के मामले में पुलिस ने चार महीने बाद कार्रवाई की है। छात्र ने 11 अप्रैल को एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सल्फास मंगाया था। छात्र की मां की शिकायत और कोर्ट में दायर याचिका के बाद बादशाहपुर पुलिस ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और गुजरात स्थित विक्रेता परमार पंकज भारत भाई के खिलाफ केस दर्ज किया है।

मोबाइल की जांच से सामने आया ऑनलाइन ऑर्डर

पुलिस के अनुसार, छात्र ने हाल ही में 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी। 28 अप्रैल को जहरीला पदार्थ खाने के बाद उसकी मौत हो गई। शुरुआती कार्रवाई छात्र के पिता के बयान के आधार पर की गई थी।

बेटे की मौत के बाद उसकी मां ने मोबाइल फोन की जांच की। इसी दौरान उन्हें पता चला कि 11 अप्रैल को छात्र के मोबाइल से एक कंपनी के ऐप के जरिए सल्फास का ऑर्डर किया गया था। इस जानकारी के सामने आने के बाद मां ने मामले में आगे कार्रवाई की मांग की।

गुजरात के विक्रेता से भेजा गया था जहरीला पदार्थ

शिकायत के अनुसार, सल्फास गुजरात के सूरत स्थित एक कंपनी से भेजा गया था। पीड़ित मां ने पुलिस और अदालत के समक्ष आरोप लगाया कि सल्फास जैसे जहरीले पदार्थ की बिक्री आम लोगों को बिना उचित जांच के नहीं की जानी चाहिए।

मां का आरोप है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और विक्रेता ने नियमों का पालन किए बिना नाबालिग को जहरीला पदार्थ उपलब्ध कराया। उन्होंने इसे अपने बेटे की मौत से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

कोर्ट की याचिका के बाद दर्ज हुआ मामला

मामला कोर्ट तक पहुंचने के बाद बादशाहपुर पुलिस ने गांव टीकली जाकर छात्र की मां के बयान दर्ज किए। इसके बाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और सूरत स्थित विक्रेता परमार पंकज भारत भाई, जो एवरग्रीन एग्रो एंड गार्डनिंग मॉल से संबंधित बताए गए हैं, के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

पुलिस अब ऑनलाइन ऑर्डर, सप्लाई और डिलीवरी से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। मामले की जांच एएसआई संजीव कुमार को सौंपी गई है।

बिक्री और सप्लाई की प्रक्रिया की जांच

पुलिस की जांच का एक प्रमुख पहलू यह पता लगाना है कि नाबालिग द्वारा ऑनलाइन सल्फास का ऑर्डर कैसे किया गया और उसे किस प्रक्रिया के तहत सप्लाई की गई। पुलिस संबंधित ऑनलाइन रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।

फिलहाल पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सल्फास की बिक्री और सप्लाई में किन नियमों का उल्लंघन हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

Leave a comment