हरिद्वार में कांवड़ मेले के पहले दिन हुई तेज बारिश से सूखी नदी में अचानक सैलाब आ गया। कई वाहन तेज बहाव में बह गए, जबकि शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हरिद्वार: कांवड़ मेले की शुरुआत के साथ हरिद्वार में हुई मूसलाधार बारिश ने एक ओर मौसम सुहावना बना दिया, तो दूसरी ओर जनजीवन को प्रभावित कर दिया। तेज बारिश के कारण खड़खड़ी स्थित सूखी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ गया और कई वाहन तेज बहाव में बह गए। वहीं शहर के कई इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
तेज बारिश से सूखी नदी बनी उफनती धारा
गुरुवार को सुबह मौसम साफ रहने के बाद करीब 11 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जो दोपहर तक जारी रही। लगातार हुई वर्षा के कारण खड़खड़ी क्षेत्र की सूखी नदी में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया। देखते ही देखते नदी का जलस्तर बढ़ने लगा और किनारे खड़े कई वाहन तेज बहाव में बह गए। कुछ वाहन पानी के साथ बहते हुए आगे जाते भी दिखाई दिए। इस घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

उधर पर्वतीय क्षेत्रों और मैदानी जिलों में लगातार बारिश के कारण गंग नहर में सामान्य से अधिक सिल्ट आने लगी। इसके चलते प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गंग नहर को बंद कर दिया। वहीं भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर भी बढ़ा हुआ दर्ज किया गया।
शहर के कई हिस्सों में जलभराव से बढ़ी मुश्किलें
बारिश का सबसे अधिक असर भगत सिंह चौक रेलवे पुलिया के नीचे देखने को मिला, जहां भारी जलभराव के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। भेल और सिडकुल की ओर जाने वाले लोगों को पुराना रानीपुर मोड़ होकर वैकल्पिक मार्ग से गुजरना पड़ा।
चंद्राचार्य चौक पर समय रहते पंपसेट लगाकर पानी की निकासी कर दी गई, लेकिन कई अन्य स्थानों पर लंबे समय तक पानी भरा रहा। भूपतवाला, भीमगोड़ा, ज्वालापुर और कनखल क्षेत्र के कई हिस्सों में भी सड़कें पानी से लबालब हो गईं, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
नगर निगम की टीम ने संभाला मोर्चा
जलभराव की सूचना मिलते ही नगर निगम की टीमें विभिन्न इलाकों में पहुंचीं और पंपसेट की मदद से पानी निकालने का काम शुरू किया। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी ताकि यातायात जल्द सामान्य हो सके।
बहादराबाद स्थित सौर वेधशाला के अनुसार गुरुवार को शहर में 11.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत जरूर मिली, लेकिन जलभराव ने दैनिक गतिविधियों को प्रभावित किया।
सड़क धंसने से महिला घायल
कनखल क्षेत्र के लाटोवाली और आसपास के इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी रही। ललतारो पुल के पास लगातार बारिश के कारण सड़क का एक हिस्सा धंस गया। इस दौरान वहां से गुजर रही एक महिला सड़क धंसने के कारण गिरकर घायल हो गई। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पार्षद, नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू कराया।
कांवड़ मेले के बीच प्रशासन अलर्ट
कांवड़ मेले की शुरुआत के साथ लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाली नदियों के आसपास जाने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।












