हिमाचल विधानसभा में पेंशनरों की देनदारी पर घमासान, सुक्खू बोले- भुगतान जारी; जयराम ने धरने पर घेरा

हिमाचल विधानसभा में पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभ पर सुक्खू और जयराम ठाकुर आमने-सामने आए। CM ने भुगतान जारी होने का दावा किया, विपक्ष ने सवाल उठाए।

हिमाचल विधानसभा में पेंशनरों और कर्मचारियों के वित्तीय लाभ को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए। मुख्यमंत्री सुक्खू ने भुगतान का दावा किया, जबकि जयराम ठाकुर ने धरना दे रहे पेंशनरों को लेकर सरकार से सवाल किए।

 शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वित्तीय लाभ और लंबित देनदारियों को लेकर गुरुवार को सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 67 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनरों के सभी लाभ जारी कर दिए गए हैं, जबकि 58 से 67 वर्ष के पेंशनरों का भुगतान जल्द होगा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार के दावे पर सवाल उठाए।

67 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनरों का भुगतान जारी

प्रश्नकाल के दौरान विधायक दीप राज के मूल सवाल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर व विधायक जनक राज के प्रतिपूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि 67 वर्ष से अधिक आयु के सभी पेंशनरों के वित्तीय लाभ जारी किए जा चुके हैं।

हिमाचल विधानसभा में पेंशनरों की देनदारी पर घमासान, सुक्खू बोले- भुगतान जारी; जयराम ने धरने पर घेरा

मुख्यमंत्री ने बताया कि 58 से 67 वर्ष की आयु वाले पेंशनरों के सभी लंबित लाभ भी जल्द जारी किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के सभी पेंशनरों को हर महीने की पहली तारीख को पेंशन दी जा रही है।

पिछली सरकार पर 10 हजार करोड़ से अधिक की देनदारी छोड़ने का आरोप

मुख्यमंत्री सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जब सत्ता से बाहर हुई थी, तब कर्मचारियों के 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी लंबित थी। मौजूदा सरकार इन देनदारियों का चरणबद्ध तरीके से भुगतान कर रही है।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 1 अप्रैल 2023 तक 76,767 करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ा था। इसके अलावा छठे वेतन आयोग से जुड़ी करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां भी लंबित थीं।

मुख्यमंत्री ने केंद्र से मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (RDG) का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक पिछली सरकार के समय केंद्र से RDG में 47 हजार करोड़ रुपये और GST प्रतिपूर्ति के रूप में 13 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जबकि उनकी सरकार को RDG के तहत केवल 17 हजार करोड़ रुपये मिले हैं।

जयराम ठाकुर ने पूछा- भुगतान हो गया तो धरना क्यों?

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों का बकाया चुका दिया है, तो वे धरना-प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं।

उन्होंने RDG बंद होने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। जयराम ठाकुर ने कहा कि RDG बंद हुए अभी एक साल ही हुआ है और सरकार को बताना चाहिए कि उससे पहले उपलब्ध राशि का भुगतान क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1,500 करोड़ रुपये की राशि का उल्लेख किए जाने पर भी सवाल उठाया। जयराम ने कहा कि आपदा राहत की राशि का इस्तेमाल वेतन और पेंशन के भुगतान के लिए नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री ने जवाब में कहा कि धरने पर बैठना हर व्यक्ति का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि धरने के माध्यम से अपनी मांगों को लेकर जागरूक करने वालों को भी वह सम्मान देते हैं।

लखनपाल ने एकल और विधवा महिलाओं का मुद्दा उठाया

विधानसभा में विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने एकल महिलाओं, परित्यक्ता और विधवा महिलाओं से जुड़े आवास के मुद्दे पर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि ऐसी महिलाओं के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना से वंचित पात्र महिलाएं प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य योजनाओं के तहत आवेदन कर सकती हैं। सरकार उनके आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर विचार करेगी।

वहीं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने मूल सवाल के जवाब में बताया कि पिछले तीन वर्षों में 1 अगस्त 2026 तक मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत वित्त वर्ष 2024-25 में केवल एक विधवा लाभार्थी को लाभ मिला है। इस लाभार्थी को आवास निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपये की सहायता दी गई है।

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