भारत की सबसे बड़ी जिंक उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप की इस कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुनाफे में मजबूत बढ़त दर्ज की है।
बिजनेस न्यूज़: वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के शानदार वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। जून 2026 में समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी के मुनाफे और परिचालन राजस्व में सालाना आधार पर जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के प्रदर्शन में सिल्वर यानी चांदी कारोबार की अहम भूमिका रही, जिसने कुल आय और मुनाफे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 24 जुलाई 2026 को हुई बैठक के बाद जारी आंकड़ों के अनुसार, हिंदुस्तान जिंक का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) पहली तिमाही में ₹5,469 करोड़ रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ ₹2,234 करोड़ था। इस तरह सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे में करीब 145 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
रेवेन्यू में भी जोरदार उछाल
हिंदुस्तान जिंक के वित्तीय प्रदर्शन में केवल मुनाफे की ही नहीं, बल्कि राजस्व की भी मजबूत वृद्धि देखने को मिली। कंपनी का परिचालन से प्राप्त राजस्व वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बढ़कर ₹13,747 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा ₹7,771 करोड़ था। इस तरह कंपनी के परिचालन राजस्व में साल-दर-साल करीब 77 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के अनुसार, बेहतर धातु कीमतों, उत्पादन प्रदर्शन और विशेष रूप से सिल्वर कारोबार से मिले मजबूत योगदान ने तिमाही के वित्तीय नतीजों को मजबूती दी।
सिल्वर बिजनेस बना ग्रोथ का बड़ा इंजन
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हिंदुस्तान जिंक के प्रदर्शन में सिल्वर सेगमेंट सबसे महत्वपूर्ण ग्रोथ ड्राइवर के तौर पर उभरा। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में सिल्वर कारोबार से कंपनी को ₹1,426 करोड़ का राजस्व मिला था। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में यह बढ़कर ₹3,839 करोड़ हो गया। इससे साफ है कि कंपनी के सिल्वर कारोबार में एक साल के भीतर उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
वैश्विक बाजार में चांदी की कीमतों और मांग से जुड़े सकारात्मक माहौल का भी कंपनी के प्रदर्शन को फायदा मिला। चांदी हिंदुस्तान जिंक के कारोबार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और हालिया तिमाही में इसने कंपनी की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
जिंक और लेड कारोबार का भी मजबूत प्रदर्शन
सिल्वर के अलावा कंपनी के जिंक, लेड और अन्य मेटल्स कारोबार ने भी कुल राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन कारोबारों से पहली तिमाही में ₹9,146 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹6,116 करोड़ था। कंपनी का विंड एनर्जी कारोबार अपेक्षाकृत स्थिर रहा। इस सेगमेंट से पहली तिमाही में ₹48 करोड़ का राजस्व दर्ज किया गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह ₹49 करोड़ था।
हिंदुस्तान जिंक ने अपने शेयरधारकों के लिए भी डिविडेंड की घोषणा की थी। कंपनी के बोर्ड ने 24 अप्रैल 2026 को ₹11 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम लाभांश को मंजूरी दी थी। इस डिविडेंड की कुल राशि करीब ₹4,648 करोड़ बताई गई थी। डिविडेंड के साथ कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजे निवेशकों के लिए भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मुनाफे और राजस्व में तेज वृद्धि के बीच अब बाजार की नजर कंपनी के आगामी तिमाहियों के प्रदर्शन पर रहेगी।









